दूधवाली सेक्सी भाभी के बूब्स

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरी चोदन डॉट कॉम पर यह पहली कहानी है, में गुजरात का रहने वाला हूँ। ये उस समय की बात है, जब में 19 साल का था। हमारे सामने हमारी ही जाती के लोग रहते थे, उनकी नयी-नयी शादी हुई थी, उनका नाम वीरेन्द्र था और उनकी वाईफ का नाम नीता था, वो बहुत ही सेक्सी और हॉट थी। में नीता को प्यार से भाभी जान कहकर बुलाता था और वो भी मुझसे अच्छी बातें करती थी, लेकिन वो कभी मेरा नाम नहीं बोलती थी, जैसे में उसका पति हूँ। वैसे मुझे आप लीजिए ऐसे शब्दो से बुलाती थी। वो बहुत ही सेक्सी लगती थी, उनका फिगर साईज 31-30-32 था। वीरेन्द्र उसको बहुत ही चोदता था में कभी-कभी रात में जब बाहर निकलता था, तो तब उनके घर में से हमेशा कराहने की आवाज़े आती थी। भाभी रात को आआआआ, ऊहह, उफूउफुफफफफूऊफफफफफ्फ जैसी आवाज़े निकालती थी। तो में यह सब सुनकर बहुत ही गर्म हो जाता था और वही खड़े-खड़े ही मुठ मारता था।

फिर ये सब कुछ महीनों तक ही चला और बाद में जब में रात को बाहर निकलता, तो कभी-कभी भाभी वीरेन्द्र को जगाती हो ऐसी आवाज़े आती थी। अब वीरेन्द्र भाभी को चोद-चोदकर थक गया था, लेकिन भाभी की प्यास तो बुझती ही नहीं थी। अब में बहुत दिनों से भाभी को देखकर मुठ मार रहा था, अब में उनको चोदने की तरकीब खोजने लगा था। भाभी गाँव की रहने वाली थी इसलिए उनके यहाँ एक भैंस पाल रखी थी, उनका दूध का कारोबार था। वीरेन्द्र भाई टीचर थे, लेकिन भाभी को ये दूध का कारोबार अच्छा लगता था। फिर एक बार ऐसा हुआ कि वीरेन्द्र भाई स्कूल गये थे, अब भाभी अकेली थी और उनकी भैस को कत्रिम वीर्यदान करने वाले आए थे, उनकी भैस किसी मर्द के आलावा किसी से नहीं मानती थी। अब में घर पर अकेला था, तो भाभी मुझे बुलाने के लिए आई और कहा कि तुम फ्री हो? तो मैंने कहा कि हाँ, क्यों? क्या हुआ? तो उन्होंने कहा कि कुछ लोग भैस को वीर्यदान करने आए है, तो जरा भैस को पकड़ने में मेरी मदद करो ना। फिर मैंने कहा कि भैया कहाँ है? तो वो बोली कि वो तो स्कूल गये है और आज उनके एक दोस्त के वहाँ रात को पार्टी रखी है, तो वो रात को घर नहीं आने वाले है और ये बात कहते वक्त वो मुझे बहुत ही सेक्सी नजरो से देख रही थी। फिर मुझे लगा कि आज काम बन जाएगा तो मैंने भी कहा कि ठीक है में अभी आता हूँ। तो वो थैंक्स कहकर एक सेक्सी मुस्कुराहट देती हुई चली गयी। फिर में वहाँ गया तो भैस को बांधकर वीर्यदान करने वाले भैस की चूत में अपना हाथ डालकर चैक कर रहे थे। फिर तब मैंने देखा कि भाभी मुझे बहुत ही हॉट नजर से देख रही थी और तब मेरा 7 इंच का लंड खड़ा हो जाने कारण मेरी पेंट में से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। अब भाभी की नजर मेरे लंड पर थी, तो मैंने उनको देखा तो वो शर्मा गयी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर उन लोगों के चले जाने बाद मैंने अपने हाथ धोने लिए पानी माँगा तो वो कहने लगी कि आओ ना घर में अंदर आकर बाथरूम में हाथ धो लो, में पानी लाती हूँ। फिर वो पानी लेकर आई और मेरे हाथ पर पानी डालने के लिए जैसे ही वो नीचे हुई तो उनका पल्लू सरक गया और मुझे उनके बूब्स दिखाई देने लगे, उनके बूब्स बहुत ही बड़े-बड़े थे, वो क्या सेक्सी लग रही थी? उस वक्त की बात मत पूछो। फिर वो अपने हाथ धोकर बाहर आई, तो मैंने जानबूझकर पूछा कि वो लोग क्या कर रहे थे? तो वो बोली कि तुम्हें नहीं पता? तो मैंने कहा कि नहीं तो। फिर तब वो बोली कि ऐसा करने से बच्चा पैदा होता है। तो मैंने कहा कि इंसान को भी ऐसा करना पड़ता है? फिर उसने कहा कि हाँ, लेकिन इंसान को हाथ डालने से नहीं होता है, मर्द को अपना लंड औरत की चूत में डालना पड़ता है। अब उनके मुँह से ऐसे शब्द सुनकर में तो पागल हो गया था। फिर तब वो बोली कि तुमने कभी सेक्स किया है? तो मैंने कहा कि किया है, लेकिन जब में छोटा था और अभी बड़े होने के बाद नहीं किया है।

फिर मैंने कहा कि तो क्या भैया भी आपको करते ही होंगे ना? तो वो बोली कि हाँ करते थे, लेकिन अब तो थककर आते है और एक पैक मारकर सो जाते है। अब ऐसी बातें करते वक्त वो बहुत गर्म हो चुकी थी और बार-बार अपनी चूत रगड़ रही थी। फिर मैंने कहा कि तो क्या आपका मन नहीं करता है? तो भाभी ने कहा कि करता तो है, लेकिन और ऐसा बोलकर वो चुप हो गयी। अब ऐसी बातें करने कारण मुझमें थोड़ी हिम्मत आ गयी थी और फिर में उनके पास जाकर बैठ गया और कहा कि भाभी एक बात कहूँ? तो वो बोली कि कहो ना। फिर मैंने कहा कि मुझे आप बहुत पसंद हो। तो ऐसा सुनकर वो चौक गयी और बोली कि क्या आप भी ऐसी बातें करते है? तो मैंने कहा कि मुझे सच्ची में आप बहुत अच्छी लगती हो।

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फिर वो बोली कि कई दिनों से में भी आपको पसंद करने लगी हूँ और जब भी आपको देखती हूँ तो मेरा मन आपसे चुदवाने का होता है। फिर ऐसा सुनकर में खुश हो गया और मैंने कहा कि आज भैया घर पर नहीं है तो में शाम को जब मेरे मोबाईल की रिंगटोन बजाऊँ, तो तुम अपने घर का दरवाज़ा खोल देना, तो उसने कहा कि ठीक है और फिर ऐसा कहकर में अपने घर चला गया और रात को खाना खाकर बाहर ही सो गया। फिर रात के करीब 1 बजते ही में भाभी के घर के पास गया और मेरे मोबाईल की रिंगटोन बजाई। तो वो सुनकर तुरंत ही आई और दरवाजा खोल दिया, तो दरवाज़ा खुलते ही मैंने देखा कि भाभी बहुत ही सेक्सी लग रही थी और उन्होंने ऐसी साड़ी पहनी थी जिससे उनके बूब्स बिल्कुल साफ-साफ दिखाई दे रहे थे। फिर उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर मुझे घर में अंदर खींच लिया और अपने कमरे में ले गयी और कमरे में जाते ही भाभी ने दरवाज़ा बंद कर दिया और मेरे होंठो को चूमने लगी और बोलने लगी कि जिगर अब में हमेशा के लिए तुम्हारी हूँ, अब तुम मुझे इतना चोदो कि मेरी 4 महीने की प्यास बुझ जाए और मुझे बच्चा भी हो जाए और ऐसा कहते हुए वो मुझे आई लव यू बोलने लगी थी।

अब में भी किस करते-करते उनका साथ देने लगा था। फिर हम दोनों बेड पर लेट गये और फिर एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे। फिर मैंने भाभी का ब्लाउज खोला तो उनकी ब्रा में छुपे बूब्स बाहर आने को तरस रहे थे, फिर मैंने उनकी ब्रा भी निकाल दी। अब हम दोनों एकदम नंगे थे, भाभी क्या दिख रही थी? फिर बाद में हमने एक दूसरे को किस करना चालू किया और भाभी को बहुत दिनों से किसी ने किस किया नहीं था इसलिए वो बहुत ही हॉट हो गयी थी और उनके मुँह से आअहह, ऊफफफफफ, आआआआअ की ऐसी आवाज़े निकल रही थी और वो अपना एक हाथ मेरे बालों में फैर रही थी और अपने दूसरे हाथ से अपनी चूत रगड़ रही थी। फिर ये सिलसिला करीब 6 मिनट तक चला और फिर बाद में में भाभी के बूब्स दबाने लगा और फिर चाटने लगा। अब ऐसा करने से भाभी बहुत गर्म हो गयी थी और अपने मुँह से अहाआहह और दबावो, अब ये तुम्हारे है, हाईईईईई मेरे जिगर जान, उफफफफफ्फ, आहह ऐसी आवाज़े निकाल रही थी। फिर भाभी ने मेरे लंड को पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी और बोलने लगी कि ऊऊऊओह, आआआआआ, क्या स्वाद है? ऐसा लंड तो तुम्हारे भैया का भी नहीं है।

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फिर मैंने उनकी चूत को चाटा, उनकी चूत में से क्या गीली-गीली खुशबू आ रही थी? अब ज़्यादा गर्म हो जाने से भाभी ने अपना पानी छोड़ दिया था। फिर मैंने अपना लंड तैयार किया और भाभी से कहा कि अब इसे पकड़कर अपनी चूत पर रखो। फिर भाभी ने मेरे लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रखा और मैंने एक ही धक्का लगाया तो भाभी ज़ोर चीखी आआअहह, अरे हाईईईईई मुझे माररररर डाला, उफफफफफफफफ्फ, हाईईईईईईई। तो मैंने कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि कैसे बेरहम हो मेरी चूत की तो परवाह भी नहीं करते? तो मैंने कहा कि ठीक है अब ज़ोर से नहीं करूँगा। फिर मैंने एक और धक्का लगाया, तो भाभी आआआअहह, आहह की सिसकारियाँ मारने लगी। अब मैंने भाभी को चोदना शुरू कर दिया था, अब वो धीरे-धीरे उूउउफफफ, आआहह करती हुई चुदाई का मज़ा ले रही थी। फिर मैंने करीब 1 घंटे तक भाभी को चोदा और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गये। अब भाभी मेरी चुदाई से बहुत ही खुश थी और उस दिन मैंने पूरी रात भाभी के साथ ही बिताई और रात में दो बार भाभी को चोदा। फिर हम दोनों नंगे ही एक रज़ाई में किस करते हुए सो गये। फिर सुबह 4 बज़े भाभी ने भैंस का दूध निकालने के वक्त मुझे जगाया, तो में अपने कपड़े पहनकर भाभी को किस करके चला गया। अब में हर रोज भाभी को किस करके ही कॉलेज जाता हूँ और जिस दिन वीरेन्द्र भाई घर पर नहीं होते, तो में भाभी की खूब जमकर चुदाई करता हूँ और खूब मजा करता हूँ ।।

धन्यवाद …