कुंवारी माँ की शादी और सुहागरात

हैल्लो दोस्तों, यह मेरी Antarvasna पहली कहानी है, जो में आप सबके सामने रख रहा हूँ। यह मेरे जीवन की सच्ची घटना है, जिसने मेरे सारे सपने पूरे कर दिए और आज में एक कुशल जिंदगी जी रहा हूँ, जो कि सेक्स और मस्ती से भरपूर है। दोस्तों मेरा नाम दीपक है और में पंजाब लुधियाना का रहने वाला हूँ, मेरी हाईट 6 फुट 2 इंच है, मेरा रंग सांवला और बॉडी मस्त है। यह कहानी मेरी और मेरी कुँवारी माँ की है। आप सब हैरान होंगे कि में कुँवारी क्यों लिख रहा हूँ? इस बात का जवाब आपको कहानी में आगे मिलेगा। मेरी उम्र 25 साल है और मेरी माँ की उम्र 39 साल है। दोस्तों मेरी माँ रीता एक भरपूर जिस्म की मालकिन है, उसकी हाईट 5 फुट 2 इंच है और वो दिखने में बहुत ही खूबसूरत है। में अपने माँ बाप की इकलौती औलाद हूँ, मेरा बाप बहुत ही अमीर आदमी है, जिसके पास बहुत पैसा है।

दोस्तों यह कहानी आज से 2 साल पहले शुरू हुई, जब मेरा 23वां बर्थ-डे था। में शुरू से ही अपनी माँ को कभी माँ की नज़र से नहीं देखता था, बस शुरू से मुझे उसको पाने का जूनून था। मेरी यह इच्छा इस साईट की स्टोरी पढ़कर और बलवान हो गयी और पूरी हुई आज से 2 साल पहले, जब भगवान ने मुझे ताजी कसी हुई बिना फटी चूत वाली माँ मेरी पत्नी के रूप में दी। हुआ यूँ कि मेरे 23 बर्थ-डे पर में मम्मी के कमरे में गया तो मैंने देखा कि मम्मी अपने कमरे में नहीं थी और उनकी डायरी बेड पर खुली पड़ी थी। मम्मी मेरे लिए गिफ्ट लेने के लिए गयी हुई थी। अब में उनकी पर्सनल डायरी उठाकर पढ़ने लगा, जिसे पढ़कर मेरे होश उड़ गये। उस डायरी के ज़रिए मुझे पता चला कि में अपने माँ, बाप की असली औलाद नहीं था, उनको में सड़क पर मिला था।

मेरी माँ बहुत ही ग़रीब परिवार से थी, जिनकी शादी 15 साल की उम्र में उनके पिताजी ने अपने मालिक के बेटे से कर दी थी। मेरी माँ को शादी के बाद सुहागरात पर पता चला कि मेरे पिताजी नपुंसक है और वो कुछ नहीं कर सकते है। मेरे नाना जी को इस बात का पता था, लेकिन मेरे दादा जी का उन पर बहुत क़र्ज़ था और उन्होंने मेरे मेरी माँ की शादी करवाने का वादा किया था, तो मेरे नाना जी ने उनको नपुंसक को बेच दिया था। अब मेरी माँ फंस चुकी थी, लेकिन वो चाहकर भी कुछ नहीं कर सकती थी। तभी नई फेक्ट्री के काम से पापा मम्मी को लेकर हिमाचल आ गये और एक साल के बाद जब वापस आ रहे थे, तो उनकी कार का एक्सिडेंट हो गया, जिसमें एक ग़रीब औरत मर गयी और उसकी गोद में, में बच गया।

फिर मेरी माँ ने मुझे उठा लिया और अपने साथ घर ले आई। तब में 2 महीने का था और मम्मी पापा और दादा जी ने उनकी औलाद के रूप में दुनिया के सामने मुझे पेश कर दिया। अब आप लोग समझ चुके होंगे कि मैंने कुँवारी क्यों लिखा था? खैर फिर वक़्त के साथ-साथ में बड़ा होने लगा और इस दौरान मेरे दादा जी और नाना जी चल बसे। अब में, मेरी माँ और पिताजी थे, पिताजी ने अपने बिज़नेस को बहुत बढ़ा दिया था। फिर यह सब पढ़कर मैंने वो डायरी अपने पास रख ली और चुपचाप पिताजी के ऑफिस चला गया और वो डायरी उनके सामने रख दी। फिर मेरे पिताजी ने पूछा कि यह क्या है? तो मैंने कहा कि खुद पढ़ लो और घर वापस आ गया। फिर बाद में 2 घंटे के बाद ऑफिस से मम्मी को फोन आया कि पिताजी ने सुसाईड कर लिया, तो मम्मी रोने लगी। ख़ैर 13 दिन में सब रस्में पूरी हो गयी, अब मम्मी बहुत उदास रहने लगी थी। फिर मैंने भी ऑफिस जाना शुरू कर दिया। फिर कुछ दिनों के बाद पापा के कैबिन में उनकी अलमारी में मुझे एक डायरी मिली, जिसमें लिखा था बेटा अपनी मम्मी का ध्यान रखना, जिसे पढ़कर मेरी प्यासी इच्छा फिर से जाग उठी।

फिर मैंने घर लौटकर मम्मी को कहा कि मैंने नेपाल की उनकी और अपनी टिकट बुक कर दी है और हमें कुछ दिन वहाँ रहकर प्लांट का काम करवाना है, तो आपका भी दिल बहल जाएगा, तो मम्मी भी तैयार हो गयी। हमारी फ्लाईट शाम की थी, तो हम लोग तैयार होकर दिल्ली को चल दिए। हमारा नेपाल में अपना बंगला है, जहाँ में अक्सर आता जाता रहता हूँ और वहाँ का नौकर मेरा अपना आदमी है, जिसकी बीवी से मेरे संबंध है। फिर मैंने उसकी बीवी को फोन कर दिया कि हम लोग आ रहे है और सारी बात बता दी कि मुझे यहाँ आकर मम्मी से शादी करनी है और सुहागरात मनानी है, तो सारा इंतज़ाम कर दो। ख़ैर फिर हम रात को नेपाल के हमारे बंगले पर पहुँच गये और अब खाना तैयार था। फिर खाना खाने के बाद नौकर की बीवी शीला दूध लेकर आई। फिर मैंने उसको लिप किस किया और मम्मी के दूध में सेक्स और नींद की गोलियाँ मिला दी, जिसको उसने मम्मी के कमरे में रख दिया और देखती रही।

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फिर जब मम्मी ने वो दूध पी लिया, तो उसने आकर मुझे बता दिया। फिर मैंने उससे कहा कि ये ले वीडियो कैमरा और मम्मी के कमरे में जाकर मम्मी को नंगी करके वीडियो बनाकर ला, तो उसने वैसा ही किया और कैमरा लाकर मुझे दे दिया। फिर सुबह जब मम्मी को होश आया, तो उन्होंने देखा कि उनके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। फिर उन्होंने इधर उधर देखा, लेकिन उन्हें उनके कपड़े नहीं मिले तो उन्होंने सामने देखा तो साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज, पेंटी, ब्रा मेरे हाथ में थी। अब वो एकदम से चौंक गयी और चिल्लाकर बोली कि यह क्या बकवास है? तुमने क्या किया है? फिर मैंने वो डायरी जो कि में अपने साथ लाया था और उनके सामने फेंक दी और बोला कि डार्लिंग तुम्हारी और मेरी असलियत में जानता हूँ और तुम्हें असली सुहागरात का मजा देने के लिए ही यहाँ लाया हूँ।

अब वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने और रोने लगी थी, जिसको सुनकर शीला कमरे में अंदर आ गयी। फिर मैंने शीला से कहा कि इसको समझा दो अगर तैयार है तो ठीक है नहीं तो मैंने जो इसकी वीडियो बनाई है, वो इंटरनेट पर और फ़ेसबुक पर अपलोड कर दूंगा और अभी तो यह मेरी बीवी बन रही है, लेकिन तब यह सारे जग की रंडी बन जाएगी। यह कहकर मैंने उस वीडियो की कॉपी भी उसकी तरफ फेंक दी और ऑफिस चला गया। फिर करीब 2 घंटे के बाद मुझे शीला का फोन आया कि मम्मी मान गयी है। अब में बहुत खुश हुआ और शीला से सारा इंतज़ाम पूछा, तो उसने बताया कि उसके पति ने गावं के पंडित से बात कर रखी है और वो आज शाम को हमारी शादी करवा देगा। फिर मैंने शीला को मम्मी को टॉप के ब्यूटी पार्लर में लेकर जाने को बोला और कहा कि फुल वैक्सिंग करवा कर, उसके बूब्स पर मेहंदी का एक लंबा फूल, पीठ पर दो फूल, कंधो पर दो फूल, जांघो पर, पैर पर, पूरे हाथों पर मेहंदी लगवा दो और शरीर के किसी भी हिस्से पर बाल ना हो। मम्मी के बाल उनके घुटनों तक लंबे है, तो मैंने कहा कि सुंदर सा जुड़ा बालों पर हो, जाली वाली ब्रा, फूलों वाली अंडरवेयर, महंगी साड़ी लाल रंग की, लंबी बिंदी, फुल ब्राइडल मेकअप करवा दो, ताकि मेरी जानेमन मम्मी दुनिया की सबसे सुंदर दुल्हन लगे और में तुम दोनों को लेने के लिए गाड़ी भेज दूँगा।

फिर मैंने उसके पति को अपना बेडरूम सुहागरात के लिए तैयार करने को बोल दिया। फिर ठीक 6 बजे वो सुहागरात का कमरा तैयार करके मेरे पास आ गया और मैंने एक गाड़ी मम्मी और शीला को लेने के लिए भेज दी और राम सिंह (नौकर) और में मंदिर की तरफ चल पड़े। फिर ठीक 7 बजे मम्मी और शीला भी वहाँ आ गयी। अब पंडित जी पूरी तैयारी कर चुके थे। फिर उन्होंने मुझसे रिंग्स माँगी, तो मैंने उन्हें रिंग दे दी। फिर उन्होंने मंतर जाप के बाद मम्मी को बुलाया, तो मम्मी लंबा घुंघट ओढ़कर आई। फिर उन्होंने एक अंगूठी मम्मी को दी, जिस पर मेरा नाम लिखा था और दूसरी रिंग मुझे दी और कहा कि अब एक दूसरे को पहना दो। फिर मैंने मम्मी को और मम्मी ने मुझे अंगूठी पहना दी। फिर पंडित जी ने कहा कि तुम लोग अब एक दूसरे को वरमाला पहना दो, तो हमने एक दूसरे को वरमाला पहना दी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर पंडित जी बोले कि अब आप लोग एक दूसरे से बंध गये हो, अब में आप लोगों की शादी करवाने जा रहा हूँ, कन्यादान कौन करेगा? पहली बार मेरी मम्मी के मुँह से आवाज़ निकली कि शीला और राम सिंह। फिर हम दोनों वेदी पर बैठ गये, तो पंडित जी ने मंतर पढ़ने शुरू कर दिए और शीला और राम सिंह ने मम्मी का कन्या दान किया और फिर सात फैरे पूरे हो गये। फिर मैंने मम्मी की मांग भरी और अब मांग भरते वक़्त जब मैंने मम्मी की और देखा तो मम्मी गजब की लग रही थी। अब मम्मी लाल रंग की साड़ी में बहुत सुंदर लग रही थी। फिर मैंने मम्मी के गले में मंगलसूत्र पहना दिया। फिर पंडित जी ने कहा कि अब आप लोग पति, पत्नी हो चुके हो।

फिर मम्मी और शीला, राम सिंह और पंडित जी का आशीर्वाद लिया और हम लोग अपने बंगले पर वापस आ गये। फिर शीला मम्मी को सुहागरात वाले कमरे में छोड़कर चली गयी। फिर करीब आधे घंटे के बाद जब में बेडरूम में आया, तो वहाँ का नजारा बहुत ही खूबसूरत था। अब मम्मी सुहागसेज़ पर घूँघट ओढ़कर बैठी थी और पूरा कमरा गुलाब के फूलों से महक रहा था। फिर मैंने कमरे का दरवाज़ा बंद किया और मम्मी के पास आकर बैठ गया। फिर मैंने धीरे से मम्मी का हाथ पकड़ा तो मम्मी शर्मा गयी। फिर मैंने धीरे से मम्मी का घूँघट उठा दिया और तब मम्मी क्या कयामत ढा रही थी? अब मम्मी की आँखे बंद थी। फिर मैंने अपनी जेब से हीरो की रिंग निकाली और मम्मी की और बढ़ा दी और कहा कि यह आपकी मुँह दिखाई है, बाकी के गिफ्ट सब देखने के बाद दूंगा। फिर मैंने दूध का गिलास उठाकर एक सीप लिया और कहा कि अब आप पियो, तो मम्मी ने दूध पी लिया।

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फिर मैंने कहा कि में आपको अपनी पत्नी के तौर पर स्वीकार करता हूँ। अब मम्मी की बंद आँखों से आँसू बहने लगे थे। फिर मैंने मम्मी को पकड़कर अपने सीने से लगा लिया और कहा कि अभी तुम्हारी उम्र ही क्या है रीता? अभी तो तुम शादी की उम्र की हुई थी और तुम्हारी शादी हो गयी। फिर मम्मी धीरे से बोली कि आप खड़े हो जाओ, तो में खड़ा हो गया। फिर मम्मी उठकर बेड से नीचे आई और मेरे पैरों पर गिरकर बोली कि मुझे आपने अपनाकर मुझ अभागन पर बहुत अहसान किया है, मुझे आशीर्वाद दो और आज से मेरा सब कुछ आपका है। फिर मैंने मम्मी को उनके कंधो से पकड़ा और कहा कि दूधो नहाओं पुतो फलो तुम 12 बच्चों की माँ बनो। अब मम्मी की हँसी छूट गयी और धीरे से बोली कि पहले एक तो दो। फिर मैंने कहा कि आज के बाद तुम्हारा नाम रीता छाबरा वाईफ ऑफ दीपक छाबरा है और तुम गिनती जाना, में तुम्हें कितने बच्चे देता हूँ। फिर यह कहकर मैंने रीता का चेहरा पकड़ा और गालों पर किस कर दिया, तो वो शर्मा गयी।

फिर मैंने रीता मम्मी को अपनी गोद में उठाकर बेड पर बैठा दिया और धीरे से अपने सीने से लगा लिया। अब रीता मम्मी के बूब्स जैसे ही मेरे सीने से चुभे तो मानो मुझे स्वर्ग मिल गया हो। अब में अपना एक हाथ उसके पेट पर फैरने लगा था और धीरे से उनकी आँखों को चूमने लगा था। अब रीता मम्मी की साँसे गर्म हो गयी थी। फिर मैंने धीरे से अपने होंठ उनके होंठो पर रख दिए और उनकी गुलाब की पंखुड़ियों को मसलने लगा। अब मम्मी भी मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने उनकी लंबी जुल्फे खोल दी और उनका पल्लू नीचे गिरा दिया। फिर मैंने उनको लेटा दिया और अब मम्मी की आँखे बंद थी और मेरे अंग अपना काम कर रहे थे और मम्मी गहरी साँसे ले रही थी। फिर मैंने मम्मी से कहा कि आज से आपका तन, चूचे, मन, सब कुछ मेरा है। फिर मैंने उसकी चूत पर अपना हाथ रखकर कहा कि यह स्त्री धन और फिर अपना लंड पकड़कर कहा कि यह लंड सिर्फ़ मेरा है तो मम्मी बोली कि नहीं बाकी सब आपका है, लेकिन यह लंड मेरा है, तो में हंस पड़ा।

फिर मैंने मम्मी का ब्लाउज खोल दिया और जाली वाली ब्रा के ऊपर से ही उनके बूब्स चूमने लगा। फिर मैंने मम्मी को उनकी कमर के ऊपर से नंगी कर दिया और उनका हर अंग चूमने लगा। अब मम्मी मचल रही थी। फिर मैंने धीरे-धीरे मम्मी के सारे कपड़े उतार दिए और उनको पूरी नंगी कर दिया। अब मम्मी के पैरों की पायल बज रही थी। फिर मैंने देखा कि ब्यूटी पार्लर वालों ने बहुत मेहनत की थी। अब मम्मी के बूब्स पूरी मेहंदी की डिजाईन से भरे थे और चूत भी। फिर मैंने मम्मी की गोरी-गोरी चूत अपने हाथों से सहला दी। अब मम्मी गहरी साँसे ले रही थी और मेरी आँखों में देख रही थी। फिर मैंने अपनी जीभ मम्मी की चूत पर रख दी, तो मम्मी उछल पड़ी। फिर मैंने कहा कि क्या हुआ? तो उन्होंने कहा कि पता नहीं मेरा पहली बार है। फिर मैंने कहा कि क्या? तो उन्होंने कहा कि में अब तक कुँवारी हूँ।

फिर मैंने कहा कि तो आज यह बेटा अपनी कुँवारी माँ की चूत फाड़ देगा। फिर वो बोली कि मेरे पतिदेव की जो मर्ज़ी हो, वो अपनी पत्नी से करे, लेकिन मेरे पतिदेव, मेरे बेटे मुझे अपने लंड के दर्शन करने है। फिर मैंने तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए, मेरी मम्मी पत्नी ने आज तक किसी से संभोग नहीं किया था। फिर मैंने अपना 8 इंच लंबा डंडा जो कि मोटाई में 3 इंच का हो चुका था और किसी गधे के लंड जैसा दिख रहा था। फिर मैंने अपना लंड अपने हाथ में पकड़कर रीता मम्मी के हाथ में दे दिया, तो वो चौंक गयी और बोली कि तुम मेरी चूत इससे फाड़ोगे। फिर मैंने कहा कि मम्मी जानेमन में इससे तुम्हें औरत बना दूँगा और तुम्हरी सील को तोड़ूँगा, तो वो डर गयी। फिर मैंने कहा कि डरो नहीं, अब यह तुम्हारा है। फिर वो कहने लगी कि यह तो कोई नहीं ले सकता। फिर मैंने कहा कि क्यों? तो उसने कहा कि यह इतना मोटा और लंबा जो है। फिर मैंने कहा कि डर मत पगली, शीला तो इसकी दीवानी है और तुम चूसकर तो देखो बहुत मज़ा आएगा, तो वो मना करने लगी।

फिर मैंने कहा कि अब में तुम्हारा मालिक हूँ, तुम्हारा हर अंग मेरा है, में जैसे मर्ज़ी हो करूँ, चल शुरू हो जा और मैंने उसको पकड़कर अपना लंड उसके मुहं में दे दिया। अब उसकी आँखों से आँसू निकल पड़े थे और उसे सांस लेने में भी परेशानी होने लगी थी। फिर मैंने 69 की पोज़िशन ली और उसकी चूत को चाटने लगा और अपना लंड उसके मुंह में अंदर बाहर करने लगा। फिर मैंने जानबूझ कर 10 मिनट के बाद ही उसके मुँह में अपना वीर्य छोड़ दिया। अब उसका मुंह मेरे लंड के माल से भर गया था। फिर मैंने कहा कि पी जा पति का माल, क्योंकि अब चूत की सील टूटेगी, गांड फटेगी और 4 घंटे तक माल भी नहीं निकलेगा। अब में तुम्हारी कोख भरूँगा, में तुम्हें अपने बच्चे की माँ बनाऊंगा, तो वो मुश्किल से मेरा सारा माल पी गयी। फिर मैंने कहा कि अब इसको चाटो और उसकी जीभ से मेरा पूरा लंड चटवाया। अब उसकी चूत पानी छोड़ रही थी, तो मैंने उसके पानी से अपने लंड को गीला किया और उसकी टांगे पूरी फैला दी।

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अब उसकी सुंदर चूत मेरे सामने थी। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सटाकर उसकी चूत को अपने लंड से सहलाने लगा। अब वो पूरी गर्म हो गयी थी और उसकी कुँवारी चूत लाल हो गयी थी। फिर मैंने एकदम से पूरे ज़ोर से धक्का मारा, तो मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ सिर्फ़ 2 इंच अंदर चला गया और वो ज़ोर से चीख पड़ी। फिर मैंने उसका मुँह अपने होंठो से बंद किया और ज़ोर-ज़ोर से 2 धक्के और मारे तो मेरा 6 इंच का लंड उसकी चूत में पूरा घुस गया। अब वो बेहोश हो गयी थी और उसकी चूत बुरी तरह से फट गयी थी। फिर मैंने देखा कि वो बेहोश हो गयी है, तो मैंने मौके का फायदा उठाकर ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार-मारकर 5-7 धक्को में अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। अब उसकी चूत का बाजा बजाने के बाद मैंने उसको उल्टा किया और बेहोशी में ही उसकी गांड भी फाड़ दी। अब मेरा लंड उसकी गांड में बुरी तरह से घुस चुका था।

फिर मैंने उसको सीधा किया और अपना लंड सीधा उसकी चूत में घुसा दिया। फिर मैंने उसके मुंह पर पानी मारा, तो वो होश में आई और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी। फिर मैंने कहा कि रीता डार्लिंग तुम सुहागन बन चुकी हो, अब क्यों चिल्ला रही हो? मैंने तुम्हारे हर अंग पर मोहर लगा दी है, तुम्हारी गांड, चूत फाड़ दी है, अब तो बस मज़े करो और ऐसे ही लेटी रहो। फिर करीब 15 मिनट के बाद वो कुछ शांत हुई और फिर मैंने धीरे-धीरे हिलना शुरू कर दिया और फिर मैंने थोड़ी सी अपनी स्पीड भी बढ़ा दी। अब उसका दर्द ख़त्म हो चुका था और अब वो भी उछलने लगी थी। अब में पूरे जोश से उसकी चूत मार रहा था और वो भी अपने पूरे जोश से मुझसे अपनी चूत चुदवा रही थी। अब उसकी चूत का तबला दनदना दन बज रहा था। अब वो 6 बार अपना पानी छोड़ चुकी थी और अब वो मुझे हटाने की कोशिश करती और में अपनी रफ़्तार बढ़ा देता, तो वो फिर से गर्म हो जाती। आख़िर में जब वो 10 बार झड़ी, तो में भी झड़ गया। अब उसकी चूत की चुदाई करते हुए मुझे 3 घंटे हो चुके थे।

अब वो अपनी चूत चुदवा-चुदवाकर बहुत थक गयी थी, तो में कुछ टाईम तक रुक गया। फिर में और वो सो गये, अब मेरा पूरा माल वो अपनी बच्चेदानी में समा चुकी थी कि तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज़ आई। फिर मैंने उठकर दरवाजा खोला, तो सामने शीला चाय लेकर खड़ी थी। फिर वो अंदर आई और एकदम से चीख पड़ी। फिर मैंने कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि यह तो आपकी मम्मी है, इनकी चूत से इतना खून क्यों निकला? इनकी तो पहले से फटी होगी ना। फिर में हँसने लगा और कहा कि शीला डार्लिंग यह अभी तक कुँवारी थी और मैंने रात को सुहागरात में इनकी सील तोड़ी है, अब यह माँ बनेगी। फिर वो बोली कि तेल लगा लेते, तो मैंने कहा कि वो तेरी तरह रंडी नहीं है, वो मेरी घरवाली बन चुकी है और घरवाली की चूत मारने के लिए तेल नहीं लगाना होता है, पूछ ले इसको तेल लगाकर मारूं या सूखा। अब मेरी मम्मी पत्नी बोली कि बस सूखा मारो, अभी तो मज़ा आने लगा है हाय और तुम जाओ अभी, तुम 1 महीने तक इससे नहीं चुदवाओगी, जब तक में प्रेग्नेंट नहीं हो जाती हूँ।

फिर तो तुम और में मिलकर इसको और चूत में भी डलवायेगी। अभी यह सिर्फ मेरी चूत और गांड मारेगा, यह मेरा बेटा है, मेरा पति है, मेरा कसम है, मेरा लाड़ला है। अब में इसकी पत्नी हूँ, आजा मेरे बेटे अपनी माँ के अंदर अपना बीज डाल दे और मुझे गर्भवती कर दे, मुझे तेरे बच्चे पैदा करने है मेरे पतिदेव। फिर मैंने दरवाजा बंद करके फिर से उसकी चूत मारनी स्टार्ट कर दी। फिर एक महीने के बाद पता चल गया कि मेरे बीज ने कमाल कर दिया है। अब रीता मम्मी गर्भवती हो गयी है और आज वो मेरे 2 बच्चों की माँ है ।।

धन्यवाद …