मकान मालिक की बेटी को ठोका

हैल्लो दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम सुदीप है और में 12वीं क्लास अपने गाँव से पास करने के बाद शहर में आगे की पढ़ाई के लिए आया हूँ, क्योंकि मेरा सपना इंजिनियर बनने का था। फिर में सबसे पहले अपने दोस्त के यहाँ कुछ दिन रहा और मैंने वही से एड्मिशन करवा लिया था। अब मुझे एक रूम चाहिए था ताकि में अलग रह सकूँ, क्योंकि शुरू से मुझे अलग रहने की ही आदत है, इसलिए में कोई रूम मेट भी अपने साथ नहीं रखना चाहता था। फिर बड़ी मुश्किल और बड़ी मेहनत से एक अच्छा रूम मिला। मेरा मकान मलिक बहुत ही अच्छा था और उसके घर में उसके अलवा उसकी वाईफ और एक बेटी था, जिसका नाम शीतल था, वो अभी 11 वीं क्लास में गयी थी, वो दिखने में बहुत हॉट और बड़े-बड़े बूब्स थे। फिर जब मैंने उसे पहली बार देखा तो में हैरान हो गया, क्योंकि वो इतनी सुंदर थी। फिर पहले तो 1-2 महीने तक में अपनी पढ़ाई में ध्यान देता रहा और अपने दोस्तों के साथ मौज मस्ती करता रहा। फिर में तीसरे महीने का किराया देने मकान मालिक के पास गया, तो मकान मालिक और उनकी वाईफ दोनों शहर से उस दिन बाहर गये थे। बस यही से मेरी और शीतल की लव स्टोरी शुरू होती है। तो फिर में अंदर पहुँचा तो शीतल कपड़े बदल रही थी। दरवाजा सिर्फ़ ऐसे ही लगा था और मैंने उसे खोल लिया था, उस टाईम शीतल ने सफ़ेद ब्रा और सफ़ेद पेंटी पहनी हुई थी।

फिर में उसे देखता रहा और वो दूसरे रूम में चली गयी, तो तब तक में बाहर ही खड़ा था। फिर वो कपड़े पहनकर आई, उस समय वो थोड़ी शरमाई सी थी। फिर मैंने कहा कि में यहाँ किराया देने आया था, क्या घर पर आपके पापा नहीं है? तो वो बोली कि मम्मी-पापा दो दिन के लिए बाहर गये है, क्या काम है बोलो? फिर मैंने कहा कि किराया देना था। तो वो बोली कि ठीक है दे दो। तो फिर मैंने कहा कि आप ही ले लो। तो वो बोली कि ठीक है दे दो। फिर जब उसने पैसो के लिए अपना एक हाथ आगे बढ़ाया, तो मैंने उसकी हथेली को स्पर्श करते हुए उसको पैसे दिए। अब मेरा लंड इस समय खड़ा हो गया था, अब में बिना कुछ बोले रह नहीं पा रहा था। फिर मैंने उससे कहा कि शीतल तुम बहुत सुंदर हो, तुम्हारे बूब्स बहुत बड़े-बड़े और सेक्सी है और इतना कहने के बाद मैंने उससे जाते-जाते कहा कि आजकल रात को मुझे नींद आती है, पता नहीं और उससे इतना बोलकर में कॉलेज के लिए निकल गया। फिर शाम को जब में वापस आया, तो वो मुझे देख रही थी, तो में भी उसे देखते हुए और अंदर आने का इशारा करते हुए रूम के अंदर चला गया। फिर करीब 30 मिनट के बाद वो आई। तो मैंने उससे कहा कि आओं बैठो, उस टाईम उसने लाल कलर का सूट पहना हुआ था, उसके लम्बे गहरे काले बाल उसकी कमर तक आते है। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

Antarvasna Hindi Sex Story  कार में चुदाई

फिर मैंने उससे पूछा कि पढ़ाई कैसी चल रही है? तुम्हारे 10वीं में क्या बना? तुम्हारी मार्कशीट तो दिखाओ, चूँकि में उसकी उम्र जानना चाहता था इसलिए मैंने उसकी मार्कशीट मांगी थी। फिर वो करीब 15 मिनट में अपनी मार्कशीट लेकर आई। फिर मार्कशीट के हिसाब से मैंने उसकी उम्र पता की, तो वो 18 साल की थी और में 19 साल का था। अब हम करीब 1 घंटे से इधर उधर की बात कर रहें थे। अब घड़ी की सुई उस समय 8 बजा रही थी। फिर मैंने अपने मन में सोचा कि सुबह की बात को क्यों ना आगे बढ़ाया जाए? फिर में एकदम से उसके पास गया और उसकी आँखो में देखने लगा, तो वो भी मुझे देखने लगी। फिर मैंने धीरे से उसके बूब्स को दबाना शुरू किया, तो वो कुछ नहीं बोल रही थी। फिर मैंने उसके चेहरे पर किस किया और उसकी कमीज निकाल दी। फिर मैंने उसके बूब्स को जोर-ज़ोर से दबाया और उसके बाद मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी। अब में उसके दो पहाड़ से बूब्स को देख रहा था, उसके निपल पिंक कलर के थे।

फिर मैंने करीब 30 मिनट तक उसके बूब्स को चूमा, तो वो एकदम तन गये थे। फिर मैंने उसके बूब्स को चूमते-चूमते अपना एक हाथ उसके पजामे के अंदर डाला और उसकी चूत को अपने एक हाथ से सहला रहा था। फिर मैंने उसका सलवार और पेंटी उतार दी। अब वो पूरी नंगी हो गयी थी, उसका बदन इतना मुलायम था जिसका बखान करना मेरे बस की बात नहीं है। फिर मैंने अपनी शर्ट और पेंट उसे उतारने को कहा और उसके बाद मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया। फिर पहले तो वो मना करने लगी, लेकिन फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले ही लिया। फिर मैंने उसे कुर्सी पर बैठाकर ज़ोर से अपना लंड उसके मुँह में दिया और फिर करीब 10 मिनट के बाद अपने लंड को उसके मुँह से बाहर निकाला। उसकी चूत भी उसके चेहरे जैसी सुंदर थी, हल्के-हल्के ब्राउन बाल उसकी चूत के आस पास थे, उसकी पिंक चूत को देखकर अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था।

Antarvasna Hindi Sex Story  भाभी की गांड बहन के सामने चोदी

फिर फिर मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया। अब उधर शीतल भी बहुत गर्म हो गयी थी और उसके बूब्स एकदम तन गये थे। फिर में अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा, क्योंकि मेरा लंड 9 इंच का हो गया था, तो मेरे लंड को उसकी चूत में जाने में शीतल को बहुत तकलीफ हुई और वो चिल्लाई भी, लेकिन मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसा ही दिया। फिर भी मेरा लंड 70% ही उसकी चूत में गया था कि वो घबराने लगी। फिर में उसके मुँह में अपना मुँह डालकर चूमने लगा, जिससे उसकी थोड़ी घबराहट कम हुई, लेकिन मेरा लंड अभी भी अपनी जगह नहीं बना पा रहा था, उसकी चूत बहुत ही टाईट थी। फिर भी मैंने अपना प्रयास जारी रखा और धीरे-धीरे अपना लंड डालता रहा। फिर आखरी में मेरा 9 इंच का पूरा का पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया। अब शीतल की आँखो में हल्के से आसूं आने लगे थे और वो कह रही थी कि इतना अंदर गया है तो बाहर आएगा या नहीं। फिर मैंने शीतल से कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है, तुम सिर्फ़ मजा करो।

फिर मैंने धीरे-धीरे से उसे शॉट मारने शुरू कर दिए, लेकिन वो बहुत जोर-जोर से चिल्लाने लगी थी, तो फिर मैंने भी जबरदस्ती नहीं की। फिर करीब 30 मिनट तक मेरा लंड उसकी चूत में ही रहा और में बिना किसी शॉट के ऐसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा। फिर भी वो घबराई और कहा कि अपने लंड को बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर इसके बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाल दिया, तो इस बीच उसने भी अपना पानी निकाल दिया। फिर मैंने अपना भीगा लंड उसके मुँह में डाला और साथ में उसे भी हिलने को भी कहा। फिर 15 मिनट के बाद मैंने अपना पानी उसके मुँह और बूब्स पर छोड़ा। फिर वो करीब 10 मिनट के बाद अपने कपड़े पहनकर मुस्कुराती हुई चली गयी। अब घड़ी की सुई 10 बजा रही थी। फिर करीब रात के 12 बजे में उसके घर गया और मैंने नॉक किया तो 2-3 बार करने के बाद उसने दरवाज़ा खोला, तो मुझे ऐसा लगा कि वो सो गयी थी, लेकिन फिर में अंदर गया तो, वो सेक्सी मूवी देख रही थी, जो कि अंदर टी.वी पर चल रही थी। फिर इस बीच शीतल मुझसे कुछ नहीं बोली।

Antarvasna Hindi Sex Story  दो सौतेले भाई ने मुझे रात भर रेप किया

फिर मैंने उससे कहा की तुम साड़ी पहनकर आओ, तो बिना किसी सवाल के साड़ी पहनने चली गयी। अब में मूवी देख रहा था, जो कि बहुत सेक्सी थी, तो इतने में वो साड़ी पहनकर आई और साथ में मेरे लिए दूध और नाश्ता ले लाई। फिर मैंने नाश्ता खाया और दूध पिया। अब हम दोनों मूवी देख रहे थे, अब मैंने उसे अपनी गोद में बैठा लिया था और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबा कर रहा था। अब मूवी हॉट होने से वो भी जल्द ही गर्म हो गयी थी और उसने मेरे पजामे को उतार दिया था। फिर में भी उसे बैठे-बैठ ही उसकी साड़ी को ऊपर करके अपना लंड घुसाने लगा। फिर थोड़ी देर के बाद मूवी ख़त्म हो गयी।

फिर मैंने उसको उस रात कई प्रकार की स्टाइल में चोदा और में करीब रातभर उसे धीरे-धीरे चोदता रहा। अब उसकी टाईट चूत में मेरा लंड काफ़ी धीरे-धीरे जा रहा था। फिर इस प्रकार से मैंने उसे पूरे 2 दिन तक चोदा। फिर 2 दिन के बाद जब उसके माता पिता आ गये, तो वो करीब आधी रात को मेरे रूम में 1 घंटे के लिए रोजाना आती थी। फिर 8-10 दिन के बाद मेरा लंड उसकी चूत में आराम से जाने लगा, लेकिन उसने अपनी चिल्लाने की आदत बंद नहीं की, क्योंकि वो कहती थी कि उसे दर्द बहुत होता है। फिर इस प्रकार से शीतल जिसे में प्यार से शीत कहा करता था, हम दोनों ने बहुत चुदाई की और बहुत मजा किया ।।

धन्यवाद …