चूत की चुदाई का भूत

हैल्लो दोस्तों, में एक Antarvasna कॉल सेंटर में जॉब करता था। वहाँ मेरी एक सीनियर थी, में वहाँ एक टीम लीडर था। फिर एक दिन मुझे और मेरी सीनियर जिसका नाम था पूजा था। अब हम दोनों को थोड़ा सा काम था तो हम वहीं पर रुक गये, जब पूरे ऑफिस में कोई नहीं था। अब बातों-बातों में मेरी और उसकी सेक्स के बारे में बात होने लगी थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुमने किसी के साथ सेक्स किया है? तो मैंने कहा कि हाँ, में कई लड़कियों के साथ सेक्स कर चुका हूँ, लेकिन तुम क्यों ऐसे पूछ रही हो? तो उसने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई लड़का किसी लड़की की प्यास बुझा सकता है। फिर मैंने कहा कि ऐसा नहीं है आज तक मुझे कोई ऐसी लड़की नहीं मिली जो मेरे लंड से संतुष्ट ना हुई हो। तो उसने कहा कि ठीक है तुम्हें कभी ट्राई करूँगी। फिर मैंने कहा कि जब मन हो तो आ जाना, मेरे पास लड़कियों को चोदने के लिए हमेशा टाईम है और फिर में अपने रूम पर आ गया।

अब में आपको बता दूँ कि में अकेले अपने घर से दूर रहता हूँ। फिर मुझे उसी दिन उसका कॉल आया, तो उसने कहा कि मुझे अपने लंड का कहाँ मज़ा दोगे? तो मैंने कहा कि जहाँ आप अपनी चूत मुझे देना चाहे। फिर उसने कहा कि ठीक है, में तुम्हारे रूम पर आ जाऊं कोई दिक्कत तो नहीं होगी, तो मैंने कहा कि नहीं। फिर वो आधे घंटे के बाद मुझे पास के चौराहे पर मिली, तो मैंने उसे अपनी बाइक पर बैठाया, वो कुछ ज़्यादा ही मस्ती में लग रही थी क्योंकि वो मुझसे काफ़ी चिपककर बैठी थी और अपनी चूचीयाँ मेरी पीठ पर दबा रखी थी। फिर में उसे अपने फ्लेट पर लेकर गया। फिर जैसे ही हम वहाँ पहुँचे, तो वो अपना पर्स फेंककर मुझसे लिपट गयी और मेरे कपड़े उतारने लगी। फिर मैंने कहा कि ऐसे नहीं रानी आराम से करेंगे तो ज़्यादा मज़ा आएगा।

Antarvasna Hindi Sex Story  चूत का नूर और उसकी मज़ा

फिर मैंने सबसे पहले उसके कपड़ो के ऊपर से ही कसकर रगड़ा, कसकर उसकी चूचीयाँ दबाई, उसके चूतड़ों को सहलाया। फिर मैंने उसके रसीले होंठो का मज़ा लेना शुरू किया और फिर करीब 30 मिनट तक यही करते हुए उसका टॉप उतार दिया। अब उसकी चूचीयाँ ब्रा के अंदर से ही झाँकने लगी थी, वो उस टाईम पर कसम से बड़ी सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उसके गले पर और ब्रा के ऊपर से जितना अंग दिख रहा था, उसे कसकर चूसा और खूब रगड़ा। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी। फिर क्या था? अब उसकी मस्त बड़ी-बड़ी चूचीयाँ फुदकने लगी थी। फिर मैंने पहले उसकी दोनों चूचीयों को पकड़कर कसकर दबाया और फिर बारी-बारी से अपने मुँह में लेकर कसकर चूसना शुरू किया। अब पूजा की साँसे तेज हो चुकी थी और उसके मुँह से मस्त-मस्त कामुक आवाज़े निकलने लगी थी, जो मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी।

फिर मैंने अपने एक हाथ से उसकी जींस उतार दी और उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को दबाने लगा। अब उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी थी। फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी और धीरे-धीरे उसकी चूत पर अपना एक हाथ फैरने लगा। अब मेरे ऐसा करने से वो और भी ज्यादा मदहोश हो गयी थी और ज़ोर-ज़ोर से आहें लेने लगी थी। फिर क्या था? मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली डाल दी, उसकी चूत एकदम कुंवारी थी। फिर क्या था? मैंने कस-कसकर अपनी उंगली से उसकी चूत के अंदर मालिश करना शुरू कर दिया। अब वो और भी मदहोश हो गयी थी। फिर मैंने अपने कपड़े उतारे तो जैसे ही मैंने अपना 9 इंच का लंड बाहर निकाला। तो उसने उसे पकड़ लिया और बोलने लगी हाए मेरे राजा तुम्हारा लंड तो बड़ा मस्त है, एक बार उससे मेरी चूत की आग शांत कर दो राजा जी। फिर मैंने उसे अपना लंड चूसने के लिए कहा, तो उसने एक बार में ही मेरा आधा लंड अपने मुँह में ले लिया और ज़्यादा लेने की कोशिश करने लगी, लेकिन मेरा लंड बड़ा होने के कारण वो मेरा पूरा लंड अपने मुँह में नहीं ले सकी और कसकर मेरा लंड चूसती रही। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर मैंने उसे उठाकर उसकी चूत पर अपने होंठ टिका दिए, तो उसके मुँह से सिसकारियों की बौछार निकल पड़ी थी। फिर मैंने उसकी मक्खन जैसी चूत को रगड़-रगड़कर चूसा, तो वो बोली कि अब बस करो मेरे राजा जी नहीं तो में झड़ जाऊंगी और तुम्हारा लंड घुसवाने का मज़ा बेकार हो जाएगा, लेकिन में नहीं माना और उसकी चूत को चाट-चाटकर उसे झड़वा दिया। फिर जब वो झड़ गयी, तो मैंने उससे कहा कि तू तो बड़ी-बड़ी बातें कर रही थी कि कोई भी लड़का लड़की की प्यास नहीं बुझा सकता, लेकिन तू तो बीच में ही मैदान छोड़कर भाग निकली। फिर वो शर्मा गयी, लेकिन अब मेरे लंड की प्यास अभी भी अधूरी थी तो मैंने फिर से उसकी चूचीयों को सहलाना शुरू किया, तो धीरे-धीरे उसे भी जोश आने लगा। फिर मैंने दुबारा से उसकी चूत को चाटना शुरू किया, तो वो फिर से पूरी मस्ती में आ गयी। तो इस बार मैंने देर नहीं की और उसकी टाँगे अपनी कमर पर रखकर अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के मुँह पर टिका दिया और एक ज़ोर का धक्का दिया तो मेरा एक चौथाई लंड उसकी चूत में घुस गया।

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अब मेरा लंड मोटा होने के कारण उसे तकलीफ़ हो रही थी, लेकिन उसे लंड की चाह इतनी थी कि दर्द के बावजूद वो सिसकियाँ लेते हुए कहे जा रही थी आअहह मेरे राजा जी, मजा आ रहा है, हाईईईई और लंड पेलो ना अपनी रानी की चूत में, फाड़ डालो साली को, बड़ी फुदक रही है, जल्दी से अपना लंड अंदर करो ना मेरे राजा। फिर मैंने फिर से एक जोरदार धक्का दिया तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए घुस गया और वो दर्द से कराह गयी, लेकिन में नहीं रुका और ताबड़तोड़ धक्के लगाते हुए धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाने लगा। तो कुछ धक्के लगते ही, वो चिल्लाने लगी प्लीज रुक जाओ, बहुत दर्द हो रहा है, तो में थोड़ा सा रुक गया। फिर थोड़ी देर बाद मैंने धीरे-धीरे अपना लंड रगड़ना शुरू किया।

अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वो ज़ोर-ज़ोर धक्का लगाने को कहने लगी थी चोदो और ज़ोर से चोदो ना, आआआ, आईईईईई, हाईईई, मज़ा आ रहा है, हाए रे मेरी चूत तो फट गयी, उईईईईईई माआआआअ घुस गया पूरा लंड मेरी चूत में, हाए राजा चोदो ना, आज मेरी चूत फाड़कर इसका भोसड़ा बना दो। अब में लगातार अपने धक्को की स्पीड बढ़ाने लगा था और वो भी नीचे से अपनी गांड उछाल- उछालकर मेरा पूरा साथ दे रही थी। फिर जब उसका झड़ने का टाईम आ गया तो उसने अपनी गांड उछालना तेज कर दिया और फिर एकदम से शांत हो गयी। फिर मैंने भी उसे शांत होते देखकर अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी और झड़कर ही शांत हुआ। फिर इस तरह से मैंने उसे लगातार 3 दिनों तक जमकर चोदा और खूब इन्जॉय किया ।।

धन्यवाद …