निशा भाभी की रंडी चूत

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna में चोदन डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ और मैंने इस साईड की बहुत सी कहानियाँ पढ़ी है। उन स्टोरीयों को पढ़कर मुझको लगा कि में भी अपनी एक कहानी लिख दूँ, जो कि मेरी असली कहानी है। अब में पहले आप लोगों को अपने बारे में बताता हूँ। में 35 साल का हूँ और में झाँसी का रहने वाला हूँ, मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है, में शरीर से कुछ मोटा हूँ, लेकिन मेरा पेट बाहर नहीं है, मेरे लंड का साईज 6 इंच है और वो काफ़ी सख्त और मोटा है। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी सुनाता हूँ। में उन दिनों 11वीं क्लास में पढ़ता था और मेरे घर में मेरी एक किरायेदार रहती थी, जो कि उम्र में मुझसे बड़ी थी, लेकिन उसके कोई बच्चा नहीं था और वो बहुत सुंदर और सेक्सी थी। मैंने अभी तक सेक्स नहीं किया था और ना ही मेरी कोई गर्लफ्रेंड थी, में हमेशा सोचता था कि मेरे पास भी कोई लड़की हो और में उसकी चुदाई करूँ, लेकिन मुझको कोई मिलती नहीं थी।

अब मेरी नजर मेरी मकान में रहने वाली किरायेदार की बीवी पर भी थी, लेकिन मेरी हिम्मत नहीं होती थी कि में उससे कैसे बात करूँ? मुझको पता नहीं था कि वो चालू है और खुद ही किसी से चुदवाने को तैयार है। में उसके बारे में सोचता था और कोशिश करता था कि उसको किसी तरह से नंगी या कपड़े बदलते देखूं, लेकिन मुझको मौका ही नहीं मिलता था। फिर एक बार उसका आदमी कहीं बाहर गया और उस दिन में भी घर में अकेला था। जब दोपहर का टाईम था और काफ़ी गर्मी थी। अब में सिर्फ़ कच्छे में रूम में अकेला लेटा था। फिर तभी वो मेरे रूम में मेरे लिए लंच लेकर आई और बोली कि राजू तुम खाना खा लो, तुम्हारी माँ ने कहा था कि में तुमको खाना खिला दूँ और तुम्हारा ध्यान रखूं। अब मेरी तो हालत खराब हो गई थी, आज वो पहली बार मुझसे एकदम अकेले में मिल रही थी और उस टाईम में कच्छे में था और मेरा लंड खड़ा था।

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फिर मैंने उसकी तरफ देखा और हैरान हो गया, उसने ब्लाउज और पेटीकोट पहना था और मुझे उसकी चूचीयाँ साफ-साफ दिखाई दे रही थी, क्योंकि उसके ऊपर के दो हुक खुले थे। में उसको भाभी जी कहता था। फिर मैंने उससे कहा कि भाभी जी आपका ब्लाउज खुला है। तो तब उसने खाना मेरे बेड पर रखा और मेरे पास बैठते हुए बोली कि राजू तुम खाना खा लो, बड़ा मसालेदार है और अच्छा भी है और फिर उसने कहा कि मेरा तो ब्लाउज का हुक ही खुला है, लेकिन तुम्हारा तो टेंट तना है। तब में और शरमा गया और धीरे-धीरे खाना खाने लगा। अब जब में खाना खा रहा था, तो उस टाईम वो कभी-कभी अपनी बड़ी-बड़ी चूचीयों को नीचे झुककर मुझको दिखा रही थी। अब मेरा खाना खाना मुश्किल हो रहा था।

फिर जैसे तैसे मैंने खाना खाया और हाथ धोने के बाद बेड के पास आया तो उस टाइम भाभी नीचे झुकी थी और बर्तन उठा रही थी। फिर तब मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया। अब मेरा लंड उसकी गांड पर लग रहा था। दोस्तों सच कहता हूँ जब मेरा लंड उसकी गांड पर लगा तो वो और भी सख्त हो गया था। फिर वो मुझसे बोली कि राजू तुम बड़े बेसब्र हो, मुझको बर्तन तो रखने दो, में भी तुमसे मिलने को तैयार हूँ। फिर तब में बोला कि भाभी जी आपने तो मुझको खाना भी नहीं खाने दिया और अब कह रही हो में इंतजार करूँ, यह अच्छी बात नहीं है। फिर तब वो बोली कि राजू यह क्या भाभी-भाभी लगा रखा है? मुझको पकड़ रखा है तो मेरा नाम लेना, भाभी सुनकर तो ऐसा लगता है कि में अपने बेटे से बात कर रही हूँ। फिर तब में बोला कि अच्छा निशा यह बात है और फिर मैंने उसके ब्लाउज के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसकी बड़ी-बड़ी चूचीयाँ दबा दी। तब निशा ने भी अपनी गांड मेरे लंड की तरफ और ज़ोर से दबा दी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मुझको ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड उसकी गांड में कपड़ो के ऊपर से ही चला जाएगा। फिर तब वो बोली कि राजू मुझको छोड़ और कपड़े उतारने दे। में तो काफ़ी दिनों से तुमसे चुदवाने को तरस रही हूँ, मैंने एक बार तेरा तगड़ा लंड देखा था, जब तू सो रहा था, आज बहुत दिनों के बाद मौका मिला है। फिर तभी मैंने उसको छोड़ दिया और उसने अपना पेटीकोट उतार दिया और अपने ब्लाउज के हुक खोलती हुई बोली कि राजू तू भी तो अपने कच्छे को खोल। फिर तब में भी झट से नंगा हो गया और अब वो भी पूरी नंगी हो गई थी और फिर मेरा लंड देखकर बोली कि हाए दैया मर जाऊं, क्या जबरदस्त लंड है तेरा? और फिर अचानक से उसने मेरे आगे बैठकर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और टॉफी की तरह चूसने लगी थी। फिर यही कोई 2 मिनट में मेरा लंड उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा पानी पी गई थी। अब मेरा लंड अपने आप ही उसके मुँह में उचकने करने लग़ा था। फिर तब वो बोली कि वाउ राजू क्या जबरदस्त लंड है तेरा? मज़ा आ गया चूसकर, चूत में तो और भी मज़ा आएगा।

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फिर उसने मुझको बेड पर खींच लिया। अब में उसकी दोनों टाँगों के बीच में आ गया था। अब मेरा लंड फिर से पूरा तना हुआ था और उसकी चूत पर रखकर एक धक्का लगाया, तो उसने भी अपनी चूत का धक्का मारकर मेरे लंड को अपनी चूत में लिया आआहह, दैया क्या लंड है? ऐसा मज़ा तो मुझको सील तुड़वाने में भी नहीं आया, हाए राजू बहुत मज़ा आ रहा है, राजू मुझको ज़ोर से चोद। तब में भी बोला कि आह निशा मुझको भी बहुत मज़ा आ रहा है, बड़ी गर्म-गर्म चूत है तुम्हारी, आआआअहह, ऊऊफफ्फ़ करते हुए में उसको चोदता रहा और फिर यही कोई 15 मिनट के बाद मेरा लंड झड़ गया और फिर हम दोनों ठंडे होकर मस्ती में एक दूसरे से लिपटकर लेटे रहे। फिर उस दिन मैंने निशा की 5 बार चुदाई की। फिर उस रात को निशा ने मुझसे कहा कि राजू मुझको तुझसे चुदवाने में बहुत मज़ा आ रहा है, तू मुझको रोजाना चोदा कर। फिर हमें आगे भी जब कभी भी कोई मौका मिला, तो हम दोनों ने खूब चुदाई की और खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …