नीरज की रंडीबाजी 2

नीरज ने अपने बेड antarvasna के पास की घंटी दबाई. वो सीधे सर्वेंट क्वार्टर में जाकर बजी. नीरज ने थोडा सा इंतज़ार किया. लगभग 5 मिनट बाद दरवाज़े पर किसी ने दस्तक दी. नीरज बिस्तर पर केवल अपनी चड्डी पहने लेटा हुआ था. बाकी सारे कपडे उसने रात को ही यहाँ वहां उतार दिए थे. उसका लंड हल्का सख्त होकर चड्डी के ऊपर हल्का सा उभार बना रहा था. लेकिन नीरज को कोई शर्म नहीं थी. साल आपनी काम वाली बाई से क्या शर्माना !

“आ जाओ” नीरज ने आवाज़ लगायी.

वो अन्दर आई और नीरज को लगभग नंगा देखकर शर्मा गयी और अपनी नज़रें नीची कर ली. उसने कुछ नहीं बोला.

“कल रात को कहाँ थी तुम?”

“जी सो रही थी” उसने बिना नज़र उठाये बोला. उसका बदन सलवार सूट में एक दम उभरा हुआ था. नीचे उसने लाल legging पहनी थी और ऊपर पीले कलर का कुरता. एक चुन्नी थी जो गले से एक दम सता हुआ था जिससे के उसके भरे भरे स्तन कुरते पर एक दम उभरे हुए थे. नीरज उसको घूर कर देख रहा था.

“किसके साथ?”नीरज ने पुछा.

एक पल के लिए उसने अजर की तरफ देखा. नीरज बिस्तर के किनारे टांगें फैला कर बैठा हुआ था और चड्डी के ऊपर से ही लंड सहला रहा था. उसका लंड अपना आकार बड़ा रहा था और चड्डी पहने रहना उसके लिए कष्टदायक होता जा रहा था.

“जी. अकेली ही थी” उसने अपनी नज़रें वापिस झुकाते हुए कहा.

“तो इतनी आवाज़ लगायी मैंने आई क्यूँ नहीं?” नीरज ने नकली गुस्सा करते हुए पूछे. उसने कोई आवाज़ नहीं लगायी थी.

“जी कोई आवाज़ नहीं आई थी मुझे” वो नीचे ऐसे देख रही थी जैसे फर्श पर कुछ ढूंढ रही हो.

“ओह. सुनता कम है तुम्हें. नाम क्या है तुम्हारा?”

“जी नयना”

“जी नयना. ये कैसा नाम है?” नीरज ने हँसते हुए पुछा.

वो भी हंस पड़ी और एक झलका नीरज की तरफ देखा. नीरज के चड्डी पर लंड तम्बू बन गया था अब. लेकिन इस बार नयना ने नज़रें नहीं हटाई नीरज पर से. नीरज समझ गया कि बात बन सकती है.

“तो नयना कितनी बड़ी हो तुम?”

” जी 22 साल”.

मेरी नौकरानी का टैलेंट

“22 साल. तुम्हारे….मतलब तुमको देखकर लगता नहीं कि 22 साल की हो” नीरज ने उसके उभरे हुए चुचियों की तरफ देखते हुए कहा. उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी.

मुस्कान तो अब नयना के चेहरे पर भी थी लेकिन वो कुछ नहीं बोली.

“जानते हो कल रात क्या हुआ था?”

“क्या हुआ था?”

“मेरा पैर मुड़ गया था. देखो” नीरज ने अपनी एड़ी उसकी तरफ उठाते हुए कहा.

नयना ने देखा कि हल्का सा नीला हो गया था. उसने कहा “रुकिए मैं पानी गरम करके ले आती हूँ. सिकाई करनी पड़ेगी”

“अरे रुको रुको. पानी बाद में गरम करना. अभी मैं जो गरम हूँ उसका क्या?”

“मतलब. मैं समझी नहीं.” नयना ने कहा. लेकिन उसके चेहरे पर जो हलकी मुस्कान थी उससे पता चल रहा था कि उसे समझ में सब आ रहा है.

“तुम्हारी गलती थी कि तुम कल रात को मेरे आवाज़ लगाने पर भी नहीं आये. इसकी सजा तो मिलनी चाहिए. समझे?” नीरज ने अपनी चड्डी को एडजस्ट करते हुए पुछा.

नयना हल्का मुस्कुरायी और नीरज की तरफ देखकर बोली “साब. बचपन से घरों में काम कर रही हूँ. सब समझती हूँ. आप बताओ, घोड़ी बनना है या कुतिया, या अगर थके हुए हो तो आप पर चढ़के आप ही को घोडा बना लूँ?”

नीरज चौंका. इतने डायरेक्ट तरीके से काम हो जाएगा इसकी उसे उम्मीद नहीं थी. लेकिन वो और मजे लेना चाहता था. “वो तो बनोगी ही. लेकिन उससे पहले तुम्हें एक और सजा मिलेगी.” नीरज ने बेड से उठते हुए कहा. उसका लंड चड्डी पर एक दम पूरी तरह तना हुआ था. नीरज, नयना की तरफ बढ़ा.

“क्या सजा?”

नीरज ने सूट के ऊपर से नयना की गांड पर हाथ फेरा और हलके से एक थपकी मारी. “जिस गांड पर कल रात को लेटकर सो रही थी तू, उसको थप्पड़ मार मार कर लाल करना है”

नयना ने चड्डी के ऊपर से नीरज का लंड पकड़ लिया “उसके एक्स्ट्रा लगेंगे साब” कहकर लंड को हलके से दबाया.

“क्या सजा?”

नीरज ने सूट के ऊपर से नयना की गांड पर हाथ फेरा और हलके से एक थपकी मारी. “जिस गांड पर कल रात को लेटकर सो रही थी तू, उसको थप्पड़ मार मार कर लाल करना है”

नयना ने चड्डी के ऊपर से नीरज का लंड पकड़ लिया “उसके एक्स्ट्रा लगेंगे साब” कहकर लंड को हलके से दबाया.

नीरज ने नयना को बेड की तरफ धकेला हलके से. वो बिना किसी प्रतिरोध के बेड की तरफ बढ़ी. नीरज ने अपनी चड्डी उतार दी. उसका लंड पूरा तन चुका था. वो जाकर बेड पर बैठ गया और नयना से कहा कि बिस्तर पर गांड ऊपर करके कुतिया बनाकर बैठ जाए. नयना वैसे ही गांड ऊँची कर के बात गयी बिस्तर पर.

नीरज ने उसकी गांड पर हाथ फेरा और खींच कर एक थप्पड़ मारा. हालांकि हाथ और नयना की गांड की चमड़ी के बीच में सलवार का कपडा, legging का कपडा और नयना की चड्डी थी लेकिन थप्पड़ का जोर इतना था कि नयना की आह निकल गयी.

Antarvasna Hindi Sex Story  भाई के लंड से चुदवाकर खूब मजा लिया

“अभी से बहन की लोड़ी ? अभी तो तेरी गांड नंगी करके थप्पड़ दूंगा.” नीरज ने कहा.

“मारो मुझे साब. मारो मेरे गांड पर थप्पड़.” नयना ने नीरज की तरफ देखते हुए कहा.

ये तो साली रंडियों से भी तगड़ी माल है.

नीरज ने मन में सोचा. इतनी अदा तो कल वाली रंडी ने नहीं दिखाई थी. नीरज खुश हो गया. उसने उसकी सलवार उठाके legging खींच के नीसह घुटनों तक कर दी. नयना ने चड्डी नहीं पहनी थी. उसकी हलकी सांवली गांड पर्दों के बीच से आती धुप में चमक रही थी. उसके कमर पर बंधा काला धागा उसकी कमर को और सुन्दर बना रहा था.

अपना सर दर्द वो भूल चूका था. साली चुदास चीज़ ही ऐसी है कि आदमी सब भूल जाता है.

नीरज ने अपना हाथ नयना के मुंह के सामने किया, बोला ” चाट ”

नयना ने कुतिया की तरज उसका हाथ चाट लिया. नयना के थूक से गीले हाथ से ही नीरज ने नयना के गांड पर झन्नाटेदार एक थप्पड़ मारा. इतना तेज़ कि नयना की गांड पर हाथ छप गया था. नयना ने दांत भींचे हुए थी इसलिए चीख दबा ली.

“लगा नहीं तेरे को??” नीरज ने उससे पुछा.

नयना ने कुछ नहीं काह बस अपना हाथ पीछे करके सहलाने जा रही थी तभी नीरज ने उसका हाथ पकड़ लिया. “नहीं. जब तक तेरी punishment पूरी नहीं हो जाती तेरे गांड पर बस मेरा ही हाथ रहेगा”

उसने नयना के दुसरे गांड पर एक और थप्पड़ मारा. नयना ने दर्द के मारे अपनी गांड भींच ली. थप्पड़ की मार से भिन्चता गांड का छेद बड़ा ही सेक्सी लग रहा था. नीरज अब दोनों गांड पर धीरे धीरे चपेड मारने लगा. इतना तेज़ कि नयना को आराम न मिले लेकिन इतना तेज़ भी नहीं कि उसको लगे. वो बारी बारी से नयना की गांड पर थप्पड़ मारे जा रहा था. एक बार बायीं गांड एक बार दायीं गांड. एक बार बायीं गांड एक बार दायीं गांड.

अचानक ही उसने नयना की चूत पर एक थप्पड़ मार दिया. अचानक हुए चूत पर हमले से नयना के मुंह से चीख निकल गयी. उसने दोनों हाथों से अपनी चूत पकड़ ली. और कराहने लगी. नीरज अब चोदने के मूड में आ गया था. लंड काफी देर से फनफना रहा था. वो बिस्तर पर चढ़ गया और नयना की गांड पर अपना लंड सेट किया.

लंड को उसने धीरे धीरे नयना की गांड में डालना शुरू किया. गांड इतनी टाइट नहीं थी कि लंड को ज्यादा रोक पाए. नीरज समाझ गया कि ये काफी लम्बे समय से अपनी गांड में डलवा रही है तभी इतनी खुली है. इससे ज्यादा टाइट तो कल वाली रंडी की गांड थी. नीरज ने पूरा लंड गांड में डाल दिया. उसने नयना को कहा कि सलवार और ब्रा निकाल दे. नयना ने बस सलवार निकाला. ब्रा उसने पहनी नहीं थी.

“बहनचोद. ब्रा panty नहीं पहनती क्या तू?”

“गर्मी में गीले हो जाते हैं साब. बाहर आती हूँ तो पहनती हूँ”

नीरज ने उसकी कमर पकड़ कर उसको चोदना शुरू किया. लंड को धीरे धीरे आगे पीछे कर रहा था. आगे झुककर उसकी चूचियां भी मसल रहा था. उसकी चूचियां बड़े बड़े खरबूज जैसी थी. इतनी कम उम्र इतना भरा बदन केवल unlimited चुदाई से ही मुमकिन था. नीरज कभी उसकी पीठ सहलाता, कभी चुचिआं दबाता, कभी चूत में उंगल करता कभी उसके मुंह में ऊँगली देकर बोलता चूस और साथ ही साथ उसकी गांड मारे जा रहा था. उसका flow बढता जा रहा था. पूरे कमरे में धच्छ फ़च्छ फ़च्छ फचात फच्हत की आवाज़ गूँज रही थी. नीरज अब लम्बे लम्बे और जोरदार झटके मारने लगा था. वो चुदाई के नशे में पूरी तरह डूबा हुआ था तभी उसके कमरे का दरवाज़ा खुला और उसका ड्राईवर अन्दर आया.

“साब वो आज छोटे साब के घर में…”

बोलकर वो रुक गया. वो अपनी ही धुन में अनादर आया था उसने न तो दरवाज़ा खटखटाया न ही आवाज़ लगायी. और नीरज ने भी कमरे की कुण्डी नहीं लगायी थी. लेकिन जैसे ही उसने देखा कि उसका साब पूरा नंगा है और घर की बाई के गांड में लंड डाले पड़ा है और A/C में भी दोनों पसीने से तर हैं. नीचे बाई लगभग पूरी नंगी कुतिया बनी हुई है और गांड ऊपर करके पड़ी है. तो वो घबरा गया.

“साब…साब…” वो तुतला उठा.

“भाग यहाँ से मादरचोद.” नीरज उसपर गरजा.

वो भाग गया.

“ये माँ का लोड़ा कार्तिक… इसकी माँ चोदता हूँ आज…” नीरज गुस्से में था और अपना गुस्सा नयना की गांड में झटकों का जोर बढ़ा कर निकाल रहा था. नयना चुदते चुदते बोली.

“कोई बात नहीं ..ओह्ह्ह… साब. आप शायद ..आह्ह…जानते नहीं हो ये कार्तिक बहुत …उफ्फ्फ्फ़…हरामी है. घर की सारी बाइयों को …..ओह्ह मादरचोद… चोद चूका है. अभी हमारी …आह….चुदाई देखकर गया है ना, इसका खड़ा..आआअह्ह्ह्ह मर गयी… हो गया होगा. जाकर सीधे रसोईघर में रमा की चूत में डालेगा. वैसे तो बहुत…ओह्ह्ह… साधू बनता है… ताबेज, कमर में काला धागा सब बांधता है… लेकिन..ओह्ह्ह….सबको चोद चूका है. मुझे भी…आह…”

Antarvasna Hindi Sex Story  लिफ्ट में अनुराधा की पहली ट्रैनिंग

नीरज को इतना पता नहीं था. वो जानता तो था कि कार्तिक हरामी है. कई बार उसने कार्तिक को तान्या कि जांघें घूरते देखा था. तान्या भी ‘कार्तिक भैया’ से बहुत हंस हंस के बातें करती थी. शायद नीरज को जलाने के लिए. लेकिन नीरज की झांटें सुलग जाती थी उनकी ये सब हरकतें देखकर. लेकिन नीरज ने कभी ये नहीं सोचा था कि घर सभी काम वालियों को यहं तक कि 45 साल से ऊपर की रमा को भी कार्तिक चोद चुका होगा. वो स्कोहे जा रहा था और धक्के मारे जा रहा था.

“क्या साब. उस कार्तिक से दर गए क्या?” नयना ने उसको छेड़ा.

ये सुनकर नीरज का ध्यान वापिस नयना पर आया. उसने धक्कों की गति बढानी शुरू कर दी. कमर को दोनों हाथों से पकड़ कर हो धक्के मारे जा रहा था. उसका झड़ने वाला था जब उसने गांड से लंड निकाला और नयना को अपने लंड के सामें करके उसके चेहरे पर पूरा मुट्ठ डाल दिया. और थक कर लेट गया बिस्तर पर.

नयना को उसने बगल में लिटा लिटा.

कार्तिक ने एक चीज़ तो याद दिला दी थी, आज उसके छोटे साब, यानी नीरज के चाचा के घर में एक डिनर पार्टी थी. शाम को वहां जाना था. शाम होने में देर थी अभी. अभी नीरज झाडके पूरी तरह थका हुआ था. निढाल था. नयना को बगल में लिटा रखा था. उसकी कोमल चुचियों को हाथ से सहलाते हुए नीरज धीरे धीरे फिर से सो गया.

उसने धक्कों की गति बढानी शुरू कर दी. कमर को दोनों हाथों से पकड़ कर हो धक्के मारे जा रहा था. उसका झड़ने वाला था जब उसने गांड से लंड निकाला और नयना को अपने लंड के सामें करके उसके चेहरे पर पूरा मुट्ठ डाल दिया. और थक कर लेट गया बिस्तर पर.
नयना को उसने बगल में लिटा लिटा.
कार्तिक ने एक चीज़ तो याद दिला दी थी, आज उसके छोटे साब, यानी नीरज के चाचा के घर में एक डिनर पार्टी थी. शाम को वहां जाना था. शाम होने में देर थी अभी. अभी नीरज झाडके पूरी तरह थका हुआ था. निढाल था. नयना को बगल में लिटा रखा था. उसकी कोमल चुचियों को हाथ से सहलाते हुए नीरज धीरे धीरे फिर से सो गया.

_______________________________________________________

शान्ति निवास, जो कि नीरज के चाचा के बंगले का नाम था, आज मेहमानों ने भरा हुआ था. हालांकि नीरज के खुद के मम्मी पापा यहाँ नहीं थे लेकिन नीरज और उसके घर के सभी नौकर चाकर काम में पूरी तरह हाथ बटा रहा था. लेकिन पैसों के मामले में केवल घर के लड़के पर ही भरोसा किया जा सकता था .नीरज के चाचा को कोई लड़का नहीं था. केवल एक ही बेटी थी तान्या. इसलिए नीरज पैसे वाली ज़िम्मेदारी उठा रहा था.

पार्टीपूरे शबाब में थी. बंगले के सामने का गार्डन गेस्ट्स से पटा पड़ा था. शहर के सब बड़े बड़े लोग आये हुए थे. साथ में अपनी बीवियों को भी लाये थे. उनकी बेटियाँ भी थी साथ में. लौंडे सब दारु के काउंटर में भीड़ किये खड़े थे. बड़े लोग आपस में बिजनेस की बातें कर रहे थे.

उनकी बीवियां, जिनको नीरज सामने आंटी बुलाता था फिर बाद में उनके नाम का हिलाता था, आपस में बात कर रही थी. और उनकी बेटियाँ भी झुण्ड बनाये एक जगह थी. सब एक से बढ़कर एक माल. ज्यादातर ने साड़ी पहनी हुई थी. एक दम गांड से चिपकी टाइट साड़ी. ब्लाउज ज्यादातर ने sleevelss और ओपन बैक वाली पहनी हुई थी जिससे उनकी भारी, मांसल, गोरी पीठ चमक रही थी. मेक उप बहुत किया हुआ था सभी ने. उनके मोटी मोटी नंगी बाहों पर पसीना आ रहा था. सब बहुत जोर जोर से बातें कर रही थी जैसे जो जितना ऊंचा बोलेगी वो उतनी ज्यादा अमीर. कुछ आंटियां मॉडर्न बनने के चक्कर में स्कर्ट पहन कर भी आई थी .उनकी मोटी चूतड और जाँघों पर स्कर्ट और टॉप एक दम ऐसा लग रहा था जैसे कोई रंडी धंधा करने आई हो. बहुत ही अश्लील.

कुछ आंटियां काफी सौम्य लग रही थी, मसलन बनर्जी आंटी. स्लिम शरीर. हरे रंग की साडी जो उनके सुडोल गांड से चिपकी हुई थी. लम्बी चोटी जिसका सिरा उनके गांड के छेद के बीचों बीच तक जा रहा था. पतली लेकिन भरी बाज़ुएँ. जो स्लीवलेस ब्लाउज की वजह से नंगीं थी इस समय और ब्लाउज के पतले स्ट्रिप के पीछे से झांकती उनकी लाल ब्रा. वो बड़े ही शालीनता से बात करती थी. उनकी आवाज़ नरम तो थी लेकिन उसमे एक दबी हुई सत्ता भी थी. जितनी कमसिन वो लगती थी शायद उतनी वो थी नहीं. नीरज ने बनर्जी आंटी के नाम जितनी बार हिलाया था उतनी बार और किसी के नाम का नहीं हिलाया था. सिवाय शायद तान्या के. बनर्जी आंटी को लेकर उसकी कई fantasies थी. कुछ में वो बनर्जी आंटी को अपनी रंडी बनता था और उनको कुतिया बना कर अपनी गांड चटवाता. कुछ में वो बनर्जी आंटी को dominatrix के रूप में देखता और उनका गुलाम बनकर उनकी सेवा करता. उन्हें खुश करता जब तक वो उसे झड़ने की इजाज़त ना दे दे. वो कल्पना करता बनर्जी आंटी अपनी हलकी भारी हलकी कमसिन आवाज़ में कह रही है “अब मेरी गांड के पिंक छेद में जीभ डाल”. उनकी गुदाज़ गांड की कल्पना से ही नीरज झड जाता. खैर ये सब कल्पना की बातें थी. असलियत में नीरज झांट नहीं उखाड़ सकता था किसी का.

Antarvasna Hindi Sex Story  दो भाबियों के साथ मस्त चुदाई

टेंट वालों को पैसे देने की बात आई तो नीरज को तिजोरी से पैसे निकालने के लिए बंगले के अन्दर आना पड़ा. उसकी चाची ने उसको चाबी दे रखी थी. नीरज पैसे लेने के लिए बंगले में enter किया और सीढियां चढ़ने लगा. ऊपर जाकर उसके चाची का कमरा सीढ़ियों से दायीं तरफ था, बायीं तरफ तान्या का कमरा था. अचानक नीरज का मन हुआ कि जाकर तान्या के कमरे में देखे कहीं उसकी कोई उतारी हुई चड्डी, ब्रा तो नहीं पड़ी है. अगर है तो मुट्ठ मार लिया जाएगा इस समय. तान्या के नाम पर उसका लंड हमेशा तैयार रहता था.

वो तान्या के कमरे की ओर बढ़ा तो देखा कि कमरे का दरवाज़ा आधा खुला हुआ है. उसने आगे बढ़ने की हिम्मत तो नहीं की लेकिन वहीँ से उसे जो दिखा उसे दिखाकर उसके होश उड़ गए. तान्या बिस्तर के किनारे हाथ टिकाकर झुककर खड़ी हुई थी. पूरी नंगी. उसके पीछे एक काला लंड उसकी चूत में घुस रहा था और निकल रहा था.

नीरज की हालत खराब हो गयी. तान्या को अपनी चूत मरवाते उसने कभी नहं देखा था न कभी देखने का सोचा था. हाँ कल्पना तो की थी लेकिन उसमे तान्या की चूत में जाता हुआ लंड उसी का होता था. थोड़ी और हिम्मत करके वो आगे झाँका. दरवाज़े पर एक पर्दा भी था जो लहरा रहा था इसलिए ठीक से तो नहीं दिखा लेकिन जो आदमी तान्या की चूत पेल रहा था उसके कमर पर एक काला धागा बंधा हुआ था. अचानक की नीरज को सब क्लियर होता चला गया. आज सुबह नयना की कही बात, कि कार्तिक कमर पर काल धागा बांधता था, कार्तिक एक साथ तान्या का हंस हंस कर बात करना, दोनों का एक दुसरे को देखकर मुस्कुराना… सब कुछ एक के बाद एक सेट होता गया.

मेरी चचेरी बहन, मेरे ख्वाबों की मलिका, इतनी कमसिन, इतनी शुद्ध, सुगढ़, गोरी, जवान ..मेरी तान्या एक ड्राईवर से मरवा रही है. इतने बन्दों के होते हुए भी. बन्दों की माँ कि चूत …मेरे होते हुए भी…. ये रंडी एक ड्राईवर से चुदवा रही है….

एक पल के लिए नीरज ने सोचा कि दरवाज़ा खोलकर अन्दर जाए और कार्तिक की गांड पे लात मरकर उसे निकाल दे और खुद तान्या की गीली चूत में लंड पेल दे. इस समय साली इतनी चुदासी है कि कुछ नहीं कर पाएगी. चुप चाप अपनी मरवाएगी. लेकिन बहनचोद मन ही इतना खराब हो गया था नीरज का कि उसने कुछ नहीं किया. वापिस मुड़ा और चाह्ची के कमरे से पैसों का बण्डल लेकर नीचे आ गया.
चाची को पैसे दिए और कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं है मैं घर जा रहा हूँ. बोलकर निकल गया.
पार्किंग में गया तो कार्तिक वहां था नहीं. वो तो ऊपर तान्या की चूत चोद रहा था. नीरज गाडी लेकर निकल गया अपने पसंद के होटल में. राज को फ़ोन करके उसने वही रंडी भेजने की बात की जिस रंडी को तान्या बना कर उसने कल रात चोदा था. आज उसकी चूत फाड़ देने वाला था नीरज.

_____________________________________________________

तान्या के कमरे में

तान्या झुकी हुई थी और पीछे से उसकी चूत मारी जा रही थी. उसके चूचे मसले जा रहे थे. उसकी कमर पर हलकी हलकी थपकियाँ पड़ रही थी. हालांकि तान्या ने कहा था कि जितना जोर है उतने जोर से चोद. उतनी जोर से थप्पड़ मार. लेकिन एक नौकर आखिर अपने मालकिन पर ज्यादा जोर कैसे लगा सकते हैं.

“चोद न मुझे… और दम लगा साली… माँ चुदी पड़ी है क्या तेरी… दम लगा मादरचोद..”
अपने कमर पर strap-on dildo बांधे नयना धक्के पर धक्के मारे जा रही थी. तान्या के साथ lesbo sex का ये पहला मौका नहीं था. लेकिन हमेशा की तरह तान्या मालकिन rough sex चाहती थी. नयना ने कमर को कसके पकड़ कर तेज़ तेज़ झटके मारने शुरू किये. तान्या नीचे से अपनी चूत और clit को जोर जोर से ऊँगली कर रही थी. वो सुख के चरम पर पहुंची और पानी छोड़ दिया.

वो बिस्तर पर लेट गयी. नयना अपना strap on उतार रही थी. तान्या ने बोला रख मत, अब मैं तेरी चूत मारकर दिखाउंगी की चुदाई क्या होती है.

नयना ने शरारत भरी आँखें नचा कर कहा “उसके extra लगेंगे में साब”

तान्या की आँखों में एक चमक सी आ गयी…