रंडी बुआ ने चाची का भोसड़ा चुदवाया

हैल्लो दोस्तों, कैसे है आप सब Antarvasna मेरा नाम राज है और में फिर से आपके लिए एक स्टोरी लेकर आया हूँ और अब में आपको अपनी कहानी बताता हूँ जो पिछली बार मैंने अधूरी छोड़ दी थी और जिसमें में बुआ को चोद रहा था तो तब उन्होंने मुझसे पड़ोस की पूनम चाची का ज़िक्र किया था और कहा था कि वो मुझसे चुदना चाहती है और में उससे चुदवाने का वादा कर चुकी हूँ तो राज कल तुझे पूनम को चोदना है। फिर तब मैंने कहा कि वही पूनम चाची ना जिसके यहाँ में अक्सर बचपन में जाता था और जो बहुत खूबसूरत थी और उनका फिगर भी बहुत शानदार था। फिर तब बुआ ने कहा कि हाँ तब तो मैनटेन था, लेकिन अब तो साली की चूत भोसड़ा बन गयी है और उसकी गांड भी फैल चुकी है। उसके मुझसे भी बड़े बड़े कूल्हें है, उस साली का पति ज़्यादातर उसकी गांड ही मारता है। मैंने जब से उसे तेरे लंड के बारे में बताया है तब से ही वो चुदवाने को बेकरार है।

फिर तब मैंने बुआ से कहा कि अब आप इतना कह रही है और वादा भी कर चुकी है तो अब में आपकी बात कैसे टाल सकता हूँ? दोस्तों बुआ की 2 लड़कियाँ भी मुझे अपनी माँ को चोदते हुए देख चुकी थी और वो दोनों भी मुझसे चुदवाने को बेकरार थी, लेकिन मुझे ज़्यादा उम्र की औरतों के साथ ही मज़ा आता था। खैर उस दिन रात को रोज की तरह ही में लुंगी पहने हुए था और खाना वगैराह खाने के बाद जब में बुआ के रूम में गया तो मैंने देखा कि वहाँ पूनम चाची पहले से ही मौजूद थी और पिंक कलर की हल्की साड़ी में वो बहुत खूबसूरत नजर आ रही थी, लेकिन उनका बदन पहले के मुताबिक ज़्यादा भर गया था, जो चूची पहले छोटी हुआ करती थी, वो अब बड़ी हो गयी थी और ऐसा लग रहा था कि ब्लाउज फाड़कर बाहर निकल पड़ेगी और वहीं बगल में बुआ भी बैठी थी। अब मुझे इस तरह से पूनम चाची को देखते पाकर वो बोली कि साले उधर ही देखता रहेगा या इधर भी देखेगा और मेरी लूंगी खींचते हुए अपने पास खड़ा किया और मेरी लूंगी के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगी, लेकिन में पूनम चाची के सामने थोड़ा शरमा रहा था, जो शायद चाची समझ गयी थी और बुआ के कंधे में अपना हाथ डालते हुए कहा कि रत्ना देखो तो मुझसे शर्मा रहा है, अरे जब बचपन में तू आता था तो तुझे में ही नहलाती थी और तेरी नूनी को भी रगड़ती थी। फिर तब मैंने कहा कि तब की बात और थी, चाची तब में बच्चा था। फिर तब चाची ने कहा कि अब क्या हो गया?

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फिर तब बुआ ने कहा कि छिनाल अभी कल ही तुझे बताया है कि राज का पूरा 9 इंच का लंड हो चुका है और यहाँ तक कि मेरी फटी हुई चूत को भी जब चोद रहा था तो तब उसमें भी इसका लंड फंस फंसकर जा रहा था और ये कहते ही बुआ ने मेरी लूंगी खींचकर उतार दी। अब में सिर्फ़ नेकर में रह गया था, तो तब बुआ ने मेरी नेकर के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया और चाची अपने एक हाथ से बुआ की चूची उसके कपड़ों के ऊपर से ही मसल रही थी और अपने एक हाथ को अपनी साड़ी के अंदर ले जाकर अपनी चूत रगड़ रही थी। फिर तभी बुआ ने मेरी नेकर भी उतार दी, लेकिन मेरा ध्यान तो खिड़की की तरफ ही लगा हुआ था, क्योंकि मुझे ऐसा लग रहा था कि रोज की तरह ही उनकी दोनों लड़कियाँ आज भी अपनी माँ की चूत का नज़ारा देखने आएगी, लेकिन अभी तक मुझे वो दोनों नजर नहीं आई थी।

फिर बुआ और चाची दोनों एक साथ ही मेरे लंड पर झपट पड़ी। फिर थोड़ी देर तक वो दोनों बहुत मज़े से मेरा लंड सहलाती रही और जब उसमें थोड़ा तनाव आना शुरू हुआ तो पूनम चाची ने कहा कि में पहले इसका लंड अपने मुँह में डालूंगी और इसका रस चूसकर पीऊँगी। फिर तब बुआ ने कहा कि साली हलक में अटक जाएगा इतना लंबा बिल्कुल बाँस की तरह है, चल हम दोनों एक साथ ही अपने मुँह में लेते है और फिर जब ये झड़ने वाला होगा तो तब तू अपने मुँह में डाल लेना, फिर तब ही मुझे खिड़की के पास थोड़ी आहट सुनाई दी। फिर मैंने धीरे से उधर देखा तो बुआ की दोनों बेटियाँ नंगी अवस्था में वहाँ पर खड़ी थी और मेरी उनसे नजरे भी मिल गयी थी, लेकिन में जानता था कि वो दोनों मेरी झाँटे भी टेडी नहीं कर पाएँगी और अपनी माँ को चुदते हुए देखकर अपनी ही चूत में उंगली करके सो जाएँगी।

अब मुझे उनकी जवानी पर तरस आ रहा था और अब मैंने उसी पल सोच लिया था कि में ही उन दोनों की चूत का उद्घाटन करूँगा और फिर में उधर से ध्यान हटाकर लंड चुसवाने का मज़ा लेने लगा। अब बुआ और चाची बहुत ही अलग अंदाज से मेरा लंड चूस रही थी। अब बुआ कभी-कभी नीचे मेरे लटके अंडो को भी अपने मुँह में भर लेती थी और में उन दोनों के सिर के बाल कसकर पकड़े हुए था। फिर तब ही मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ तो तब मैंने बुआ से कहा कि बुआ अब में झड़ने वाला हूँ, अब मेरा लंड पानी छोड़ेगा। फिर तब ही बुआ ने अपना मुँह हटा लिया और चाची अपने दोनों हाथ से मेरा लंड जल्दी-जल्दी अपने मुँह में अंदर बाहर लगी। फिर तब ही में एक तेज पिचकारी छोड़ते हुए झड़ गया और मेरा सारा रस उनके मुँह के अंदर चला गया। फिर चाची ने मेरा लंड अपने मुँह में से बाहर निकाला और उस पर लगा हुआ सारा रस किसी मलाई की तरह चाटकर पूरी तरह से साफ कर दिया। फिर तब बुआ ने कहा कि अब हम दोनों को भी कपड़े उतार देने चाहिए और फिर उन दोनों ने भी अपने-अपने कपड़े उतार दिए। फिर जब मैंने चाची की नंगी चूचीयाँ देखी तो तब में उन पर टूट पड़ा और बहुत ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर बुआ ने कहा कि साला हरामी मुफ़्त में एक और चूत मिली तो मुझे भूल गया, चल मुझे भी तो थोड़ा मज़ा दे और ये कहकर अपनी चूची भी मेरे हाथ में थमा दी। अब में उन दोनों की चूचीयाँ एक साथ ही मसल रहा था। फिर तब मैंने अचानक से चाची की एक चूची अपने मुँह में भर ली और बुआ की चूचीयों को दबाने लगा। अब अंदर का नज़ारा मेरी बुआ की लड़कियाँ साफ-साफ देख रही थी और एक दूसरे की चूची अपने हाथ से मसल रही थी। फिर तब ही बुआ ने कहा कि चलो अब साली पूनम की चूत मारो, लेकिन मेरा भी इलाज़ करना होगा। फिर तब मैंने कहा कि बुआ लंड तो एक ही है तो में एक को ही मज़ा दे सकता हूँ। अब ये आप लोग तय कर लो कि पहले कौन अपनी चूत मरवाएगा? तो तब पूनम चाची ने कहा कि अभी तुझे एक आसन बताती हूँ जिससे तू मुझे और अपनी बुआ को एक साथ मज़ा दे सकता है। फिर तब बुआ ने कहा कि साली चूत मरानी जल्दी से बोल कौन सा आसन है? और कहाँ से सीखा है? तो तब चाची ने कहा कि मेरे पास एक किताब है उसी में है और ये कहकर मुझे बेड की तरफ खींचकर ले गयी और मुझे सीधा लेटाकर बुआ से कहा कि तुम पहले चूत मरवाओगी या चूत चुसवाओगी?

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फिर तब बुआ ने कहा कि चूत मराने की जल्दी तुझे है तू ही पहले मरवा ले, में चूत चुसवा लेती हूँ और ये कहकर बुआ मेरे मुँह पर अपनी चूत फैलाकर बैठ गयी और चाची अपनी चूत मेरे लंड पर रखकर एक धक्का मारते हुए बैठ गयी, जिससे मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया और मज़े-मज़े में अपने चूतड़ ऊपर नीचे करने लगी। अब उन दोनों का मुँह आमने सामने था और वो दोनों एक दूसरे की चूची दबा रही थी। फिर थोड़ी देर तक इस तरह से करते हुए पहले चाची झड़ी और फिर कुछ देर के बाद ही बुआ भी झड़ गयी, लेकिन मेरा लंड अभी तक नहीं झड़ा था। फिर तब बुआ ने कहा कि साला देखा तुझे चोदकर भी अभी इसका पूरी तरह से खड़ा है, चल अब जल्दी से घोड़ी बनकर गांड भी मरवा ले और ये कहकर बुआ लेट गयी और अपने ऊपर चाची को आने को बोला और कहा कि अपनी गांड पीछे से उभार लेना और मेरी चूची अपने मुँह में भरकर चूस। इस तरह से गांड मरवाने में जन्नत का मज़ा आता है।

फिर मैंने चाची की गांड में अपना लंड सटाकर एक करारा धक्का मारा तो उनकी चीख निकल पड़ी आआआअहह, आआईईईई माआआअ में मर गयी, साले हरामी छोड़ दे, आआआहह माँ, आआअ मार डाला कम्बख़्त ने, आाआईईईई, उूउउफफफफफफफ्फ रत्ना मेरी गांड बहुत दर्द कर रही है, इससे कहो कि निकाल ले बाहर, बहुत तकलीफ़ हो रही है। फिर मैंने खिड़की की तरफ देखा तो उनकी चीख और कराहट सुनकर वो दोनों लड़कियाँ सहम गयी थी। फिर तब ही बुआ ने कहा कि साली रंडी पता नहीं कितनी बार अपने मर्द से गांड मरवा चुकी है? लेकिन फिर भी चीख रही है, बेटा राज उड़ा दे साली की धज्जियाँ। तो मैंने खचाक से एक शॉट और मारा और चाची बुआ की चूची पर टूट पड़ी और उनकी चूची को अपने दाँत से बहुत ज़ोर से काटा। अब बुआ की भी चीख निकल गयी थी, तो तब वो गुस्से से बोली कि साली रंडी जरा आराम से ये तेरे पति का लंड नहीं है जो चबाए जा रही है, ये मेरी मुलायम चूचीयाँ है।

फिर तब चाची ने कहा कि क्यों फट गयी गांड? और फिर वो दोनों हँसने लगी और फिर कुछ देर के बाद ही में चाची की गांड में ही झड़ गया। फिर उस रात मैंने चाची की गांड 2 बार और मारी और सो गया ।।

धन्यवाद …