आंटी और उनकी बेटी के साथ मजा

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna में 30 साल का हूँ, लेकिन यह स्टोरी तब की है जब में 21 साल का था और मैंने मुठ मारना शुरू ही किया था, लेकिन मैंने चूत किसी की नहीं मारी थी। फिर मैंने अपनी पहली कहानी में जो बताया था, अब में उससे आगे शुरू करता हूँ। अब में इस तरह से अपनी आंटी को कई बार नंगा देख चुका था, क्योंकि में मौके की तलाश में रहता था कि कब वो नहाने या पेशाब करने बाथरूम या टॉयलेट में जाए और में भी उनके पीछे-पीछे जाने की कोशिश करता था। मैंने मेरी पिछली स्टोरी में आपको बताया था कि आंटी ने किस तरह मेरी मुठ मारी थी? लेकिन अब में उसको चोदना चाहता था। उन्हीं दिनों उनके पति को कुछ काम से कुछ दिनों के लिए दिल्ली जाना पड़ा और मेरे मम्मी, पापा को गाँव जाना पड़ा।

अब में स्कूल के कारण नहीं जा पाया था, बल्कि में जाना ही नहीं चाहता था। अब में वही आंटी के साथ रुक गया था। अब हम सिर्फ़ तीन लोग थे, में आंटी जो 35 साल की थी और उनकी लड़की जो 18 साल की थी। फिर अगले दिन मैंने पेट दर्द का बहाना बनाया और स्कूल नहीं गया और देखने लगा कि कब वो बाथरूम या टॉयलेट जाती है? अब उनकी चूत के ध्यान से ही मेरा लंड तन चुका था। तो तभी मैंने देखा कि गुड़िया (उनकी लड़की) टॉयलेट में गई। तो में भी अपने आपको रोक नहीं पाया और उसके थोड़ी देर के बाद में भी टॉयलेट में घुस गया, टॉयलेट में दो सीट थी जैसे पहले हुआ करते थे, जब फ्लश सिस्टम नहीं था। अब वो एक पर बैठकर पोटी कर रही थी और उसकी आँखे बंद थी। तो में फटाफट दूसरी सीट पर बैठ गया। तो तब उसने मुझे देखा और बोली कि भैया आप क्या कर रहे है? पहले मुझे पोटी करने दो। फिर मैंने कहा कि गुड़िया मेरा पेट खराब है, में रुक नहीं सकता वरना मेरे कपड़े खराब हो जाएँगे।

अब मेरा लंड तो खड़ा ही था, अब में धीरे-धीरे उसे सहलाने लगा था। अब वो लगातार मुझे देखे जा रही थी। अब में भी उसकी चूत को देखने लगा था, उसकी चूत बड़ी प्यारी थी, एकदम चिकनी, बिना बालों की और टाईट थी। फिर तभी में बोला कि गुड़िया तुम्हारी मम्मी की चूत पर तो बाल है, तुम्हारी पर क्यों नहीं है? तो वो बोली कि यहाँ भी कोई बाल होते है क्या? तो मैंने कहा कि हाँ देखो मेरे लंड पर भी है। तो वो देखने लगी और बोली कि हाँ तुम्हारी नूनी पर हल्के बाल है। फिर तब मैं बोला कि ये नूनी नहीं लंड है, इसे पकड़कर देखो और दिखाओ तुम्हारी चूत पर बाल क्यों नहीं है? तो वो कुछ नहीं बोली, लेकिन उसने मेरे लंड को पकड़ लिया। फिर में भी अपने एक हाथ से उसकी चूत को छूने लगा।

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अब उसका चेहरा लाल हो रहा था और उसके छोटे और नर्म हाथों में मेरा लंड बिल्कुल रोड की तरह टाईट और गर्म हो गया था। फिर मैंने कहा कि तुम अभी छोटी हो और 1-2 साल में तुम्हारी चूत पर भी बाल आ जाएँगे। फिर मैंने उससे कहा कि तुम मेरे लंड को हिलाओ, अच्छा लगेगा। फिर वो बोली कि नहीं तुम मेरे हाथ पर सू-सू कर दोंगे। दोस्तों वो एक बार मुझे मुठ मारते हुए देख चुकी थी, तो इस पर मैंने कहा कि कोई बात नहीं, में धो दूँगा और चाहो तो तुम मेरे हाथ पर सू सू कर देना, तो इस पर वो मुठ मारने लगी। फिर मैंने भी अपनी एक उंगली उसकी चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन वो टाईट थी। फिर थोड़ी के देर बाद मेरे लंड से गर्म-गर्म लावा निकला, जो उसके हाथ और उस पर जा गिरा था। तो इस पर वो रोने लगी और बोली कि भैया आपने मेरा हाथ ही नहीं फ्रोक भी गंदा कर दिया है। फिर मैंने उसे काफ़ी समझाया कि में धो दूँगा, लेकिन वो नहीं रुकी और अपनी गांड को भी साफ किए बगैर भाग गई। फिर में भी जल्दी से बाहर आ गया और अब में थोड़ा डर रहा था कि वो आंटी को बताएगी, लेकिन बहुत ज़्यादा नहीं, क्योंकि में आंटी से थोड़ा खुल चुका था।

फिर वो सीधा आंटी के पास गई और रोने लगी, तो आंटी ने पूछा कि क्या हुआ? तो उसने सब बता दिया। फिर इस पर आंटी ने उसको डांटा और बोली कि जाओ जल्दी से नहा लो और फिर कभी ऐसे मत करना। फिर आंटी ने मुझे डांटा कि में क्यों उसके साथ टॉयलेट में गया था? तो में बोला कि मेरा पेट खराब था तो मुझसे रुका नहीं गया। फिर तब वो बोली कि ठीक है, लेकिन उसकी चूत पर क्या कर रहे थे? तो मैंने कहा कि उसकी चिकनी चूत देखकर मुझसे रुका नहीं गया। फिर तभी आंटी ने मुझे ज़ोर से एक थप्पड़ मारा और बोली कि फिर कभी ऐसा किया तो जान से मार दूँगी। अब में बहुत डर गया था और चुपचाप अपने रूम में आ गया था। फिर 2 घंटे के बाद आंटी खिचड़ी बनाकर लाई और बोली कि चलो खा लो, एक तो पेट खराब है और दूसरे गंदे-गंदे काम करते रहते हो और फिर बोली कि खाकर नहा लो। फिर में कुछ नहीं बोला, तो वो जबरदस्ती अपने हाथों से खिलाने लगी और खिलाकर बोली कि चलो आज में तुम्हें नहलाती हूँ।

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अब इस पर में तुरंत तैयार हो गया था और फिर हम दोनों बाथरूम में चले गये। फिर आंटी ने मेरी पेंट शर्ट उतारी और खुद की साड़ी भी खोल दी। अब में सिर्फ़ अंडरवेयर में था और वो ब्लाउज, पेटीकोट में थी। तो तभी उन्होंने गुड़िया को भी आवाज़ दी और बोली कि आ जाओं, में तुम्हें भी नहला दूँ, तो गुड़िया भी आ गई। फिर आंटी ने उसका फ्रोक उतारा, अब वो सिर्फ़ चड्डी में थी, उसकी बूब्स छोटी-छोटी थी बिल्कुल नींबू जैसी। फिर आंटी ने कहा कि अपना अंडरवेयर भी उतार दो, में अच्छी तरह से नहला दूंगी। तो फिर हम दोनों ने अपनी-अपनी चड्डी उतार दी। अब मेरा लंड फिर से तन चुका था। तो तभी आंटी ने उस पर हल्की थप्पड़ लगाई और बोली कि अभी थोड़ी देर पहले शैतानी की थी, अब फिर करेगा क्या? और फिर वो हम दोनों को नहलाने लगी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर उन्होंने पहले गुड़िया को साबुन लगाया और गालो, बूब्स, पेट और चूत, गांड, सब जगह और फिर मुझे साबुन लगाया यहाँ तक की मेरे लंड पर भी साबुन लगाया। फिर वो बोली कि तुम गुड़िया को थोड़ा मसल दो और गुड़िया तुम्हें, तब तक में आती हूँ। अब में गुड़िया के साबुन वाले शरीर पर मालिश करने लगा था और वो मेरी छाती को मसल रही थी। फिर तभी आंटी वापस आ गई और अपना ब्लाउज और पेटीकोट उतार दिया और बोली कि में भी नहा लेती हूँ। अब वो पूरी तरह से नंगी हो गई थी, तो तब गुड़िया उनकी चूत को देखने लगी, जिस पर बाल थे। फिर आंटी बोली कि क्या देख रही हो? तो इस पर गुड़िया बोली कि भैया सुबह यही बता रहे थे कि आपके यहाँ बाल है। फिर इस पर वो हंसकर बोली कि थोड़े दिनों के बाद तुम्हारे भी आ जाएँगे और फिर वो बोली कि चलो अब तुम मेरे शरीर पर साबुन लगाओ।

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अब हम दोनों उनको साबुन लगाने लगे थे। अब में जानबूझकर उनके सामने से उनकी चूची पर साबुन लगा रहा था और वो मेरे लंड को मसलने लगी थी। फिर वो बोली कि नीचे भी तो लगाओ। तो में उनकी चूत पर साबुन लगाने लगा और बीच-बीच में जानबूझकर उनकी चूत में भी अपनी एक उंगली डाल देता था, तो वो ससस्स करने लगती थी। अब गुड़िया उनकी पीठ और कूल्हों पर साबुन लगा रही थी। अब ऐसे करते-करते में उनकी गांड पर भी साबुन लगा रहा था। फिर तब वो गुड़िया से बोली कि जो तुमने आज टॉयलेट में किया, वो करके बताओ। फिर इस पर गुड़िया ने मेरा लंड पकड़ लिया और हिलाने लगी। अब में लगातार आंटी की चूत में उंगली डाल रहा था और वो कककककक, आह कर रही थी और में अपने दूसरे हाथ से गुड़िया की चूत को सहला रहा था। फिर तभी मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी।

अब साबुन लगा होने से मेरी उंगली आसानी से घुस गई थी, लेकिन गुड़िया चिल्लाई आहह। फिर जब आंटी ने देखा तो वो बोली कि ये मत करो सिर्फ़ उसकी चूची पर साबुन लगाओ। फिर में अपना एक हाथ उसकी छोटी-छोटी चूचीयों पर ले गया और मसलने लगा। अब गुड़िया भी मस्त हो चुकी थी और ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड हिला रही थी और में अपनी एक उंगली आंटी की चूत में गपा गप पेल रहा था। फिर कोई 5 मिनट के बाद आंटी चिल्लाने लगी हाहहाहा, एयाया और ज़ोर से, सस्स्स्स्सस्स जल्दी, आआआआ और अंदर तक आआआ और इस तरह से वो कुछ-कुछ बोलते हुए पानी फेंकने लगी थी। तो तभी गुड़िया बोली कि मम्मी क्या हुआ? तो इस पर आंटी बोली कि कुछ नहीं, चलो जल्दी नहाओ, लेकिन मेरा लंड अभी तक झड़ा नहीं था तो में बोला कि आंटी कुछ करो, तो इस पर वो मेरी मुठ मारने लगी। अब में उनके सामने खड़ा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने वीर्य का फव्वारा उनके हाथों और मुँह पर डाल दिया और फिर उसके बाद हम तीनों नहाकर बाहर आ गये ।।

धन्यवाद …