मम्मी के बूब्स को चूसा

हैल्लो दोस्तों, में चोदन डॉट का नियमित पाठक हूँ और अब में अपको मेरी फेमिली के बारे में बताता हूँ। मेरी फेमिली में 6 मेंबर है मम्मी, पापा, में और मेरा एक भाई और दो बहनें। मेरी एक बहन की शादी हो चुकी है। अब मेरी उम्र 25 साल है और ये बात उस समय की है जब में 21 साल का था। मेरी मम्मी बहुत ही सेक्सी है और उनके मोटे-मोटे बूब्स और मोटे-मोटे चूतड़ है। आज में आप लोगों को सबसे पहले ये बताना चाहता हूँ कि में अपनी मम्मी की तरफ कैसे आकर्षित हुआ? मेरी मम्मी को गर्मियों में बाथरूम का दरवाज़ा खोलकर नहाने की आदत थी, वो अक्सर सिर्फ़ पेटीकोट में अपना ब्लाउज उतारकर नहाती थी। में जान बूझकर बाथरूम के आस पास घूमता रहता था और उनके बूब्स को देखकर उत्तेजित होता था और उनके बारे में सोचकर मुठ मारता था और दूसरी चीज़ में उनकी अलमारी में हमेशा कंडोम का पैकेट देखता था और उसे देखकर ये सोचता था कि मेरे पापा मम्मी के साथ कैसे मज़ा लेते होगे? कैसे उनके मोटे-मोटे बूब्स को दबाते होगें? और यह सोचकर उत्तेजित होता रहता था और उनके नाम की मुठ मारता रहता था।

Antarvasna Hindi Sex Story  एनआरआई कजिन की चूत का स्वाद

इस तरह से में सिर्फ़ उन्ही के बारे में ही सोचता रहता था और यह सोचता था कि कैसे उनके साथ मज़ा लिया जाए? और उनकी चूत का भोसड़ा बनाया जाए। फिर एक समय की बात है। में अपने दोस्तों के साथ बाहर गया हुआ था तो में दिन में करीब 12 बजे घर पर आया और आकर दरवाज़ा खटखटाया तो मैंने देखा कि मेरी मम्मी मामा से फ़ोन पर बात कर रही थी। अब में आप लोगों को बताता हूँ कि वो किस हालत में बैठी हुई थी? वो नहाने के लिए अपने कपड़े उतार चुकी थी तो तभी कपड़े उतारने के बाद मामा का फोन आ गया तो मम्मी ने सोचा कि घर पर कोई नहीं है इसलिए वो नंगी ही बाथरूम से बाहर आ गयी और मामा से बात करने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर जब मैंने दरवाज़ा खटखटाया तो उन्होंने पास में पड़ी साड़ी अपने ऊपर ढक ली और बोली कि में इस अवस्था में गेट कैसे खोलूं? तो मैंने कहा कि गेट तो खोलना ही पड़ेगा, में बहुत गर्मी में आया हूँ, तो वो बोली कि अभी आती हूँ। अब मुझे गेट में से सब कुछ साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था और वो अपने ऊपर साड़ी लपेटकर गेट खोलने के लिए आ रही थी, अब मुझे दरवाज़े में से सब कुछ साफ़ साफ़ दिख रहा था। अब मुझे मम्मी की एक चूची साफ-साफ़ दिख रही थी। फिर मैंने सोचा कि आज चुदाई के लिए मौका सही है, तो मम्मी दरवाज़ा खोलकर फिर से मामा से बात करने लगी और में मम्मी के पास बेड पर जाकर लेट गया। फिर मैंने धीरे से मम्मी की एक चूची पर अपना हाथ लगाया, तो वो बोली कि बेशर्म यह क्या कर रहा है? तो मैंने कहा कि कुछ नहीं मजे ले रहा हूँ।

Antarvasna Hindi Sex Story  कुंवारी चूत के साथ कामसूत्र

फिर वो बोली कि चल हट, तो मैंने कहा कि क्या हो गया? हर रोज रात को पापा के साथ भी तो मज़े करती हो और ऐसे बात करते-करते में उनके बूब्स को सहलाता रहा। फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने भी फोन रख दिया और अब उन्हें भी मज़ा आने लगा था और वो बोली कि अगर किसी ने देख लिया तो। फिर में बोला कि कोई नहीं देखेगा तुम बेडरूम में चलो। फिर वो मेरे साथ बेडरूम में चली गयी। फिर मैंने बेडरूम में बहुत देर तक उनके बूब्स को सहलाया तो वो बोली कि आज इन्हें पिएगा नहीं क्या? जैसे बचपन में उछल-उछलकर पीता था। फिर मैंने करीब 30 मिनट तक उनके बूब्स को खूब चूसा और उनकी चूत पर अपना एक हाथ फैरता रहा। फिर वो बोली कि इतने मज़े तो जब भी नहीं आते, जब तेरे पापा मेरे बूब्स चूसते है। फिर मैंने कहा कि मम्मी आपकी चूत पर तो बहुत सारे बाल है, आज तक कभी काटे नहीं है क्या? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने कहा कि चलो में शेव कर देता हूँ, तो वो बोली कि नहीं तेरे पापा को पता चल जाएगा और ऐसे करके में उनके बूब्स चूसता रहा और मज़े लेता रहा। फिर पता नहीं कौन आ गया? और उसने बेल बज़ाई, तो मम्मी फटाफट उठकर नहाने चली गयी और में अपने कपड़े पहनकर गेट खोलने चल गया। दोस्तों इसके आगे अभी तक कुछ नहीं हुआ और अगर आगे कुछ होगा तो में आपको जरूर बताऊंगा ।।

Antarvasna Hindi Sex Story  बहन की गांड का दीवाना

धन्यवाद …