नई नवेली भाभी की पेंटी उतारी

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरी चोदन डॉट कॉम पर यह पहली स्टोरी है। में पुणे में रहता हूँ और मेरी उम्र अभी 22 साल है, जब यह कहानी घटी उस वक्त में 19 साल का था। फिर ये बात उन दिनों की है जब मेरे भाई की नई नई शादी हुई थी। फिर जब भाभी हमारे घर में आई तो में उसको देखकर तो पागल ही हो गया। अब में भाभी के करीब रहने के लिए बहाने ढूंढने लगा था। फिर ऐसे ही 3-4 महीने हो गये और अब में भाभी को पाने के लिए बेताब हो गया था। मेरा 8 इंच का लंड उसको देखते ही कड़क हो जाता था और उसके बूब्स क्या गजब के थे? फिर एक दिन मेरी किस्मत खुल गयी। में कॉलेज से घर आया तो भाभी ने बताया कि माँ जी तुम्हारे मामा के यहाँ गयी है। फिर मुझे थोड़ी ख़ुशी हुई और में फ्रेश होकर टी.वी चालू करके बैठ गया। तो तभी भैया का दोस्त आया और मुझे बताया कि भैया को एक जरूरी काम से मुंबई के लिए भेज दिया है, वो कल आएँगे, तो ये बात सुनकर तो मेरे होश ही उड़ गये। अब भाभी ने अंदर से सब सुन लिया था और अब मेरे मन में भाभी का ख्याल आने लगा था।

फिर रात को ठीक 8 बजे हम दोनों ने खाना खा लिया। फिर करीब 10 बजे भाभी अपने कमरे में सोने के लिए चली गयी। अब में यहाँ बैचेन होने लगा था तो में रात को 11 बजे भाभी के कमरे में चला गया। अब वो सोते समय बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। फिर में उसके पैरो के पास बैठ गया था और अब मैंने अपनी पेंट उतार डाली थी और अपना एक हाथ धीरे से भाभी की साड़ी में डाल दिया और अपने एक हाथ से भाभी के ब्लाउज के बटन खोलने लगा था और अपनी एक उंगली भाभी की पेंटी के किनारे से अंदर डालकर भाभी की चूत में घुसा दी और उसमें घुमाने लगा था। फिर मुझे पेंटी की वजह से अड़चन होने लगी तो मैंने अपने दूसरे हाथ से उनके ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए और पागल होकर भाभी के बूब्स देखने लगा, लेकिन मैंने पहले अपने दोनों हाथों से भाभी की पेंटी नीचे सरकाकर निकाल दी थी और फिर उनकी साड़ी को ऊपर करने लगा था।

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फिर जब मुझे भाभी की चूत के दर्शन हुए तो में पागलों की तरह देखने लगा कि इतनी गोरी-गोरी चूत बिल्कुल नंगी मेरे सामने है। मुझे ऐसा लगा कि जैसे में कोई सपना ही देख रहा हूँ। फिर मैंने अपने एक हाथ से भाभी की चूत को पकड़ा और भाभी के दोनों पैरो के बीच में अपना सिर डालकर अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और अपने एक हाथ से उसके बूब्स सहलाने लगा। अब मुझे उसकी चूत को चाटने में बहुत मज़ा आने लगा था। अब मेरा लंड मेरी अंडरवेयर से बाहर आ गया था। फिर मैंने उसके बूब्स को छोड़कर अपने एक हाथ से मेरे लंड को रगड़ने लगा। तभी भाभी के एक हाथ ने मेरे बाल पकड़ लिए और अपने एक हाथ से मेरा सिर को नीचे दबाने लगी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

तभी मुझे अहसास हुआ कि भाभी की चूत से कुछ चिपचिपा सा निकला था, जो मुझे बहुत ही अच्छा लगा था। अब में और ज़ोर-ज़ोर से चाटने लगा जैसे मुझे नशा सा हो गया हो। तभी भाभी ने अपनी पकड़ ढीली कर दी। फिर में भाभी के ऊपर चढ़ गया और उनकी चूचीयाँ चूसने लगा। अब भाभी मस्ती में आ गयी थी और अब मेरा लंड भाभी की चूत से टकरा रहा था। तभी भाभी ने मेरे होंठो को चूसना चालू किया। फिर थोड़ी देर के बाद भाभी ने कहा कि चलो अब चोदो। फिर मैंने अपनी अंडरवेयर उतार दी। तो तभी भाभी ने उनकी साड़ी और ब्लाउज पूरी तरह से उतार दिए। अब भाभी को पूरा नंगा देखकर में उनको देखता ही रह गया था। तभी भाभी बोली कि क्या देख रहे हो? कभी किसी औरत को नंगा नहीं देखा क्या? तो मैंने कहा कि भाभी सिर्फ़ फिल्मों में देखा था, आज पहली बार देख रहा हूँ। फिर भाभी अपनी पीठ के बल लेट गयी और एक तकिया लेकर अपनी कमर के नीचे डाल दिया। फिर मैंने कहा कि ये किसलिए? तो भाभी ने कहा कि इससे और मज़ा आएगा, तू आ अब रहा नहीं जाता, मेरी चूत में गुदगुदी हो रही है चल आ। फिर मैंने कहा कि में तो तैयार ही हूँ और फिर में भाभी के दोनों पैरो पर बैठ गया।

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फिर भाभी ने अपने दोनों हाथों से अपनी चूत का मुँह पकड़ लिया और कहा कि अब डाल दे। फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत पर सेट किया और एक धक्का मारा तो मेरा लंड थोड़ा सा अंदर घुस गया। तो भाभी ने कराहते हुए कहा कि यह तो बहुत ही मोटा है, मेरी चूत की आज खैर नहीं। तभी मैंने दूसरा धक्का लगा दिया। फिर भाभी ने अपने नाख़ून मेरी पीठ पर चुबा दिए तो मैंने और एक धक्का लगा दिया तो मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में समा गया। अब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और अब में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा था। अब भाभी मस्त होकर मुझे बुरी तरह से चाट रही थी और काट रही थी। अब में भी भाभी के बूब्स को काट रहा था और अब भाभी आहह, उउउन्न्ह, आअहह कर रही थी।

फिर करीब 20 मिनट के बाद भाभी ने मुझे ज़ोर से काटा और अपने ऊपर इतनी ज़ोर से खींचा जैसे कि में कहीं भागकर जा रहा हूँ। तभी मुझे मेरे लंड को गीला होने का अहसास हुआ और मुझे लगा कि में भी झड़ने वाला हूँ। फिर मैंने बहुत ही ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाना शुरू किया और थोड़ी ही देर में में भी झड़ गया। भाभी ने फिर से मुझे ज़ोर से खींच लिया। मुझे उस वक्त कैसा लगा, क्या बताऊँ? फिर में करीब 10 मिनट तक भाभी के ऊपर ही पड़ा रहा और थोड़ी देर के बाद अपना लंड भाभी की चूत से बाहर निकाला तो वो हम दोनों के वीर्य से तर हो गया था। फिर भाभी उठी और उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी, अब में मस्ती में आने लगा था। फिर भाभी ने मेरे लंड को चूसकर साफ कर दिया। तभी मेरी नजर भाभी की चूत पर गयी तो उनकी चूत से वही तरल और चिपचिपा सा वीर्य बेड पर टपक रहा था। फिर मैंने भाभी से कहा कि चलो अब में आपकी चूत को साफ कर देता हूँ।

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फिर में अपनी पीठ के बल भाभी की चूत के नीचे घुस गया तो भाभी ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और में उसे चाटने लगा। अब भाभी फिर से मस्त होने लगी थी, तो तभी में उठ गया और भाभी से कहा कि में बाथरूम से होकर आया। अब बाथरूम से आने के बाद मेरा लंड फिर से लड़ने के लिए तनकर तैयार हो गया था। फिर भाभी ने कहा कि अब तुम नीचे सो जाओ तो मैंने कहा कि ठीक है। फिर भाभी मेरे लंड के ऊपर बैठ गयी और मुझे चोदने लगी। फिर उस रात मैंने भाभी को सोने नहीं दिया और भाभी ने मुझे सोने नहीं दिया और हम पूरी रात ऐसे चुदाई करते रहे जैसे कि बरसो से प्यासे हो। फिर सुबह जब हम साथ में नहा धोकर तैयार होने लगे तो तब मैंने देखा कि किसने किसको कितना काटा है? फिर नाश्ता करने के बाद 8 बजे भैया का फ़ोन आया कि वो और दो दिन नहीं आएँगे, तो तब में कॉलेज जाना दो दिन के लिए भूल गया और भाभी के साथ ही चुदाई करता रहा। अब तीसरे दिन तो मेरे लंड की बुरी हालत थी। फिर भाभी ने कहा कि मज़ा आया, तो मैंने कहा कि बहुत मज़ा आया और फिर हमें जब भी कोई मौका मिला तो हमारी चुदाई चालू हो जाती। अब भाभी को एक बेटा है, लेकिन फिर भी भाभी भैया से कम और मुझसे ही ज्यादा चुदती है ।।

धन्यवाद …