भाभी की गांड का गुलाम

हैल्लो दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम मोहन है, में एक बार फिर से एक नई स्टोरी लेकर आया हूँ, जवान औरत से सेक्स करना और औरत को चोदना हर जवान लड़के का सपना होता है, जो मेरा भी था कि किसी मस्त जवान औरत की गांड और चूत मारी जाए और उसकी गांड में जीभ डालकर उसका रस चखा जाए। औरत की भारी-भारी, कसी-कसी उठान लिए ब्लाउज में दूध से भरी चूचीयाँ (बूब्स) हमेशा हिलते हुई मुझे अपनी और आकर्षित करती थी और में उनको दबाने के सपनों में खो जाता था कि कब ब्लाउज के बटन खोलकर उन चूचीयों को आज़ाद करूँगा? ब्लाउज के हुक खोलकर ब्रा को हटाकर दोनों चूचीयाँ (बूब्स) अपने हाथों में लेकर दबाऊँगा? कब औरत के बूब्स स्तन मेरे हाथों में आएँगे? कब में भी उन निपल्स को अपने मुँह में लेकर पी पाउँगा? मौहल्ले की हर जवान गोरी सुंदर और प्यारी भाभी के बारे में सोचता था कि रात को यह कितना मज़ा लुटवाती होगी और लंड की सवारी करके रोज जन्नत घूमने जाती होगी। हर भाभी भी मुझसे बहुत घुली-मिली थी और उन्हें कभी भी कोई काम होता तो उनका यह देवर हमेशा उनका काम करने को तैयार रहता था। फिर एक बार मेरे एक दूर के भैया हमारे यहाँ अपनी बीवी के साथ रहने आए।

ये बात एक रात की है, जब मुझे गर्मी के कारण नींद नही आ रही थी तो में ऐसे ही बाहर आँगन में निकलकर आ गया, तो सामने बेडरूम की खिड़की से हल्की ट्यूब लाईट की रोशनी बाहर आ रही थी, क्योंकि खिड़की के काँच पर कपड़ा पड़ा था, परंतु खिड़की का एक दरवाज़ा हल्का टेढ़ा खुला था ताकि साफ हवा कमरे में आ-जा सके। फिर मैंने सोचा कि भैया क्या पढ़ रहे है? तो मैंने बस हल्के से दबे पैर पास जाकर खिड़की के नीचे से अंदर देखा तो मेरी सांस जैसे रुक गयी। अब भाभी पूरी नंगी होकर अपने पेट के बल लेटी थी और उनकी मस्त, मांसल गांड ऊपर की तरफ थी। अब भैया उनकी पीठ पर सरसों के तेल से मसाज कर रहे थे और साथ-साथ वो उनके चूतड़ की भी मसाज कर रहे थे। अब भाभी हल्के-हल्के अपने मुँह से आहह, सस्स्सस्स, आहह हमम्म्ममम, म्‍म्म्ममममम, ऊऊ की आवाजे निकाल रही थी। फिर जब भैया तेल लगाकर अपनी उंगली भाभी की गांड को फैलाकर उनकी गांड में अंदर घुसा डालते तो भाभी कह उठती धीरे-धीरे डालो बाबा दर्द होता है। अब भैया लुंगी पहने अपने दोनों हाथों से उनके ऊपर जाँघो पर बैठकर उनके दोनों चूतड़ों की मसाज कर रहे थे। अब भाभी अपनी गांड की मालिश से बहुत खुश नजर आ रही थी। फिर भाभी के उल्टा होकर लेटने पर मैंने देखा कि भैया हल्के से लेटकर पीछे से उनकी गांड में अपनी जीभ भी लगा रहे थे, जिससे भाभी आआहह, ऊहहहह कर रही थी।

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फिर पीछे से ही भैया ने भाभी के जांघों को फैलाया, जिससे उनकी चूत भी दो फांको में बट गयी और उनकी चूत के गुलाबी छेद में अपनी एक उंगली डालकर अंदर-बाहर करने लगे। अब भाभी को अजीब सा नशा चढ़ने लगा था और वो मदहोश होने लगी थी। फिर भैया धीरे से भाभी की चूत के नीचे आ गये और अपनी जीभ से भाभी की चूत को लप-लप कर चाटना शुरू किया। फिर इससे भाभी की सिसकियाँ और साँसे और गर्म और तेज हो गयी थी। फिर भाभी अपनी पीठ के बल लेट गयी और भैया ने आगे वाले हिस्से की मालिश करनी शुरू की और भाभी की दोनों टांगो को फैलाकर उनकी गोरी, मांसल जांघो की रगड़-रगड़कर मालिश की और अपने अंगूठों से उनकी चूत की दोनों फांको की मसाज की और फिर खूब सारा थूक डालकर उनकी चूत पर लेप लगा दिया। फिर भैया ने अपनी जीभ से उनकी चूत को रगड़-रगड़ लाल करके उसके गुलाबी छेद में अपनी जीभ अंदर-बाहर करके अपनी उंगली को तेज़ी से अंदर-बाहर करके उनकी चूत को गीला करके चोदने का प्रोग्राम बनाया।

अब भैया बार-बार भाभी की चूत के ठीक बीच में ऊपर उगी हुई हल्की काली घुँगराली झांटो को भी अपने मुँह से अपने होंठो में दबाकर नोच रहे थे, जिससे भाभी को बहुत नशा छा जाता था। भाभी की झांटो के नीचे उनकी चूत की सुंदरता देखते ही बनती थी, वो बड़ा ही सुहावना सीन था, जिसे देखकर मेरा लंड तनकर कुतुब मीनार सा टाईट खड़ा हो गया था और मेरी चड्डी में ही मेरे लंड ने अपना पानी भी छोड़ दिया था। अब मेरा लंड भी खड़ा होकर भाभी को चोदने के लिये हो गया था। फिर मैंने देखा कि भैया भाभी के सिर की तरफ अपनी टांगो को करके लेट गये है और भाभी की चूत में अपनी जीभ से खेल रहे है और भाभी भैया का 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लंड पकड़कर अपनी जीभ से भैया के लंड का गुलाबी सुपाड़ा चाट रही थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर थोड़ी देर में भाभी ने भैया का लंड अपने मुँह में ले लिया और शांति के साथ अंदर-बाहर का मज़ा लेकर हम्मम्मम्म, ऊओ कहकर अपने हाथ में मज़बूती से भैया का लंड पकड़कर भैया के लंड को पूरा खड़ा कर दिया। फिर भैया ने अपने लंड को पकड़कर भाभी की चूत फैलाकर अंदर डाला तो उनका लंड खप की आवाज़ के साथ नरम रेशमी सी, चिकनी चूत की मखमली गहराई में समा गया। फिर भैया का लंड बहुत देर तक अंदर-बाहर चला, अब भैया ने भाभी को जन्नत की सैर करवानी शुरू कर थी। फिर भाभी बोली कि अब गांड भी तो मारो। तो इतना सुनने पर भैया ने भाभी की चूत से अपने लंड को बाहर निकालकर उनकी गांड के छेद पर लगाकर एक धक्का लगा डाला और उनकी गांड की धुनाई करनी शुरू कर दी, तो भैया 3-4 मिनट में ही झड़ गये। अब उनके लंड से गर्म वीर्य का फव्वारा देखकर मेरा भी लंड भीग आया था, लेकिन में क्या करता? तो मुझे दबे पैर वापस आकर सोना पड़ा और बड़ी मुश्किल से मेरी रात कटी। अब मैंने भी भाभी की गांड मारने की सोच ली थी। फिर कुछ दिनों के बाद मुझे भी मौका मिल ही गया।

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फिर एक दिन में अचानक से भाभी के बेडरूम में जा घुसा, तो जब भाभी नहाकर टावल लपेटकर निकली ही थी, तो वो मुझको देखकर समझ तो गयी कि इस लड़के को मेरी गांड चाहिए, लेकिन वो मुस्कुराकर बोली कि आज घर में कोई नहीं है, सब शादी में गये है, कल तक हम इस घर में दोनों अकेले है। तो मैंने कहा कि जानता हूँ, भाभी आप बहुत सुंदर हो। तो भाभी ने मुस्कुराकर कहा कि आज इतनी तारीफ क्यों? तो मैंने कहा कि वो भाभी आज मेरे दिल की तम्मना पूरी कर दो। तो भाभी बोली कि क्या है तुम्हारी तम्मना? अब भाभी के चेहरे पर एक कातिल हसीना वाली मुस्कुराहट थी। फिर मैंने कहा कि आपकी गांड मारनी है, सच भाभी इतनी खूबसूरत, जवान, मदमस्त, भारी, फूली हुई साँचे में ढली गांड मैंने आज तक नहीं देखी है, तुम्हारी गांड इतनी मांसल है, अपनी गोरी-गोरी गांड के दर्शन करवा दो भाभी, तुम्हारी खूबसूरती की कसम ज़िंदगी भर तुम्हारा गुलाम बनकर रहूँगा और यह कहकर में उनके टावल से लिपट गया और उनको अपनी बाहों में उठा लिया।

अब भाभी को बाहों में भरने और गोद में उठाने से उनका टावल निकलकर जमीन पर आ गिरा था और वो ब्रा और पेंटी में आ गयी थी। अब वो हल्की गुलाबी ब्रा और पेंटी में बहुत ही मादक लग रही थी। फिर वो मुस्करा उठी, तो मैंने भी जल्दी से उनके होंठो को अपने होंठो में क़ैद किया और 3-4 मिनट तक उनके होंठो को अपने होंठो में दबाए रखा। अब हमारी जीभ से जीभ लड़ रही थी और थूक का आदान-प्रदान हो रहा था। अब में उनके होंठो को चूसता, तो वो भी मेरे होंठो को चूस रही थी, उनके होंठ बहुत मीठे थे, उनके होंठ गुलाबी, मुलायम और गुलाब की पंखुड़ी की तरह थे। अब में उनको गोद में ऊपर उठाए था और उनकी दोनों गोरी-गोरी जांघे मेरी कमर के इधर-उधर थी। अब मैंने उनको बिस्तर पर लाकर लेटा दिया था और उनको मसाज करने लगा था। फिर में भाभी की ब्रा खोलकर उनकी दोनों बड़ी-बड़ी चूचीयाँ पीने लगा था, उनके निप्पल तो बहुत ही मीठे थे।

फिर मैंने अपनी उँगलियों से उनकी निप्पल की मालिश की और फिर सक करता रहा और उनके दोनों बूब्स का अच्छी तरह से मर्दन किया, जिससे उनकी चूचीयाँ टाईट होकर फूलकर बड़ी हो गयी और फिर उनकी नाभि को अपनी जीभ से चाटा, उनकी गोल गहरी नाभि महककर बता रही थी कि भाभी कस्तूरी हिरण के समान थी। फिर भाभी बोली कि जल्दी से पेंटी उतारो और मेरी चूत को चाटकर मेरी चूत की खुजली मिटाओ। फिर मैंने भी उनकी आज्ञा का पालन एक होनहार देवर की तरह किया और बिना टाईम गँवाए उनकी चूत में अपनी जीभ से सेवा शुरू कर दी। फिर भाभी हाययययी यार कितना मज़ा देते हो? हाईईईईईई, आअहह, ऊहहहहह जैसी सिसकारियां निकालने लगी। अब उनको अपनी चूत की खुजली और जलन शांत करवाने में बड़ा मज़ा मिल रहा था। अब मेरी जीभ भाभी की चूत में अंदर-बाहर सांप की तरह आ जा रही थी। फिर में लप-लप कर उनकी चूत को गीला करके अपनी पूरी रफ़्तार से उनकी चूत चाटने लगा।

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फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनके चूतडों को ऊपर किया और उनकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया, जिससे फिर मैंने उनकी गांड के ऊपर भी अपने प्यार का लेप लगाया। अब में उनकी चूत को अपने होंठो में दबाता और फिर अपनी जीभ बाहर करके उनकी गांड के काले छेद पर भी थूक लगाकर हल्के से अपनी जीभ से उनकी गांड को सहला देता, जिससे उनकी जवानी को एक करंट लगता था। अब में अपने लंड को तैयार कर चुका था। फिर मैंने भाभी से कहा कि अपनी टाँगे फैला लो ताकि उनकी गांड में लंड डालने में आसानी हो और ज़ोर लगाकर एक धक्का दिया, जिससे मेरा लंड उनकी गांड के अंदर एड्मिट हो गया और फिर मैंने बड़े मजे ले-लेकर उनकी गांड मारी। फिर में नीचे सीधा लेट गया और भाभी सामने की तरफ अपना मुँह करके मेरे लंड पर अपनी गांड टिकाए बैठ गयी थी।

फिर मैंने उनकी गांड को फाड़ना शुरू किया और पीछे से अपने दोनों आगे हाथ बढ़ाकर उनकी दोनों चूचीयाँ दबाने लगा। अब में नीचे उनकी गांड की धुनाई करता जा रहा था और पीछे से उनकी दोनों बूब्स की मालिश कर रहा था, जिससे उनको आराम मिल रहा था। अब उनकी गांड के अंदर बाहर करने से मेरे लंड को एक अलग ही सुख मिल रहा था और साथ ही मैंने अपनी दोनों उंगलियों को सामने उनकी चूत के गुलाबी छेद में अंदर डालकर उनकी चूत की चुदाई भी शुरू कर थी, जिससे भाभी को दुगुना मज़ा मिल सके और वो जन्नत की सैर का भरपूर आनंद ले सके। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने लंड को उनकी गांड से बाहर खींच लिया और भाभी के बूब्स पर अपना सारा वीर्य गिरा दिया। अब भाभी की गांड की सैर करके में उनका गुलाम बन गया था और में आज भी उनकी गांड मारने जाता हूँ और खूब मजा करता हूँ ।।

धन्यवाद …