राखी पर बहन को ब्लेकमेल किया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सूरज है और में दिल्ली में जॉब करता हूँ और में अपने मम्मी पापा के पास हर 2 महीने में घूमकर आता हूँ antarvasna Kamukta Hindi Sex Stories मेरे घर में मेरे मम्मी, पापा और मुझसे 2 साल छोटी बहन सुमन है, जो अभी 19 साल की है। में और सुमन हमेशा से एक दोस्त की तरह रहते थे और मेरे दिल में कभी भी सुमन के लिए कोई ग़लत इरादा नहीं था। एक बार जब में घर गया तो मैंने सुमन को देखा तो मुझे चोदन डॉट कॉम के भाई बहन के किस्से याद आ गये। उस वक़्त मुझे मेरे सामने मेरी बहन नहीं बल्कि एक बहुत ही खूबसूरत सी कच्ची कली दिख रही थी। फिर मेरी नज़र सुमन को घूरते हुए उसके बूब्स पर जा पहुँची। उस वक़्त सुमन ने दुपट्टा नहीं डाल रखा था, उसके बूब्स बिल्कुल संतरे की तरह और कसे हुये थे। फिर तभी सुमन की नज़र मेरी तरफ गयी और बोली कि ऐसे क्या देख रहे हो? तो मैंने झट से अपनी नज़र हटा ली और बोला कि कुछ भी नहीं।

हमारा घर छोटा सा है, जिसमें 3 रूम और किचन और खुला सा आँगन है। मेरी मम्मी हमेशा घर में रहती है तो इसलिए में सोच रहा था कि सुमन को कैसे सेक्स के लिए राज़ी करूँ? फिर अगले दिन सुबह-सुबह में उठा और किचन में गया तो सुमन खाना बना रही थी। फिर मैंने सुमन से पूछा कि सुमन मम्मी कहाँ है? तो सुमन बोली कि मम्मी मंदिर गयी हुई है, वो आधे एक घंटे में आ जाएगी। फिर मैंने कहा कि सुमन एक कप चाय बना दो, तो सुमन चाय बनाने लगी और में किचन से बाहर आ गया। फिर मैंने सोचा कि यह अच्छा मौका है, उस वक़्त घर पर कोई भी नहीं था और पापा भी खेत में गये हुए थे। फिर में वापस किचन में आया तो सुमन गैस के पास खड़ी थी और उसकी पीठ मेरी तरफ थी।

फिर में धीरे से गया और सुमन को पीछे से जाकर उसके दोनों बूब्स को दबोच लिया। फिर सुमन घबरा गयी और उसने चिल्लाना चाहा, लेकिन मैंने झट से उसका मुँह दबा दिया। फिर में सुमन को प्यार से समझाने लगा कि डर मत में हूँ ना। फिर सुमन गुस्से में बोली कि ये क्या बतमीज़ी है? तो मैंने सुमन के बूब्स को फिर से पकड़कर उसके होंठो को चूम लिया और बोला कि सुमन आई लव यू, तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, प्लीज बुरा मत मानो। फिर सुमन मुझे धकेलते हुए बोली कि सूरज तुम्हारे दिमाग़ में मेरे बारे में कैसे-कैसे ख्याल है? चुपचाप यहाँ से जाओ नहीं तो में मम्मी को सब बता दूँगी। फिर में उसे सॉरी बोलकर बाहर आ गया। फिर थोड़ी देर मे मम्मी मंदिर से आ गयी और मेरी बुआ भी उसी वक़्त आ गयी। फिर हम बुआ से बातें करने लगे, लेकिन सुमन मम्मी से इस बारे में कुछ भी नहीं बोली। मेरी बुआ थोड़ी शरारती है और अक्सर हमसे खुलकर बात करती है।

फिर शाम को जब में अकेला था तो बुआ मेरे पास आई और बोली कि अगर तुमसे बर्दाश्त नहीं होता तो तुम्हारी मम्मी से तुम्हारी शादी की बात चलाऊं, तो में चौंक गया और बोला कि बुआ आप भी मज़ाक करने लगी हो, में इतनी जल्दी शादी नहीं करने वाला। फिर बुआ बोली कि अरे बीवी आ जाएगी तो कम से कम बहन पर तो हाथ नहीं डालोगे और फिर बुआ ने अपनी एक आँख दबा दी। फिर में समझ गया कि सुमन ने बुआ को सब बता दिया है। फिर बुआ बोली कि चल कोई बात नहीं, लेकिन अब आगे से ऐसा मत करना। फिर अगले दिन में वापस दिल्ली आ गया और अपने काम में व्यस्त हो गया। अब में घर ना तो फोन करता था और ना ही 2-3 महीने में घर जाता था, बस घर से मम्मी का फोन आता तो बात कर लेता था और अगर सुमन होती तो फोन काट दिया करता था। फिर इस तरह मुझे पूरा 1 साल हो गया था। अब मम्मी जब भी घर आने के लिए कहती थी तो में झूठ बोल देता था कि मम्मी छुट्टी नहीं मिल रही है, बस पापा आकर मुझसे मिलकर चले जाते थे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर एक दिन मुझे सुमन का फोन आया और वो रोती हुई बोली कि सूरज प्लीज फोन मत काटना, पहले मेरी बात तो सुन लो। फिर मैंने कहा कि बोल क्या बोलना है? फिर वो बोली कि क्या बात है तुम घर नहीं आ रहे हो? मुझसे क्या ग़लती हो गयी? तुम जो चाहते थे वो गलत था। फिर मैंने मना कर दिया बस इतनी सी बात। फिर मैंने कहा कि तुमने ये बात बुआ को क्यों बताई? तो सुमन बोली कि मैंने तो बस इसलिए कहा था कि वो तुम्हें समझा देगी और बुआ ये बात किसी को नहीं बताएगी। फिर मैंने कहा कि ठीक है, अब में समझ गया हूँ और कुछ। फिर सुमन ने पूछा कि घर कब आओगे? तो मैंने उससे कह दिया कि अब कभी नहीं आऊंगा। फिर सुमन बोली कि क्यों? तो मैंने साफ-साफ कह दिया कि में घर आऊंगा और अगर फिर वही हरकत कर दी, तो तुम फिर से बुआ को बोल दोगी तो में इसलिए घर नहीं आना चाहता हूँ। फिर सुमन रोने लगी और बोली कि सूरज प्लीज घर आ जाओ और फिर अगले हफ्ते रक्षाबन्धन भी है, मम्मी तुम्हें रोज याद करती रहती है प्लीज। फिर मैंने कहा कि में घर तभी आऊंगा जब तुम मुझे किस करने दोगी और अपने बदन को छूने दोगी, नहीं तो कभी नहीं आऊंगा।

फिर सुमन बोली कि सूरज तुम पागल तो नहीं हो गये हो, में तुम्हारी बहन हूँ और तुम मेरे साथ ऐसा करने की सोचते हो। फिर मैंने कहा कि तुम मेरी एक अच्छी दोस्त भी हो और तुम मेरी परेशानी को नहीं समझोगी तो कौन समझेगा? और में तुम्हें सिर्फ़ छूना ही चाहता हूँ और इसमें गलत क्या है? सोच लो और सोचकर कल तक बता देना। तभी में राखी तक आ सकूँगा नहीं तो नहीं आऊंगा। फिर अगले दिन मुझे सुमन का फोन आया और वो बोली कि ठीक है मुझे मंजूर है, लेकिन जल्दी आना। फिर में खुश हो गया कि मेरी तरकीब कामयाब हो गयी और में घर जाने की तैयारी करने लगा। फिर में राखी से 2 दिन पहले घर पहुँच गया। अब सुमन थोड़ी नर्वस सी थी, लेकिन खुश थी कि में घर आ गया हूँ।

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अब मुझे 2 दिन से कोई मौका ही नहीं मिल पा रहा था कि में सुमन के साथ कुछ करूँ, क्योंकि सुमन हर वक़्त मम्मी के साथ होती थी, वो जानबूझ कर मम्मी से अलग नहीं होती थी और में भी मौके की तलाश में रहता था। फिर राखी के दिन से एक दिन पहले ही रात में मम्मी ने मुझसे कहा कि बेटा कल राखी है और बहुत दिन हो गये है, में तुम्हारे मामा से नहीं मिली हूँ तो में सोच रही हूँ कि कल चली जाऊं, वैसे भी घर को अकेला छोड़कर जाने का दिल नहीं करता है, अभी तू है तो कल में और तेरे पापा कल सुबह तेरी बुआ से मिलते हुए तेरे मामा के घर चले जाएगें। फिर मैंने कहा कि ठीक है मम्मी, में अभी यहाँ हूँ तो तुम्हें चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है, आप आराम से जाओ। फिर अगले दिन मम्मी और पापा सुबह 5 बजे ही घर से निकल गये और में उन्हें बस स्टैंड तक छोड़कर आया और वापस आने के बाद में सीधा नहाने चला गया। अब सुमन राखी बांधने के लिए नहाकर तैयार बैठी थी।

फिर में तैयार होकर बेड पर बैठ गया। फिर सुमन हाथ में थाली लिए हुए जिसमें राखी मिठाई और दीया जल रहा था, वो लेकर मेरे पास आई और बोली कि सूरज अपना हाथ आगे करो। फिर मैंने कहा कि पहले तुम अपना वादा पूरा करो, तब में राखी बंधवाऊंगा। फिर सुमन ने कहा कि सूरज मज़ाक नहीं। फिर मैंने कहा कि में कोई मज़ाक नहीं कर रहा हूँ सिर्फ़ हाँ या ना। फिर सुमन ने कहा कि सूरज प्लीज आज तो कम से कम ऐसी बात मत करो। फिर मैंने कहा कि सुमन तुम जाओ, में कल ही वापस चला जाऊंगा, ओके बाय और में बेड से उठकर जाने लगा। फिर सुमन ने मेरा हाथ पकड़कर बेड पर बैठा दिया और बोली कि बताओ तुम क्या चाहते हो? तो मैंने कहा कि में एक बार तुम्हें सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में देखना चाहता हूँ। फिर सुमन बोली कि बस इतनी सी बात, वो तो तुम कभी भी देख लेना। फिर मैंने कहा नहीं अभी और इसी वक़्त, तो वो बोली कि अभी मुझे शर्म आ रही है। फिर मैंने कहा की कोई बात नहीं अगर तुम चाहो तो में भी अपने कपड़े उतार देता हूँ और फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए, अब में सिर्फ़ अंडरवियर में था।

फिर सुमन शर्माकर दूसरे कमरे में चली गयी और थोड़ी देर के बाद वो वापस आई तो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। अब उसे देखते ही मेरा लंड तन गया था, लेकिन मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और सुमन से बोला कि शरमाओ मत, अब आकर राखी बांधो। फिर सुमन ने मेरे पास आकर राखी बांधी और फिर मेरे मुँह में मिठाई खिलाई, तो मैंने अपने होंठो से आधी ही मिठाई को पकड़ा और खड़ा होकर सुमन के पास गया और अपने मुँह में दबी हुई मिठाई सुमन को खाने के लिए बोला। फिर सुमन ने मेरे होंठो में दबी हुई मिठाई को अपने होंठो से पकड़ा और फिर हम दोनों ही मिठाई खाते हुए एक दूसरे के होंठो तक पहुँच गये। फिर में सुमन के होंठो को अपने होंठो से चिपकाकर उसे चूसने लगा और सुमन को गर्म करने लगा और अब में उसे बेतहाशा चूमने लगा था। फिर थोड़ी देर में ही सुमन की साँसे तेज-तेज चलने लगी और वो बोली कि सूरज बहुत मज़ा आ रहा है।

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फिर मैंने उसकी ब्रा और पेंटी भी उतार दी और उसे बेड पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी चूत को सहलाने लगा और अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा तो वो चौंक गयी और बोली कि नहीं सूरज दर्द होता है। फिर मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाला और उसके मुँह को चोदने लगा और अपना सारा वीर्य उसके मुँह में ही निकाल दिया। फिर में सुमन की चूत में थोड़ा सा तेल डालकर उसे सहलाने लगा और सुमन मेरे लंड को सहला रही थी। फिर थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से तन गया और में सुमन की चूत में अपना लंड धीरे-धीरे डालने लगा। फिर सुमन बोली कि सूरज धीरे-धीरे दर्द हो रहा है। फिर में धीरे-धीरे सुमन की चूत में अपना लंड डालने लगा और जैसे ही मेरा लंड सुमन की चूत के अंदर गया तो वो चिल्ला पड़ी। फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं और फिर में उसे आराम-आराम से चोदने लगा। अब वो भी मज़े ले रही थी और अब हम दोनों एक दूसरे के मुँह में जीभ डालकर चूस रहे थे। फिर उसके बाद सुमन मुझसे ज़ोर से लिपट गयी और फिर धीरे-धीरे ठंडी हो गयी। अब में समझ गया था कि सुमन झड़ गयी है और फिर मैंने भी अपना वीर्य सुमन की चूत में ही छोड़ दिया, तो सुमन उछल पड़ी और बोली कि तुम्हारा रस कितना गर्म है? और फिर हम दोनों नंगे ही एक दूसरे से लिपटकर सो गये।

फिर अगले दिन सुबह जब मेरी आँख खुली तो सुमन सो रही थी। फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया और नल खोलकर सीधा पानी उसके ऊपर डाल दिया, तो वो उठ गयी और मुझ पर पानी डालने लगी। फिर हम दोनों नहाने लगे और अब सुमन मेरे बदन पर साबुन लगा रही थी और में सुमन के नंगे बदन पर साबुन लगा रहा था। फिर मैंने सुमन को फर्श पर लेटाकर उसकी चूत में अपना लंड डाला और फिर से उसे चोदने लगा। फिर उसे चोदने के बाद हम दोनों नहाकर फ्रेश हुए। फिर मैंने पूछा कि सुमन राखी बँधाई का तोहफा कैसा लगा? तो सुमन बोली कि सूरज मुझे नहीं पता था कि इस खेल में इतना मज़ा है, तुम्हारा ये तोहफा मेरे और तुम्हारे दिए हुए सारे तोहफ़ो से भी कीमती है, में इस राखी को कभी भी नहीं भूल सकती हूँ और फिर वो मेरे करीब आकर मुझसे लिपट गयी ।।

धन्यवाद …

  • I am a callboy agr koi aesi unsatisfied bhabhi aunty ya housewife jinke husband bahar rahte h ya vo unko satisfied nahi krte h to vo lady mujhe mail ya contact kare m aapko full satisfied karunga m aapki chut or gand pura andar tk chatunga jeeb se phir apne Lund se chudai karunga meri service bahut jayada best h or safe h 07060966176

  • Supinder Kaur

    mere khyal se rakshabandhan isi liye bana hai ta ki bhai apni behan k khajane ko test kar sake aur ye dekh le k unko kis chij ki hifajat karni hai

    • durga

      Kaur mai tumko Randi bnakar chodunga our pregnant karunga fuck hard and raped u

      • Supinder Kaur

        aji hamara kya randi banana hum sardarniya to hoti hi paidayishi randyian hai

        • durga

          नंबर देना होगा आपका और पता बत्रा अपना

          • Supinder Kaur

            lutheri ganv hai g mera morinda city k pas punjab mein

        • durga

          8856024925 परिवार फोन करो जान

        • sanjaykumar

          Sac

        • sanjaykumar

          Oooho

  • Charlietinku

    It’s nice story , carry on