दोस्त की माँ की मोटी गांड चोदी

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम मानव है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरे सामने वाले घर में सुनीता आंटी रहती थी। वो 37 साल की मस्त और सुडोल बदन की मालकिन थी, उनके बूब्स 36 साईज के और कमर 32 साईज की और चूतड़ के तो क्या कहने? एकदम गोल तरबूज़ के जैसे थे और साईज़ 42 था। उनके एक ही बेटा था। उनके पति का टूर एंड ट्रेवल का बिज़नेस था, वो अंकल ज़्यादातर बाहर ही रहते थे। में उनके बेटे का बचपन का दोस्त था, तो मेरा उनके घर आना जाना लगा रहता था। अभी हम दोनों ने 12 वीं के एग्जॉम पास किया है और मेरे दोस्त ने आईआईटी का एग्जॉम पास कर लिया है और उसका आईआईटी खड़गपुर में एड्मिशन भी हो गया है, तो मेरा दोस्त बी.टेक करने के लिए खड़गपुर चला गया है।

अब मेरी कहानी यहाँ से शुरू होती है आंटी मुझे बहुत प्यार करती है, क्योंकि उन्हें जब भी अपने बेटे की याद आती है, तो वो मुझे बुला लेती है। फिर एक दिन में उनसे मिलने गया तो वो बाथरूम में थी। मैंने कई बार उन्हें नाईट गाउन में देखा था, उनके मोटे-मोटे चूतड़ मुझे हमेशा आकर्षित करते थे। फिर मैंने सोचा कि यही मौका है और फिर मैंने बाथरूम के दरवाज़े से अंदर देखना शुरू किया। अब अंदर का नजारा ग़ज़ब का था, अब आंटी अपनी पाव जैसी मोटी गोरी चूत में अपनी दो उंगलियां डालकर फिंगरिंग कर रही थी और अपने मोटे-मोटे बूब्स को मसल रही थी। अब मुझसे तो और कंट्रोल नहीं हो रहा था, तो फिर मैंने अपना पजामा नीचे किया और खूब ज़ोर से मुठ मारने लगा। आंटी के मोटे चूतड़ बहुत प्यारे थे, अब पानी से भीगे बदन में वो ज़ोर-ज़ोर से मौन कर रही थी।

फिर मैंने फटाफट मुठ मारी और सोफे पर जाकर बैठ गया। फिर थोड़ी देर में आंटी टावल लपेटकर बाहर आई और बेडरूम में चली गयी। अब में चोरी-चोरी उनको देखता रहा, फिर आंटी बाहर आई और मेरे सिर पर अपना हाथ फैरा और पूछा कि बेटा कैसे हो? इतने दिनों से आए क्यों नहीं? अपनी आंटी को याद नहीं करते हो ना। फिर आंटी किचन में गयी और जूस बनाने लगी, तो फिर में भी वहाँ गया और उनसे बात करने लगा। फिर मैंने उनसे उनके बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि वो अकेली बोर होती है उन्हें अंकल की भी बहुत ज़रूरत थी, वो ज़्यादातर बाहर ही रहते थे। फिर मैंने उनसे उनकी सेक्स लाईफ के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरी सेक्स लाईफ बहुत बेकार है, अंकल उन्हें प्यार नहीं करते है और उन्होंने बताया कि अंकल बहुत कमजोर है, जिस वजह से वो प्यासी ही रह जाती है, अंकल उन्हें आधे में अधूरा छोड़ देते है और वो कभी भी संतुष्ट नहीं कर पाते है।

Antarvasna Hindi Sex Story  जंगल में चोदी बन्नो की प्यासी चूत

फिर मैंने आंटी का हाथ पकड़कर आई लव यू आंटी कहा और कहा कि आंटी में हूँ ना। फिर वो बोली कि तुम कितने प्यारे हो, फिर उन्होंने मुझे हग किया और मेरे गाल पर किस किया, तो मैंने भी उन्हें जोर से हग किया और उनके बालों पर अपना हाथ फैरा और उनके गाल पर किस किया। फिर मैंने कहा कि सुनीता मेरी जान में आज तेरी बरसो की प्यास मिटा दूँगा। फिर मैंने उनकी गांड पर अपना हाथ फैरा, फिर मैंने अपने खड़े लंड को उनके नाईट गाउन के ऊपर से उनकी चूत पर रगड़ा, तो आंटी आहें भरने लगी। फिर उन्होंने मेरी कमर पर अपना हाथ फैरना स्टार्ट किया और मौन करने लगी। फिर मैंने अपने दोनों हाथ उनके चूतड़ो पर रखे और फिर में भी अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा। फिर उन्होंने मेरे पजामे में अपना हाथ डाला और मेरे लंड को पकड़ लिया। फिर मैंने उनके होंठो पर किस करना स्टार्ट किया और उनके होंठ चूसने लगा। अब आंटी नीचे बैठ गयी और मेरा लंड चूसने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

Antarvasna Hindi Sex Story  डलहौजी में भोसड़ा चुदवाया

अब में भी ज़ोर-जोर से उनका मुँह चोदने लगा था। फिर मैंने उनके बाल पकड़कर अपना लंड उनके गले तक अंदर डाल दिया था। अब उन्होंने 20 मिनट तक मेरा लंड चूसा था, तो मैंने अपना स्पर्म उनके मुँह में ही छोड़ दिया। फिर आंटी बोली कि बेडरूम में चल मानव, तो मैंने उनको गोदी में उठाया और फिर हम बेडरूम में आ गये। फिर मैंने उनका गाउन उतारा और उनकी ब्रा-पेंटी उनके गोरे बदन से अलग की और उनको डॉगी पोजिशन में करके उनकी मस्त और चूत को चाटने लगा। अब मुझे पीछे से उनकी उभरी हुई चूत को चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था, उनकी रसीली चूत बहुत नमकीन थी। अब उनकी चूत रस छोड़े जा रही थी और आंटी के चूतड़ मुलायम मक्खन जैसे थे। फिर मैंने उनकी गांड भी खूब चाटी और उनकी गांड पर काट भी दिया। फिर मैंने उनकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और अपनी जीभ से चोदने लगा। फिर मैंने उनकी चूत की दोनों फांको को अपने मुँह में भरकर अच्छे से चूसा और उनकी चूत रस बहाती गयी, अब उनकी चूत बहुत गीली हो गयी थी।

फिर मैंने अपना लंड पीछे से उनकी चूत में डाल दिया और दनादन चोदने लगा। अब आंटी जोर-जोर से आहें भर रही थी। अब आंटी बहुत भूखी थी और आंटी की सिसकारियों की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी। फिर आंटी बोली कि मानव चोदते रहो, इस चूत को फाड़ दो। अब मुझे सुनीता की गांड उभरी हुई बहुत अच्छी लग रही थी। फिर मैंने थोड़ा सा थूक उनकी गांड पर लगाया और अपना लंड उनकी गीली चूत से बाहर निकाला और उनकी गांड में डाल दिया। फिर मैंने आंटी की टाईट गांड में अपना लंड धीरे-धीरे डाला तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया। फिर मैंने धीरे-धीरे उनकी गांड मारनी शुरू की, अब मैंने उनकी गांड को ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया था। अब आंटी मदहोश हो गयी थी और अब आंटी के मुँह से आ आह की ज़ोर की आवाज़ आने लगी थी चोदो-चोदो फाड़ दो मेरी गांड, मार डालो, मज़ा आ गया, ऐसे तो आज तक तुम्हारे अंकल ने भी मुझे नहीं चोदा है।

Antarvasna Hindi Sex Story  पति के दोस्तों की अनोखी रंडी

फिर मैंने आंटी को बेड पर सीधा लेटाया और उनकी टाँगे पूरी चौड़ी की और अपना पूरा मोटा लंड उनकी गांड के अंदर डाल दिया। अब मुझे आंटी के होंठो को चूसते हुए चोदने में खूब मज़ा आ रहा था। फिर थोड़ी देर में सुनीता मेरे ऊपर आई और मेरे लंड पर बैठ गयी। फिर आंटी ने मेरा सिर पकड़ लिया और मेरे लिप्स चूसने लगी। अब में भी उन्हें घोड़े की तरह चोदने लगा था, अब आंटी की मौनिंग की आवाज़ बढ़ गयी थी। फिर मैंने आंटी की टाँगे ऊपर की और ज़ोर-ज़ोर से उनकी चुदाई करनी शुरू कर दी। अब सुनीता मेरी जान जोर-जोर से आहें भर रही थी और मुझे अपने दातों से काटने लगी और अपने नाख़ून चुभाने लगी थी। फिर मैंने आंटी की गांड में अपना लंड डालकर ज़ोर-जोर से चोदा और अब उनकी गांड ढीली हो गयी थी, अब उनकी आँखो से आसूं आने लगे थे। फिर मैंने डॉगी स्टाइल में उनकी चूत भी मारी, अब मेरा निकलने वाला था तो आंटी बोली कि मानव अंदर ही डाल दो। फिर मैंने अपना सारा वीर्य उनकी चूत में ही भर दिया। फिर आंटी ने मुझे हग किया और फिर वो मुझे किस करती रही। फिर आंटी बोली कि आई लव यू मानव, फिर कुछ देर के बाद मैंने फिर से उनकी जोरदार चुदाई की और खूब मजे लिए ।।

धन्यवाद …