बहन को चोदकर गर्भवती किया

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम राज है, ये बात उस समय की है जब में 28 साल का था। मेरे चाचा की लड़की का नाम शालू है, वो उस समय 23 साल की थी और अभी 2 साल पहले ही उसकी शादी हुई थी, लेकिन उसको बच्चा नहीं होने के कारण उसकी सास ने लड़ झगड़कर उसको अपने मायके भेज दिया था और तलाक का नोटीस भेज दिया था इसलिए वो बहुत ही उदास रहती थी। अब वो हर समय तलाक की चिंता और उधर चूत की आग में ही रहती थी। फिर एक दिन वो हमारे घर आई, उस समय घर पर और कोई नहीं था, तो मैंने उसे बैठाया और चाय पिलाई। फिर उसके बाद मैंने उससे पूछा कि शालू तेरी परेशानी क्या है? तो उसने कहा कि बच्चा नहीं होने के कारण वो लोग मुझे तलाक दे रहे है। फिर मैंने पूछा कि बच्चा क्यों नहीं हो रहा है? तुम डॉक्टर को दिखाओ। फिर उसने बताया कि मुझमें कोई खराबी नहीं है और भैया बच्चा क्या उंगली से होगा? वो कुछ करते ही नहीं है और करना चाहते है तो भी नहीं होता है। तो मैंने कहा कि तब तलाक करके दूसरी शादी कर लो।

फिर वो बोली कि भैया एक तो पिताजी की मेरी दूसरी शादी करने की हैसियत नहीं है और दूसरी में उनसे बदला लेना चाहती हूँ क्योंकि उन्होंने जानबूझकर एक कुंवारी लड़की की जिंदगी क्यों बर्बाद की? तो में बोला कि बात तो ठीक है, लेकिन ये तो तभी होगा जब वो तुझे ले जाएगें और बिना बच्चा हुए तो वो नहीं ले जाएगे। तो इतना सुनकर वो बेबसी से मजबूर होकर रोने लगी और बोली कि मेरी तो तकदीर ही खराब है भैया, अब मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा है आख़िर में में जहर खाकर जान दे दूँगी। फिर में उसे सांत्वना देने के लिए अपनी बाहों में लेकर चुप करने लगा और चुप कराने की कोशिश करने लगा। फिर वो आवेश में आकर मुझसे और ज़ोर से लिपट गई और एकाएक उसे उन दिनों की बात याद आ गई, जब हम लोग बहुत छोटे थे और गुड्डा-गुड़िया का खेल खेला करते थे और उस खेल में में हमेशा उसका दूल्हा बनता था और हम लोग खाली रगड़ा रगड़ी करते थे, क्योंकि जब हमें और कुछ आता भी नहीं था। फिर उन दिनों को याद करके वो बोली कि भैया एक बात कहूँ। फिर में बोला कि हाँ कहो तो वो बोली कि बचपन में आप हमेशा मेरे दूल्हा बनते थे, आज मुझे सच में आपकी जरूरत है, अब मुझे मेरी मुसीबत को हल करने का एक यही रास्ता दिख रहा है कि आप मुझे एक बच्चा दे दो। तो में बोला कि बचपन की बात अलग है, तू पागल है, ये कैसे हो सकता है? आख़िर तू मेरी बहन लगती है।

फिर वो बोली कि भैया ये बात हिम्मत करके इतना खुलकर मैंने आपको कह दी, लेकिन में हर किसी से तो नहीं कह सकती हूँ, फिर में किससे संबध करूँ? और अगर घर से बाहर के आदमी से करूँगी तो बहुत बदनामी होगी, भैया तुम्हें ये काम करना ही होगा, ये मेरी जिंदगी का सवाल है, नहीं तो में सचमुच जहर खा लूँगी और ऐसे कहकर वो और ज़ोर-जोर से रोने लगी। फिर मैंने घबराकर उसे चुप कराने के लिए ज़ोर से अपने से लिपटा लिया और उसकी पीठ और बाल सहलाकर उसका माथा चूमने लगा और यही पर गजब हो गया। अब वो मुझसे बुरी तरह से लिपट गई थी और मुझे पागलों की तरह मुँह पर, गालों पर, होंठो को चूमने लगी थी और खूब कसकर लिपटकर मेरे सीने में अपने सिर को छुपा लिया था। अब गर्म-गर्म चुम्मे लेने से मेरा लंड खड़ा हो गया था, आख़िर में भी तो जवान था। फिर उसने मेरी पीठ पर अपना एक हाथ सहलाते हुए अपना दूसरा हाथ धीरे-धीरे आगे से ले जाकर मेरा लंड पकड़ लिया और मेरे लंड को मसलने लगी। उस समय में लुंगी में था और उसके नीचे अंडरवेयर भी नहीं थी।

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फिर उसने मेरी लुंगी के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरे लंड को बाहर निकाला तो मेरा मोटा तगड़ा लंड देखकर उसकी आँखो में अजीब सी चमक आ गई और उसने अचानक से नीचे झुककर मेरे लंड को चूम लिया। फिर मेरा लंड एकदम से फनफना उठा और लोहे की तरह खड़ा हो गया। फिर वो मेरे कान में बोली कि भैया अब मत तड़पाओ, जल्दी से आ जाओ, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। अब में भी पूरा गर्म हो चुका था तो में उसको बेड पर ले गया और पहले उसकी साड़ी उतारी, फिर ब्लाउज और उसकी ब्रा खोलते ही, वो थोड़ी शरमाई और उसने अपने दोनों हाथों को अपनी चूची पर रख लिया। फिर मैंने उसके हाथों को हटाकर उसकी चूची को अपने मुँह में ले लिया और धीरे-धीरे उसके निप्पल को चूसने लगा, वाऊ क्या मस्त चूची थी? ऐसा लगता था उसके साले गांडू पति ने उसकी चूची कभी चूसी ही नहीं थी, उसकी 30 साईज की चूची संतरे की तरह खड़ी और गुदगुदी थी।

फिर थोड़ी देर तक चूसते ही उसकी सारी शर्म भाग गई और वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकने लगी हाईईईईई भैया जल्दी कीजिए, हाईईईईईईईईईईई में मर जाऊंगी। अब उसकी आँखे मस्ती से लाल हो गई थी। अब उसने मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया था। फिर मैंने तुरंत उसके पेटीकोट का नाड़ा खोला और उसके पेटीकोट को निकालने लगा। फिर वो शर्म के मारे पलट गई तो मैंने खींचकर उसके पेटीकोट उसकी टांगो से निकाल दिया और अपनी लुंगी भी खोलकर फेंक दी। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। फिर मैंने उसके चूतड़ पर एक चुम्मा लिया तो वो सीधी हो गई। फिर में उसकी दोनों टाँगे चौड़ी करके उसकी चूत पर अपने होंठ रखकर उसकी चूत का दाना चूसने लगा। मैंने अभी तक जितनी भी चूत चोदी है में सबको पहले चाटकर तैयर करता था, क्योंकि एक तो चूत चाटने से लड़की पूरी गर्म होकर साथ में झड़ जाती है और दूसरी वो उस मर्द की दीवानी हो जाती है। अब उसकी चूत चाटते ही वो पूरी तरह से पागल हो गई थी और मेरे सिर के बाल पकड़कर मुझे अपने ऊपर खींच लिया था। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब उसकी चूत से बहुत रस टपक रहा था और बहुत सारा तो में पी गया था, बहुत मस्त खुशबूदार चूत थी उसकी, उसकी चूत की ख़ुशबू लेते ही मेरा लंड और खड़ा हो गया था। फिर मैंने अपने लंड का सूपड़ा उसकी चूत पर रखा तो उसका पूरा बदन कांपने लगा और बोली कि जल्दी से घुसा दीजिए भैया। अब उसकी चूत तो चाटने से और चूत के रस की वजह से पूरी गीली थी, लेकिन फिर भी हाथ मैंने अपने हाथ में थूक लेकर अपने लंड पर लगा लिया और अपना लंड उसकी चूत के छेद में सटाकर एक धक्का मारा तो मेरा लंड फिसलकर मेरा सुपड़ा अंदर चला गया। फिर वो एकदम से चिल्लाई आआआआहह और उसने अपना शरीर कड़क कर लिया। अब में उसके ऊपर लेट गया था और उसके होंठो को अपने मुँह में लेकर अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी, तो वो भी मेरी जीभ को चूसने लगी। फिर 1 मिनट के बाद मैंने थोड़ा ऊपर होकर दूसरा तेज धक्का लगाया, क्योंकि मेरा लंड इतना खड़ा हो गया था कि उसका रूकना मुश्किल था। अब तेज धक्के से मेरा आधे से ज़्यादा लंड झटके से अंदर तो हो गया था, लेकिन वो बहुत ज़ोर से चिल्लाई हाईईईईईईईईई में मर गई भैया, धीरे अरे निकालिए, में मर गई माआआआअ। लेकिन मैंने अपने पैरो में कैची डाल रखी थी, तो वो मेरा लंड तो नहीं निकाल पाई, लेकिन कसमसाती रही।

फिर मैंने चुम्मा लेकर उसे चुप किया और उससे पूछा कि क्या हुआ? थोड़ा और है बस। तो वो बोली कि भैया पहली बार है ना इसलिए थोड़ा धीरे-धीरे कीजिए ना। फिर मुझे हैरानी हुई और बोला कि क्या मतलब? तो बोली कि भैया में आज तक कुंवारी हूँ, उनका लंड खड़ा ही नहीं होता था और कभी थोड़ा बहुत हुआ भी तो वो बाहर ही झड़ जाता था, उसे अंदर जाने की नौबत ही नहीं आई। फिर मैंने चुम्मा चाटी और बातों में उलझाकर मौका देखकर एक आख़िरी जोरा का धक्का मार दिया तो मेरा लंड उसकी कुंवारी कच्ची चूत को फाड़ता हुआ पूरा घुसकर उसकी बच्चे दानी में लग गया। वो बहुत तड़पी, लेकिन में सावधान था। अब मैंने उसको कसकर दबोच लिया था और अपने लंड को बाहर नहीं निकालने दिया।

अब इतनी उम्र और पूरी औरत होने के बावजूद वो दर्द से रोने लगी थी। फिर मैंने उसके पूरे चेहरे पर चूमा, चूची चूसी और अपने एक हाथ से उसके चूतड़ सहलाए, तो तब उसको थोड़ा आराम मिला। फिर करीब 5 मिनट के बाद मैंने उससे पूछा कि दर्द कम हुआ, तो वो बोली कि हाँ अब थोड़ा कम है। फिर मैंने धीरे से अपने लंड को बाहर करके हल्के-हल्के धक्के लगाने चालू किए। अब धीरे-धीरे उसको भी दर्द की जगह मज़ा आने लगा था तो वो बोली कि थोड़ा ज़ोर से धक्का लगाओ भैया। फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और लास्ट में पूरा जोर लगाकर उसको चोदना चालू किया, तो वो अपनी दोनों टाँगे ऊपर करके चुदवाने लगी और पागलों की तरह बोल रही थी हाईई भैया, आज पूरी रात कसकर चोद दो, हाईईई अब आज से में आपकी हूँ भैया, मेरे पेट में आज ही अपना बच्चा डाल दो, हाईईई और ज़ोर-ज़ोर से चोदो और ऐसे कहते हुए वो झटके से मुझसे लिपट गई और अपने मुँह से आवाजे निकालने लगी आह भैया में मर गई आहह और अब वो अपनी पूरी तरह जिंदगी में पहली बार झड़ गई थी।

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अब उसकी चूत इतनी गर्म हो गई थी कि 4-5 ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने के बाद में भी झड़ गया और उसकी चूत को अपने वीर्य से पूरा भर दिया। अब वो खूब कसकर मुझसे लिपट गई थी और मेरे कान में बोली कि भैया अभी बाहर मत निकालना, बच्चा होने के लिए आपका पूरा पानी बच्चेदानी में जाना जरूरी है। अब में उसकी चूत में अपना लंड डाले उसके ऊपर ही लेट गया था और उसे चूमने लगा था और अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत को टटोल कर देखा तो मेरे हाथ में खून लग गया तो मुझे फिर से हैरानी हुई। तो वो बोली कि भैया अब तो आपको विश्वास हो गया ना, मैंने आपको बिना चुदी चूत दी है। तो में बोला कि हाँ शालू आज से तू मेरी जान है, तू मेरी रानी है क्योंकि तुने अपना कुंवारा शरीर मुझे अर्पण किया है, तो वो भी खुश हो गई। फिर 15-20 मिनट के बाद में उसके ऊपर से उठा। अब उसकी चूत ने मेरा सारा पानी अपने अंदर सोख लिया था और फिर थोड़ा बहुत बाहर आया, उसमें पूरा खून लगा था। अब नीचे चादर पर भी खून लग गया था।

फिर वो उठी और मेरे लंड को साफ करके चुम्मा लिया और फिर अपनी चूत साफ की। फिर उसके बाद उस रात को मैंने उसे 5 बार चोदा और फिर सुबह के 4 बजे हम दोनों नंगे ही लिपटकर सो गये। फिर उसके बाद तो मैंने उसे लगभाग 3 साल तक चोद-चोदकर 2 बचे पैदा किए। अब पहली बार में ही उसको गर्भ (पेट) रह गया था, तो बहाने से उसके पति को एक रात के लिए बुलाया। वो कर तो कुछ नहीं पाया था, लेकिन जब उसे पता चला कि वो गर्भवती हो गई है तो वो ख़ुशी से उसे अपने घर ले गया। अब शायद उसे अपनी कमज़ोरी का पता था, उसे ये भी अच्छी से तरह पता था कि ये बच्चा उसका नहीं है, लेकिन फिर भी वो चुप रहा। अब वो अपनी ससुराल में खुश है और उसने अपना इलाज भी करा लिया है, उसे पक्का तो नहीं मालूम, लेकिन शक पूरा है कि वो दोनों बच्चे मेरे है, वो कारण यह था कि उन दोनों बच्चो की शक्ल मुझसे मिलती है। अब दिक्कत यह है कि वो मुझे अपने यहाँ आने नहीं देता था और शालू को भी नहीं भेजता है ।।

धन्यवाद …