छोटी बहन की चूत का दरवाजा खोला

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna आज में आपको जो कहानी को सुनाने जा रहा हूँ, वो किसी और की नहीं मेरी अपनी है और वो भी अपनी छोटी बहन के साथ किए गये सेक्स की है। मेरी बहन जिसकी उम्र 25 साल है, एक सांवली लड़की है, उसके चेहरे को देखने के बाद किसी का भी मन चोदने को बैचेन हो जाए। मैंने अपनी पिछली कहानी में बताया था कि मैंने उसको अपने दो दोस्तों के साथ चुदाई करते हुए देखा था, तो तभी से मैंने उसे चोदने का प्लान बनाया था। फिर एक दिन मेरे इंतजार की घड़ी ख़त्म हो गई, जब मैंने उस रात को उसे चोद दिया। इन दिनों मेरी मम्मी मेरे पास आई हुई है, दिन के समय दोपहर में मेरी बहन नहाने के बाद मेरी हाफ पैंट पहनी थी। उस दिन में और मेरी बहन दो लोग ही रूम पर थे।

फिर शाम को मेरी मम्मी मेरे एक कजिन के पास चली गई। में उस दिन शाम को एक ब्लू फिल्म की सी.डी लेकर आ गया था। फिर रात के समय खाना खाने के बाद जब वो पढ़ने के लिए बाहर चली गई, तो में अपने रूम में जाकर अपने कंप्यूटर पर ब्लू मूवी देखने लगा। फिर कुछ देर के बाद जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो पाया कि वो रूम के दरवाजे पर खड़ी होकर देख रही थी। फिर जब मैंने देखा कि वो खड़ी होकर देख रही है, तो मैंने उससे बोला कि आकर बैठ जाओ। तो वो बोली कि नहीं मुझे पढ़ने जाना है। फिर मैंने बोला कि ये भी तो एक पढ़ाई ही है। फिर मेरे कुछ देर के प्रयास के बाद वो मेरे पास आकर बैठ गई। फिर कुछ देर के बाद मैंने उसके कंधे पर अपना एक हाथ रखकर जैसे ही उसकी चूची के ऊपर रखा तो वो बोली कि नहीं भैया, ये नहीं। तो में बोला कि क्या होगा? कुछ नहीं होता। अब वो चुप हो गई थी।

फिर कुछ देर तक उसकी चूचीयों पर अपना हाथ फैरने के बाद जब मैंने देखा कि वो कुछ नहीं बोली और चुपचाप मूवी को देख रही थी। फिर मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना एक हाथ रख दिया तो जैसे ही मैंने उसकी चूत के ऊपर अपना हाथ रखा। तो वो बोली कि भैया प्लीज ये मत कीजिए। फिर मैंने बोला कि क्या हुआ? अभी तो मैंने कुछ नहीं किया। फिर वो बोली कि नहीं में पढ़ने जा रही हूँ। फिर मैंने उसका हाथ पकड़कर कहा कि क्यों तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा है? तो वो बोली कि नहीं। तो मैंने बोला कि बहुत अच्छा लगता है। फिर वो बोली कि नहीं। तो मैंने पूछा कि तुमको कैसे पता कि अच्छा नहीं लगता? क्या तुमने कभी ऐसा किया है? तो वो बोली कि नहीं। फिर मैंने पूछा कि फिर कैसे पता कि अच्छा नहीं लगता? तो वो बोली कि में जानती हूँ।

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मैंने फिर से पूछा कि सही बताओं कि तुमने कभी ऐसा किया है? फिर जब उसे लगा की शायद मैंने उसे अपने दोस्तों से चुदते हुए देखा था। तो वो बोली कि हाँ मैंने किया है। तो में बोला कि जब में तुम्हारे पास हूँ तो किसी और से चुदवाने की क्या जरूरत है? फिर मैंने उसे बेड पर लेटने के लिए बोला तो वो किताब को टेबल पर रखकर बेड पर लेट गई। फिर उसके बेड पर लेटने के बाद मैंने उसकी पैंट को खोल दिया। फिर मैंने उसकी पैंट को खोलकर बेड के पास रख दिया और फिर उसके बाद मैंने उसके टॉप को खोल दिया और फिर उसके टॉप को खोलने के बाद मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया, जो ब्लेक कलर की थी। फिर में जैसे ही उसकी ब्रा को खोलकर उसकी जाँघ को फैलाते हुए उसके ऊपर बैठ गया। तो वो बोली कि भैया अपना लंड नहीं दिखाएँगे। फिर मैंने बोला कि दिखाता हूँ और फिर जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और उसकी चूत के ऊपर रखा तो मैंने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। फिर मैंने पूछा कि शेव किया है क्या? तो वो बोली कि हाँ आज ही किया है।

फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटाया तो वो बोली कि भैया इतना मोटा और लंबा लंड मेरी चूत में चला जाएगा क्या? तो मैंने बोला कि हाँ। फिर वो बोली कि प्लीज भैया थोड़ा धीरे-धीरे करके घुसाना। फिर में बोला कि तुम चिंता ना करो, में बिल्कुल ही धीरे-धीरे घुसाऊँगा। फिर जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपना लंड सटाया तो उसने अपनी चूत को फैला दिया। फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर करने के लिए हल्का सा झटका दिया तो वो सिसक उठी आआअहह, फिर मैंने देखा कि मेरा लंड उसकी चूत में नहीं गया था और वो फिसलकर बाहर आ गया था। अब में समझ गया था कि बिना तेल डाले मेरा लंड उसकी चूत में नहीं जाएगा, तो में उठकर टेबले के पास गया और उसके ऊपर रखे तेल के डिब्बे को लाकर मैंने बेड के पास रख दिया और उसमें से तेल निकालकर उसकी चूत के ऊपर डाल दिया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब मैंने अपने लंड को डिब्बे के अंदर डालकर अपने लंड को पूरी तरह से गीला कर दिया था। फिर मैंने अपने लंड को पकड़कर उसकी चूत के ऊपर रख दिया। फिर इसके बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर सटाते हुए एक हल्के से झटके के साथ अपनी कमर को हिलाया। तो मेरे ऐसा करने पर वो ज़ोर से चिल्लाई तो में समझ गया कि अब उसकी चूत में मेरा लंड चला गया है। फिर जब मैंने उसकी चूत को देखा तो पाया कि मेरे लंड का आगे का भाग उसकी चूत में चला गया था। अब में उसकी चूचीयों को मसलने के बारे में सोचने लगा था। फिर मैंने डिब्बे से थोड़ा तेल निकालकर उसकी दोनों चूचीयों के ऊपर थोड़ा-थोड़ा करके लगा दिया। फिर जब मैंने तेल लगाकर उसकी चूचीयों को मसलना शुरू किया तो उसने ज़ोर से अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया। अब मैंने अपनी कमर को झटके के साथ हिलाना शुरू कर दिया था। अब मेरे हर एक झटके के साथ उसके मुँह से सिसकी निकल रही थी। फिर तभी वो बोली कि हाँ थोड़ा धीरे-धीरे मारिए। फिर मैंने पूछा कि अच्छा ये बताओ कि मेरा लंड बड़ा है कि उन दोनों का? तो वो बोली कि आपका। फिर तभी मैंने एक ज़ोर का झटका मारा तो वो बुरी तरह से सिहर उठी।

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अब मैंने उसकी चूचीयों को ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया था। तो तभी वो बोली कि भैया और कितना बाहर है? तो मैंने बोला कि अभी तो आधा बाहर है। फिर वो बोली कि भैया प्लीज जल्दी से कीजिए ना, बहुत दर्द हो रहा है। तो में बोला कि देखो अब में एक ज़ोर का झटका देने जा रहा हूँ अगर तुम थोड़ी देर के लिए बर्दाश्त कर लोगी तो बाद में बहुत मज़ा आएगा। फिर वो बोली कि ठीक है, आप ज़ोर का झटका लगाइए। फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ लिया और एक ज़ोर का झटका मारा तो वो बुरी तरह से चिल्ला उठी आआआअ। फिर तभी मैंने देखा कि अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया था। अब मैंने ज़ोर-ज़ोर से अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया था और वो ज़ोर-ज़ोर से आह, उूउउ करके सिसकी लेने लगी थी। फिर मैंने बोला कि बस और 2 मिनट रुक जाओ, अब तुमको भी मज़ा आएगा। फिर वो कुछ देर के बाद शांत हो गई।

अब मैंने उसकी चूचीयों को मसलना जारी रखा था। फिर इस तरह से मैंने उसको लगभग आधे घंटे तक चोदा। अब इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी। फिर जैसे ही मेरा वीर्य उसकी चूत में गिरा तो मैंने उसके होंठो को चूसना शुरू किया और 5 मिनट तक खूब चूसा। फिर कुछ देर के बाद मैंने अपने लंड को बाहर निकाल दिया और वहाँ से दूसरे रूम में चला गया। फिर मेरे वहाँ से जाने के कुछ देर के बाद उसने भी उठकर अपने कपड़े पहने और उठकर बाथरूम में चली गई। फिर वहाँ पेशाब करने के बाद जब वो बाहर आई तो मैंने पूछा कि अपने भाई से चुदाई करके कैसा लगा? तो वो मुस्कुराकर बोली कि अच्छी थी। तो मैंने बोला कि जब भी तुमको जरूरत हो तो तुम मुझे बता देना और फिर वो बाहर पढ़ने के लिए चली गई और में जाकर सो गया ।।