दीदी की विधवा ननद

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 26 साल है। में पंजाब का रहने वाला हूँ और आज में आपको मेरी और मेरी दीदी की ननद के बीच की घटना बताने जा रहा हूँ। ये बात आज से कुछ साल पुरानी है, जब में अपनी दीदी के पास पढ़ने के लिए गया हुआ था। मेरे जीजाजी एक बड़े बिजनस मेन है, उनके पास एक बड़ा सा घर है, उस घर में जीजाजी दीदी और उनकी एक विधवा बहन रहती थी। वो एक सरकारी टीचर थी और जालंधर के पास के एक पिंड में पढ़ाने जाती थी। उसकी उम्र कोई 52 साल की होगी। उसका नाम सुरजीत था और उसकी शक्ल से पता ही नहीं चलता था कि वो 52 साल की है। उसकी शादी के कुछ साल बाद ही उसके पति की एक एक्सिडेंट में मौत हो गयी थी और उसके कोई बच्चा भी नहीं था। वो मेरी दीदी और जीजाजी के साथ ही रहती थी और उसका कद करीब 5 फुट 4 इंच, रंग साफ, वजन 70 किलोग्राम और उसकी बॉडी साईज़ 40-32-38 होगा, वो दिखने में बहुत सुंदर और सेक्सी लगती थी।

फिर में दीदी के पास पढ़ने के लिए गया। सुरजीत का नेचर काफ़ी अलग था, वो बोलती भी कम थी और गुस्से वाली भी थी। अब मेरे मन में उसके बारे में कुछ भी नहीं था। फिर जब मेरे कॉलेज स्टार्ट हुए तो मेरे नये दोस्त बन गये। अब हम फ्री टाइम में केंटिन में बातें करते और ऐसे ही समय गुज़रता गया और हम लोग आपस में काफी घुल मिल गये। अब आज के जमाने में ज़ाहिर सी बात है की इस उम्र में नॉनवेज बातों का होना एक नॉर्मल सी बात थी तो में कभी कोई सेक्सी किताब ले आता, तो कभी कोई ब्लू फिल्म की सी.डी ले आता। अब ये सब देख-देखकर मेरा मन भी किसी को चोदने को करने लगा था, हमारा कॉलेज सिर्फ़ लड़को का कॉलेज था। अब मेरी नज़र में दो ही औरत थी, एक दीदी, लेकिन वो मेरी बहन थी और एक दीदी की ननद सुरजीत, लेकिन उसके साथ सेक्स करना तो बिल्ली के गले में घंटी बांधने वाली बात थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर दिन दिन सुरजीत मेरे दिल में बसती चली गयी और उसका कमरा मेरे कमरे के साथ ही था। फिर एक दिन अचानक से मेरे जीजाजी ने मेरा कमरा अपने मैनेजर को दे दिया और मेरा सामान सुरजीत के कमरे में शिफ्ट कर दिया, तो मुझे एक उम्मीद की किरण दिखाई दी और में उसके साथ रहने लगा। वो बात काफ़ी कम बात करती थी, तो कुछ दिन तो में चुपचाप सोता रहा, लेकिन एक दिन में उसको चोदने का प्लान बनाने लगा, वो अक्सर साड़ी पहनकर सोती थी, तो में उसके सोने के बाद उसके शरीर को देखता रहता था। फिर मैंने अपने दोस्तों से बात की, तो उन्होंने मुझे हिम्मत करके कोशिश करने को बोला। फिर उस दिन रात को जब वो सोई हुई थी, तो में उसके बड़े-बड़े बूब्स पर अपना एक हाथ फैरने लगा, जिससे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

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फिर में 10 मिनट तक उसके बूब्स को सहलाता रहा और फिर में उसकी टांगो को सहलाने लगा और फिर थोड़ी देर बाद उसके पेटीकोट के अंदर से उसकी टांगो पर अपना हाथ फैरने लगा, तो हिम्मत करते- करते मेरा हाथ उसकी गर्म-गर्म चूत पर पहुँच गया, क्या मज़ेदार चूत थी उसकी? लेकिन एकदम अचानक से वो जाग गयी और वो ये सब देखक हैरान रह गयी। अब में तो डर गया था कि अगर उसने दीदी से बोल दिया तो मेरा क्या होगा? तो में उससे सॉरी बोलने लगा, तो वो हंसकर बोली कि वो तो कब से अपनी चूत देने के लिए बेकरार है? मगर वादा करो कि किसी से नहीं बोलोगे। फिर मैंने उसको वादा कर दिया और उसके लिप पर किस करने लगा और लिप किस के बाद मैंने उसके मुँह में अपनी ज़ीभ डाल दी और उसकी ज़ीभ को 10 मिनट तक चूसता रहा। फिर उसके बाद मैंने उसका ब्लाउज और ब्रा खोल दी और पागलों की तरह उसके बूब्स चूसने लगा। अब वो बहुत गर्म हो गयी थी और मुझको ज़ोर-ज़ोर से दबानी लगी और बोली कि प्लीज अपना लंड डालो। फिर मैंने उसका पेटीकोट उतारा और उसकी पेंटी भी उतार दी, तो में उसकी चूत देखकर हैरान हो गया, वो तो एक कुंवारी लड़की की चूत लग रही थी, लेकिन उस पर काफ़ी बाल थे।

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फिर मैंने बोला कि इनको शेव नहीं करती क्या? तो वो बोली कि किसके लिए शेव करूँ? तो में बाथरूम से शेविंग का सामन लाया और फिर मैंने उसकी चूत के बाल शेव किए और शेव करने के बाद हम 69 पोज़िशन में चुसाई करने लगे। अब वो मेरा लंड चूस रही थी और में उसकी चूत को चूस रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी दोनों टाँगे खोली और अपना लंड उसकी चूत में डाला और जब मैंने ज़ोर से एक झटका मारा, तो उसकी आँखों में से पानी आ गया। फिर में थोड़ी देर तक उसको चोदता रहा और कुछ देर के बाद मैंने उसको डॉगी स्टाइल में भी चोदा। अब वो ज़ोर-ज़ोर से बोल रही थी में झड़ने वाली हूँ, में झड़ने वाली हूँ और फिर वो एकदम से डिसचार्ज हो गयी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने भी अपना पानी उसकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और फिर हम दोनों बाथरूम में नहाने चले गये। फिर उस रात मैंने उसको 3 बार और चोदा और फिर ये सिलसिला 3 साल तक चलता रहा। अब में उसे रोज़ चोदता था। अब उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी थी और अब वो हर समय खुश रहती थी। फिर मेरी पढ़ाई पूरी हो गयी और में वापस अपने घर आ गया। अब में जब भी दीदी के घर जाता हूँ, तो उसकी रोज चुदाई करता हूँ ।।

धन्यवाद …