पति के बॉस से सामूहिक चुदाई

मैं कोमल, 34 साल की antarvasna शादीशुदा महिला kamukta मैं मथुरा से हूं। पतिदेव का अच्छा खासा बिजनेस है। हमें हाई क्लास की फेमिली में शुमार किया जा सकता है। करीब 3साल पहले तक मैं एक बहुत ही सीधी-सादी महिला थीं। पर पति के उकसाने और अपनी छिपी हुई फेंटासी के कारण आज आपके सामने अपने अनुभव शेयर करने तक की हिम्मत आ गई है। मैंनें इस फोरम के बारे में अपने पति से ही जाना। अपने Group chudai stories लिखते समय भी बीच-बीच में उनकी सहायता जरूर लूंगी। पहली बार कुछ बताने की कोशिश कर रहीं हूं। अगर कोई गलती हो तो माफ करियेगा।

पहले हम मुंबई के एक सबर्ब में रहते धे और मेरी जिंदगी के बदलाव की कहानी वहीं से शुरू होती है। 2 साल पहले मथुरा शिफ्ट हुए और यहां भी उसी सिलसिले को जारी रखने में सफलता मिली। बहुत ज्यादा तो नहीं पर सप्ताह में एक या दो बार जरूर आपके समक्ष आऊंगी।
अपने बारे में बता दूं आपको। मैं इतनी सुंदर तो हूं कि लोग मुझे देखकर नजरें न हटा सकें। लोग तो यह भी कहते हैं कि मैं अपनी उम्र से छोटी लगती हूं। मेरे सीने की साइज़ 34 है और मेरे चुतड 37 के हैं। मेरे शरीर का सबसे आकर्षक पार्ट मेरे चुतड ही है। जब मैं चलती हूं तो पीछे वाले की आह जरूर निकलती है। मैं ज्यादा तर साड़ी पहनती हूं जिसके ब्लाउज काफ़ी लो कट होते हैं और मैं साड़ी अपनी नाभि के काफी नीचे बांधती हूंऔर एकदम टाईट भी जिससे मेरे चुतडो का उभार स्पष्ट नजर आये। जब मैं कुर्ता और लेगिंग पहनती हूं तो वो भी एकदम टाईट और साइड से खुला हुआ होता है। मैं अपने एक एक अनुभव आपसे शेयर करुंगी। अगर आपको इनमें सच्चाई लगे तो मेरी और मेरे पति की हौसला अफजाई करियेगा वरना इसको फेंटासी मानकर मजे लीजिएगा।

ये सब तब शुरू हुआ जब हम बरसात के दिनों में लोनावला गए थे। होटेल के कमरे में मियां बीबी के बीच के उन अंतरंग पलों में रवि ने कहा कि क्यों न हम इन दिनों को यादगार बनायें। मैंने कहा वो कैसे तब उन्होंने कहा कि चलो बाहर जाते हैं और कुछ अनजान लोगों के साथ टीस करते हैं। ये पहली बार नहीं था। इससे पहले भी कभी मूवी में या मोल में मैंने अपने आपको एक्सपोज किया था। पर वो सब देखने दिखाने और कुछ कोमेंटस् तक ही सीमित था। उस दिन बरसात हो रही थी और मैंने साड़ी पहनी थी। रवि के जोर देने पर साड़ी काफी नीचे बांधी थी और अपने लो कट ब्लाउज के ऊपर का एक बटन भी खुला छोड़ दिया था।
हम बाजार पहुंचे और गाड़ी से उतरकर दुकान तक पहुंचते में मैं काफी भीग गयी थी। रवि ने मुझे कहा कि मैं दुकान में जाकर चिक्की आदि खरीदने के बहाने उन सेल्समैनो को टीज करूं। वहां भीड कुछ ज्यादा ही थी। मैं काउंटर के सामने खड़े लोगों के पीछे पहूंची। मेरे पीछे भी लोग खड़े थे। मैंने अपने पीछे कुछ दबाव महसूस किया और देखा तो एक 50 – 55 का आदमी मुझसे सटकर खड़ा है। रवि तो पहले से ही एक तरफ खड़ा होकर मुझे देख रहा था। मुझे अनकम्फर्टेबल फील हो रहा था। मैंने रवि की तरफ देखा तो उसने मुझे इशारे से वहीं रहने को कहा। इतने में मैंने महसूस किया कि वो आदमी एकदम मेरे पीछे आकर खड़ा हो गया है। अब मैं अपनी गांड पर उसके लंड को महसूस करने लगी। मेरी ओर से कोई भी विरोध न पाकर उसके हाथ मेरी कमर पर आ गये और उसने मुझे कमर से पकड़कर अपनी ओर खींचा। मुझे मजा आने लगा। मैंने एकबार फिर से रवि को देखा तो उसने इशारे से मुझे कहा केरी ओन।
उस आदमी ने अपने लंड का दबाव मेरी गांड पर डाला तब मैंने भी अपनी गांड पीछे करके उसे दबा दिया। अब मेरे आगे से भीड खतम हो गई थी और मैं काउंटर पर पहुंच चुकी थी। वो मेरे पीछे ही था उसने मेरी गांड पर और दबाव डाला। मैं सेल्समैन को चिक्की दिखाने को कह रही थी उसे भी मेरे ब्लाउज के ऊपर से मेरी क्लीवेज डीप तक दिखाई दे रही थी। मैंने उसको अपने बुब्स की और एकटक देखते हुए पाया। पीछे से मेरा गांड मर्दन चल रहा था। उस आदमी ने मुझे मजे लेते हुए देखकर अपना एक हाथ काउंटर और मेरे आगे के भाग के बीच डाल दिया और वो हाथ से मेरी जांघ सहलाने लगा। उसका लंड मेरी गांड की दरार में फिट हो चुका था। जब तक सेल्समैन ने सामान वेट किय और पेक किया उस आदमी ने अपने लंड से मेरा गांड मर्दन चालू रखा और एक हाथ से आगे से मेरी साडी के ऊपर से मेरी पेंटी पर सहलाता रहा।
मैं बहुत गर्म हो गई थी। मेरा सामान भी पेक हो गया था और मैंने पेमेंट किया और जब तक वो मुझे चेंज देता मैंने अपना हाथ पीछे ले जाकर उस आदमी के लंड को पकडकर जोर से दबा दिया और जल्दी से भीड से बाहर निकल आई। सोचती हूं कि न जाने उस वक्त मुझमें वो हिम्मत कहां से आई।
इसके बाद में और रवि जब होटल आये तब हमने उस वाकये को याद करते हुए जोरदार सेक्स किया और रवि मुझे उस अंकल का नाम ले लेकर चोदते रहे।
इसके बाद जब भी हम कहीं बाहर जाते तो इसी तरह अनजान लोगों के साथ वो मुझे ग्रोप होते देखते और घर आकर फिर उसका नाम लेकर मेरी चुदाई करते। फिर एक दिन ऐसे ही चुदाई करते समय उन्होंने कहा कि कोमल मैं तुम्हें असली में ये करते देखना चाहता हूं। मैंने इसे मजाक में लिया पर वो फिर हरबार यही दोहराते रहे। एकदिन हम रात को चुदाई कर रहे थे तो उन्होंने कहा कि फर्ज करो कि अगर तुम्हें किसी और के साथ ये करना है तो तुम किसके बारे में सोचती हो। काफी देर तक पूछने के बाद मेरे मुँह से निकल गया-आशिश तो वो बोले कौन आशिश, मेरा बोस?

जब मेरे पति ने मुझे पूछा कि कौन विक्रम मेरा बोस? तो मैने शर्माते हुए कहा हां, इसपर वो खुश होते हुए बोले – क्या तुम उनसे चुदवाओगी?
मैं-अरे नहीं, मैं तो सिर्फ़ फेन्टासी में ही ऐसा सोच रही थी। तो वो बोले कि ठीक है और फिर हम जब भी चुदाई करते थे तो रवि मुझे बोस का नाम लेकर चोदते धे। वो कहते लो कोमल विक्रम का लंड, बोलो कैसा लगा मेरे बोस का लंड? मजा आ रहा है ना? धीरे-धीरे मै भी उनकी बातों से मस्त होने लगी और मैं चुदाई के वक्त बोस का नाम लेने लगी।
मैं कहती – वाह बोस क्या मस्त है तुम्हारा लंड, लाओ इसे मेरे मुँह में दो और मैं रवि का लंड मुंह में लेकर चुसती। हम दोनों तकरीबन हरबार बोस के बारे में सोचकर और गंदी बातें बोलकर चुदाई करते।
जब हम मुंबई में थे तब विक्रम और रवि साथ में मिलकर कंपनी चलाते थे। वैसे तो रवि वर्किंग पार्टनर थे कंपनी में पर सारा पैसा विक्रम का ही लगा हुआ था और इसीलिए हम विक्रम को बोस ही कहते थे।

रवि मुझे किसी और से चुदने के लिए उकसाते रहते थे। फिर एक दिन जब रात को हम काफ़ी गर्म हो गए और रवि ने कहा कि बोलो अब तुम्हें किसका लंड चाहिए, मेरा या विक्रम बोस का? मैं बहुत गर्म थी। मैंने कहा बोस का तो वो बोले कि कब बुलाऊं बोस को। मैंने भी कह दिया जब भी आपका मन करे। इसके बाद उन्होंने मुझे बोस के नाम से बड़े ही वाइल्ड तरीके से चोदा।
चुदाई पूरी होने पर जब मैं बाथरूम जाकर आई तो रवि वापस वही बात करने लगे और मुझे कहने लगे कि एकबार तुम बोस से चुदवा लो मैं तुम्हें किसी और से चुदते देखना चाहता हूं। मैंने हंसकर उनकी बात टालने की कोशिश की पर आज वो बात छोड़ ही नहीं रहे थे। इसपर मैने पूछा कि अगर मैं हां कह भी दूं तो भी बोस को कैसे बताओगे? इसपर वो बोल कि तुम साथ दो और जैसा मै कहूं करती जाओ बाकी सब मैं देख लूंगा।
विक्रम बोस उम्र में मुझसे भी 2 साल छोटे हैं और वो दिखने में भी स्मार्ट हैं। मैं जब भी उनसे मिली थी तो उनके मजाकिया स्वभाव और उनके शारीरिक बनावट से उनकी ओर आकर्षित थी। मैंने यह भी महसूस किया था कि वे भी मुझमें रुचि लेते हैं और मौका मिलते ही मुझे टच करने की कोशिश करते हैं। मैं उनकी नजर मेरे खास अंगों पर महसूस करती थी।
दो दिन बाद रवि ने मुझे बताया कि बोस अगले दिन शाम को हमारे घर आयेंगे और उन्होंने मुझे बोस के लिए एकदम सेक्सी साडी पहनने को कहा। मैं उसदिन काफी नर्वस भी थी और कुछ हद तक एक्साइटेड भी। रवि ने कहा था कि घबराना नहीं है और जैसा वो कहते जाए मुझे वैसे ही करना है।
शाम को बोस के आने से पहले मैं नहाकर बाहर आई और जब मैं आइने के सामने खड़ी थी तो न जाने मुझे क्या सुझा और मैं वापस बाथरूम मे गई और रेजर से अपने नीचे के बाल साफ किए। अब मेरी चूत एकदम साफ और चिकनी हो गयी थी। मैं आइने में देखकर अपने आप से शर्मा रही थी। फिर मैंने अपनी सबसे अच्छी पेंटी और ब्रा निकालीं। मेरी पिंक पेंटी के बीच में जालीदार कपड़ा था और उसमें से जैसे मेरी चूत लुकाछिपी खेल रही थी। ब्रा भी पिंक थी और मेरे बुब्स को बड़ी मुश्किल से सम्हाल पा रही थी। मैंने एक बहुत टाइट पेटीकोट पहना और मेरा ब्लाउज़ भी एकदम लो कट था और उसमें से मेरा बहुत सारा क्लीवेज दिख रहा था। इसके बाद मैंने एक पिंक कलर की सीफोन की साड़ी पहनी जो मेरी डीप नेवल से काफ़ी नीचे बंधी हुई थी। कुल मिलाकर मैं इस तरह तैयार हुई थी कि अगर कोई भी मुझे देखता तो शर्तिया मेरा रेप कर देता।
आखिर वो पल आ ही गया और जैसे ही बेल बजी मैं दरवाजा खोलने जा रही थी उस समय सच मानिए मेरे पेट में जैसे तितलियां उड रही थीं। मैंने दरवाजा खोला तो सामने बोस खड़े थे, उन्होंने एक टाइट टी शर्ट और जिन्स पहन रखी थी। हम दोनों एक-दूसरे को देखते हुए खड़े थे कि पीछे से रवि ने कहा कि बोस को अंदर नहीं बुलाओगी। मैंने कहा आइए बोस, आपका ही घर है। बोस अंदर आए और बोले भाभी आप बहुत अच्छी लग रही हैं। मैं उनको धन्यवाद देते हुए किचन में गयी और उन्हें पानी दिया। रवि ने मुझसे कहा कि गिलास वगैरह ले आओ और तुम भी आ जाओ ड्रिंक लेने तो मैने मना कर दिया और उनसे कहा कि आप लोग लिजिए। वो लोग ड्रिंक्स करने लगे। इस दौरान बोस ने तीन चार बार रवि से कहा कि भाभी बहुत अच्छी लग रही है। मैंने ड्रिंक्स नहीं ली क्योंकि मैं इन पलों को अपने पूरे होश मैं मानना चाहती थी। मैंने अपने आपको अंदर से इस सबके लिए तैयार कर लिया था।
थोड़ी देर बाद जब मैं किचन में खाने की तैयारी कर रही थी तो रवि और बोस अचानक किचन में आए और रवि मुझसे कहने लगे कि कोमल बोस कह रहे हैं कि तुम बहुत अच्छी लग रही हो और मैं पूछ रहा हूं कि ऐसा क्या अच्छा लग रहा है आपको कोमल में तो बोलने से शर्मा रहे हैं। अब तुमसे ही कहेंगे शायद। फिर रवि ने जब बोस से मेरे सामने पूछा तो वो बोले कि भाभी पीछे से बहूत होट लग रही है। रवि ने कहा कि पीछे से क्या मतलब जरा खुल के बताइये। बोस ने कहा रहने दो भाभी नाराज हो जायेगी। तब रवि ने कहा कि नहीं होगी नाराज और मुझे इशारा किया तो मैने कहा बोस बोलिए ना मै भला आपसे कैसे नाराज हो सकती हूं। वो दोनों नशे में तो थे ही। तब बोस ने कहा कि भाभी की गांड बहुत अच्छी है। इसपर रवि ने कहा कि आपको कैसे पता आपने तो कभी छुई ही नहीं। मैं शर्म के मारे मरी जा रही थी। फिर रवि ने एकदम से बोस का हाथ पकड़कर मेरी गांड पर रखते हुए कहा लिजिए बोस छूकर देख लीजिये कैसी है भाभी की गांड। बोस तो जैसे इंतजार में ही थे उन्होंने मेरी गांड जोर से दबाई और पीछे से आकर मुझसे सट गए। उन्होंने एक हाथ से मेरी गांड दबाते हूए दुसरे हाथ से मुझे अपने से चिपका लिया और मेरी गर्दन और कंधों को चूमने लगे। मैं भी उनसे चिपट रही थी और अपनी गांड को पीछे करके उनके पेंट पर दबा रही थी।
हम दोनों एक-दूसरे से चिपके हुए थे कि रवि बोले-बोस जरा आराम से, आइए भाभी को हॉल में लेकर आइए और आराम से सोफे पर बिठाइए। बोस मुझे वैसे ही पकडे हुए करीब-करीब खींचते हुए हॉल में ले गए और सोफे पर बैठते हूए मुझे खींचकर अपनी गोद में बिठा दिया। मैंने अपनी बांहें उनके गले में डाल दी। उनके होंठ मेरे होंठों पर आ गए और हम किस करने लगे। रवि हमारे सामने ही बैठे थे। एक 2 या 3 मिनट की जोरदार किस के बाद बोस ने मेरा पल्लू हटाया और मेरे क्लीवेज को देखकर बोले वाह भाभी आप तो आगे से भी बहुत मस्त हैं। और वो मेरे ब्लाउज के ऊपर से ही मेरे बुब्स दबाते हुए चूमने लगे। इसपर रवि खड़े होकर हमारे पास आए और बोस को बोले रुकिए बोस मैं आपकी मदद कर दूं। हम रवि को देखने लगे तो उन्होंने आगे बढ़कर मेरे ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए और फिर मेरा ब्लाउज खोलकर मेरे ब्रा में कैद बुब्स बोस को दिखाते हुए बोले कि लिजिए अब चुमिये इन्हें।
बोस तो जैसे पागल हुए जा रहे थे। मैं भी गर्म हो रही थी और रवि की करतुतों पर आश्चर्य कर रही थी पर साथ ही साध बहुत इरोटिक फील कर रही थी। बोस मेरी ब्रा के ऊपर से अधखुले बुब्स को चुम रहे थे, चाट रहे थे। फिर रवि ने वापस हमे चकित किया और मेरी ब्रा का हूक खोलकर और मेरे बुब्स को पकडकर बोस के सामने परोसते हूए कहा लो बोस ये आपके लिये हैं अब इनको पुरा प्यार कीजिए। बोस मेरे बुब्स को देखकर पागल हो गये और एक बुब को मुंह में लेकर और दूसरे को हाथ से दबाने लगे। अब मैं भी काफ़ी गर्म हो गयी थी। मेरा हाथ बोस के पेंट को टटोल रहा था। रवि ने ये देखा तो मेरा हाथ पकडकर बोस के पेंट के उभार पर दबा दिया। मैंने उभार को दबाते हूए मसल दिया। तब रवि बोले कि कोमल अपने खिलोने को बाहर तो निकालो। मैं उठकर बोस के सामने बैठ गई और उनकी पेंट की जिप खोलकर अंदर हाथ डाला। ओ माई गोड बोस का लंड कितना कडक था और मुझे ऐसा लगा कि वो रवि के लंड से बड़ा भी था। मेरी अब तक की लाइफ में मैंने पहली बार रवि के अलावा किसी और का लंड पकडा था।
जैसे ही मैंने बोस का लंड बाहर निकाला वो मेरे सामने एकदम खड़ा हो गया। मैं उसको हाथ में लेकर देख रही थी कि फिर रवि बोले – कोमल इसको प्यार करो और इसका स्वाद कैसा है बताओ। मैंने बोस की तरफ देखते हुए लंड के सुपाडे को मेरी जीभ फिराकर चाटते हूए लंड को मुंह में ले लिया। बोस आहें भरते हुए लंड को मेरे मुंह में ठुसने लगे और मेरा सिर पकडकर अपने लंड पर दबाने लगे। कुछ देर उनके लंड को चुसने के बाद उनको झाडे बिना मैंने लंड बाहर निकाल दिया और बोस को सोफे से उठाकर खींचते हुए बेडरूम में ले गई। हमारे पीछे रवि भी बेडरूम में आ गए। मैंने बेड पर लेटते हूए बोस को ऊपर आने को कहा। मैं अबतक ऊपर से ही नंगी थी। बोस ने अपना टी शर्ट और पैंट निकाल दिया और अपनी चड्डी उतार दी। मैंने झट से उनका लंड पकड़ा और उनको अपने बुब्स पर खींचा। वौ अपना लंड पकडे मेरे बुब्स पर बैठ गए। तब मैंने अपने दोनों बुब्स को मिलाकर उनसे बुब्स के बीच लंड डालने को कहा। उन्होंने मेरे मंगलसूत्र को साइड में लेना चाहा तो मैने उनका हाथ हटाते हूए इशारे से मना कर दिया और फुसफुसाते हुए कहा कि मेरे बुब्स के साथ इसे भी चोदो। वो एकदम तैश में आ गये और मेरे बुब्स को चोदते हूए और मेरे मंगलसूत्र पर धक्के लगाते हुए झड गये। उन्होंने सारा माल मेरे बुब्स पर छोड़ दिया। कुछ बुंदे मेरे मुंह और चेहरे पर भी गिरीं। मेरे मंगलसूत्र पर भी बहुत सारा विर्यं गिरा। फिर मैंने उनका लंड मुंह में लेकर साफ किया। फिर मैंने देखा कि दुसरी ओर रवि अपना लंड हाथ में लेकर बैठा है और हमें ही देख रहा है।
इसके बाद का बोस से चुदाई का अनुभव फिर कभी… जब मैंने रवि को देखा तो मुझे थोड़ी शर्म फील हुई लेकिन मुझ पर तो उस समय चुदाई सवार थी। जैसे ही बोस ने अपना माल मेरे बुब्स पर छोड़ा और मैंने उनका लंड चाटकर साफ किया तो उन्होंने भी मेरे बुब्स पर से सारा माल वहीं पडे एक रूमाल से साफ किया और वो मेरे पास आकर मुझे किस करने लगे। ये देखकर रवि उठकर हमारे पास आये और बोस का हाथ पकड़कर पेटीकोट के ऊपर से ही मेरी चुत पर रख दिया और बोले कि बोस ये लिजिए कोमल की चुत आपके लिये, इसको प्यार कीजिए और जमकर चोदिये। बोस और मैं रवि की बातों से और गर्म हो रहे थे बोस मुझे चूमते हुए एक हाथ से मेरी चुत सहला रहे थे। मैं पूरी गीली हो चुकी थी। बोस को मेरा गीलापन समझ में आ गया था और उन्होंने अपन हाथ मेरे पेटीकोट के नाडे के पास वाले थोड़े से खुले हुए हिस्से से मेरी पेंटी के अन्दर डाल दिया।
बोस ने मेरी पेंटी में हाथ डालते हुए मेरी आँखों में देखा जैसे मुझसे फिंगर करने के लिए पूछ रहे हों, मैने सिर हिलाया और कहा -प्लीज। बोस का हाध अब मेरी चुत को जोर जोर से सहलाने लगा और उन्होंने अपनी दो ऊंगलियां मेरी चुत के अन्दर घुसा दी। मैं जोर जोर से आंहें भरने लगी और एक मिनट में ही मेरा शरीर अकडने लगा और फिर मैं अपने चरम पर पहुंच गयी। मैंने कभी भी इस तरह का ओरगेज्म फील नहीं किया था। बोस का हाथ मेरी चुत के पानी से भीग गया था उन्होंने हाथ बाहर निकाल कर मेरी ओर देखते हुए अपनी ऊंगलियां मुंह में डाल दी और चाटने लगे। हम दोनों बिना चुदाई किये एक एक बार अपने चरम पर पहुंच गए थे।
मैने अपनी सांसों पर काबू पाया और बाथरूम जाने के लिए उठी तो रवि ने मेरे पेटीकोट का नाडा खोल दिया और बोस से कहा कि बोस आप ही कोमल को बाथरूम ले जाइए। बोस मुझे पकडकर बाथरूम में ले गए। हमारे बाथरूम का दरवाजा हमारे बेड के सामने ही है। बाथरूम में जाकर मैंने शोवर अॉन किया तो बोस मेरे पीछे आकर मेरी गर्दन पर किस करते हुए मेरे बुब्स दबाने लगे। मैं घुमकर उनके सामने आ गई और उनका सिर मेरे बुब्स पर दबा दिया। मेरी नजर बाथरूम के खुले दरवाजे पर पड़ी, मेरे पति सामने बैठे हमारी हरकतें देख रहे थे। बोस मेरे बुब्स चुसते चुसते नीचे बैठ गए और मेरी नाभि के आसपास चुमते हुए बोले कि भाभी तुम्हारी हर चीज़ कितनी मस्त है और उन्होंने अपनी जीभ मेरी नाभि में डाल दी और चाटने लगे। मैं तो सातवें आसमान पर थी, मेरे पति के बोस उनके ही सामने मेरी नाभि को चाट रहे थे और उनके हाथ मेरी गांड को मसल रहे थे।

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