दोस्त के साथ मिलकर उसकी माँ

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा दीपक नाम है, पहले में आपको मेरा परिचय दे दूँ। में कानपुर शहर में रहता हूँ, में 22 साल का हूँ, मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है। आज में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ, वो एकदम सच्ची कहानी है। यह करीब 1 साल पहले की बात है। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम कौशल है। में और कौशल पक्के दोस्त है, हम दोनों सभी बातें एक दूसरे से शेयर करते है। में पहले कभी कौशल के घर नहीं गया था, क्योंकि उसका घर मेरे घर से बहुत दूर है। फिर एक दिन कौशल का 20वां जनमदिन था और उसने बहुत आग्रह किया था इसलिए में रात के करीब 9 बजे उसके घर पहुँचा। तो मेरे पहुँचते ही उसने मुझे सोफे पर बैठाया और उसकी माँ पानी लेकर आई। उसकी उम्र करीब 42 साल की होगी, लेकिन वो 30 साल की लग रही थी, वो बहुत ही खूबसूरत थी, उसने अपनी साड़ी नाभि के नीचे पहनी हुई थी, उसकी नाभि काफ़ी गहरी और बहुत चौड़ी थी और उसकी चूचीयाँ भी बहुत बड़ी और गोल थी, उसकी आँखे कामुक थी और होंठ गुलाबी और मुलायम थे, किसी को भी किस करने को जी चाहे ऐसे थे।

अब में तो उसे देखता ही रह गया था। अब में सोच रहा था कि कैसे कौशल के घर जाया जाए? तो तभी मेरे दिमाग में एक आइडिया आया। फिर में और कौशल जब कंप्यूटर क्लास में मिले, तो तब मैंने उससे कहा कि कौशल मेरे घर पर तो कंप्यूटर नहीं है, क्या में तुम्हारा कंप्यूटर यूज कर सकता हूँ? तो कौशल खुश हो गया और बोला कि क्यों नहीं? हम दोनों दोस्त है, तुम मेरी सभी चीजे यूज कर सकते हो। फिर दूसरे दिन में कौशल के घर पहुँच गया। वो ब्लू फिल्म देख रहा था, तो में भी देखने लगा। फिर उसमें एक बहुत खूबसूरत नंगी लड़की आई, तो मैंने कहा कि ये तो तुम्हारी माँ जैसी दिखती है। फिर कौशल बोला कि लेकिन इसके बूब्स छोटे है, मेरी माँ के तो बहुत बड़े है। अब में समझ गया था कि कौशल भी उसकी माँ को चुदाई की नजर से देखता है।

फिर थोड़ी देर के बाद कौशल की माँ जिसका नाम रीना है, वो आ गयी, वो बाहर गयी थी तो हमने इंटरनेट बंद कर दिया। रीना आज तो कमाल की दिख रही थी, कौशल रोज उसकी माँ को कपड़े बदलते देखता था। फिर जब रीना कपड़े चेंज करने गयी, तो कौशल रोशनदान में से उसे देखने चला गया। तो में उसे ढूढ़ने लगा, तो वो एक टेबल रखकर रोशनदान में से देख रहा था। फिर मैंने कहा कि क्या देख रहे हो? तो उसने मुझे चुप करके ऊपर आने को कहा, तो में टेबल के ऊपर चढ़ गया। अब में भी रोशनदान में से अंदर देखने लगा था। फिर पहले तो रीना ने अपनी साड़ी उतारी, उसके बूब्स उसके ब्लाउज में समा नहीं पा रहे थे और ब्लाउज के ऊपर से बाहर निकल रहे थे, तो इतने में उसने अपना ब्लाउज भी निकाल दिया, क्या गोरा बदन था?

अब मेरा लंड तो एकदम टाईट हो गया था, उसने ब्लेक कलर की ब्रा पहन रखी थी। फिर उसने अपना पेटीकोट भी उतार दिया, वाह क्या जांघे थी? गोरी-गोरी और भारी-भारी। फिर बाद में वो कांच में देखकर अपने बूब्स देखने लगी। फिर रीना ने अपना गाउन पहन लिया, तो तब हम नीचे उतर गये और फिर से कंप्यूटर पर बैठ गये। कौशल प्री-मेडिकल टेस्ट की तैयारी कर रहा था इसलिए वो कंप्यूटर पर कम बैठता था और में ही ज़्यादातर बैठता था। फिर एक दिन में कंप्यूटर पर बैठा था, तो इतने में कौशल की माँ हमारे लिए चाय लेकर आई और मुझसे कहा कि मुझे भी कंप्यूटर सीखना है। तो मैंने बोला कि इसमें क्या है? में सिखा दूँगा, तो रीना ने कहा कि कल हम अपनी क्लास शुरू करेंगे, आज मुझे थोड़ा काम है, तो मैंने कहा कि अच्छा ठीक है। फिर मुझे पूरी रात नींद नहीं आई, कल रीना को कंप्यूटर जो सिखाना था, वो मेरे पास बैठेगी ये सोचकर ही मेरा लंड तो खड़ा हो जाता था। फिर मुझे पूरी रात उसके साथ चुदाई के विचार आते रहे।

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फिर अगले दिन मैंने स्किन टाईट टी-शर्ट पहनी और सेंट भी लगाया। अब में हर रोज से पहले ही कौशल के घर पहुँच गया था। रीना ने स्लीवलेस गाउन पहन रखा था, अब वो मेरे पास कुर्सी रखकर बैठ गयी थी। अब मैंने कंप्यूटर का माउस उसकी तरफ रखा था ताकि माउस को छूते वक़्त उसके बूब्स को भी छू जाए। अब में कंप्यूटर के सभी पार्ट्स दिखा रहा था इसे की-बोर्ड कहते है और फिर बाद में माउस को छूते वक़्त मैंने जानबूझकर उसके बूब्स के साथ मेरा हाथ टकराया। फिर वो पीछे हट गयी, तो मैंने कहा कि सॉरी आंटी, तो वो बोली कि कोई बात नहीं। फिर मैंने पहले उनसे माउस की प्रेक्टीस करने को कहा। अब तो कई बार मेरा हाथ उसके बूब्स से टकरा रहा था, अब वो पीछे भी नहीं हट रही थी। फिर दूसरे दिन कौशल बाहर गया था। अब में और कौशल की माँ अकेले ही थे। फिर मैंने की-बोर्ड की प्रेक्टीस शुरू की, लेकिन उसकी उंगलियाँ उस पर बैठ ही नहीं रही थी, उन्होंने कई बार प्रेक्टीस की, लेकिन वो कामयाब नहीं हुई। अब वो थक गयी थी, तो उसने कहा कि अब मुझे नहीं आएगा। फिर मैंने कहा कि एक काम करो तुम मेरी गोद में बैठ जाओ, में पीछे से जिसके ऊपर उंगली रखूं, तो तुम भी उस पर रखना। फिर वो बोली कि ठीक है और फिर वो मेरी गोद में आकर बैठ गयी।

अब मेरा लंड तो पूरा टाईट हो गया था, लेकिन उसकी गांड में फिट नहीं हो रहा था इसलिए मैंने कहा कि थोड़ा ऊपर आ जाओ। फिर वो जैसे ही ऊपर आई, तो मेरा लंड उसकी गांड के बीच में फिट हो गया था। अब तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, शायद उसे भी मज़ा आ रहा था। फिर मैंने पूरे एक घंटे तक उसके बूब्स और गांड का मज़ा लिया। अब दूसरे दिन उसने टी-शर्ट और स्कर्ट पहनी हुई थी और नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी। अब में समझ गया था कि आंटी को भी अब मज़ा आ रहा है। फिर आंटी आते ही मेरी गोदी में बैठ गयी। अब कौशल यह सब देख रहा था। फिर जैसे ही वो मेरी गोदी में बैठी, तो मेरा लंड मेरी जीन्स में तन गया और उसकी गांड में फिट हो गया। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब तो में बारी-बारी उसके बूब्स और निप्पल को हाथ लगा रहा था। अब रीना की निपल टाईट हो गयी थी और टी-शर्ट में से साफ दिख रही थी। अब मैंने अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रख दिया था और अपना एक हाथ फैरने लगा। अब वो कुछ नहीं बोल रही थी, लेकिन मुझे जीन्स की पैंट पहनने से तकलीफ़ हो रही थी। अब वो ये बात समझ गयी थी और बोली कि अगर तुम्हें इसमें गर्मी लग रही हो तो कौशल का ट्राउज़र पहन लो, तो मैंने कहा कि ये ठीक है। फिर में झट से खड़ा हो गया, तो वो मेरे पीछे आई और मुझे कौशल का ट्राउज़र दिया और टी-शर्ट दिया। फिर मैंने उसके सामने ही अपनी शर्ट उतार दी। अब वो तो इसी पल की राह देख रही थी। में रोज एक्सरसाईज करता हूँ इसलिए मेरी बॉडी और मेरे मसल्स बहुत अच्छे थे। फिर जैसे ही मैंने अपनी शर्ट उतारी तो वो मेरी बॉडी को देखती ही रह गयी। फिर उसने मेरी छाती पर अपना हाथ फैरा और बोली कि तुम्हारी बॉडी तो मस्त है। फिर तभी कौशल ने उसे बुला लिया, तो में अपने कपड़े बदलकर वापस गया। अब रीना मेरी राह देख रही थी और अब उसे भी चुदाई करने का मूड हो रहा था।

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फिर जैसे ही में कुर्सी पर बैठा तो वो झट से मेरी गोदी में आकर बैठ गयी। अब मैंने भी अपना नेकर निकाल दिया था इसलिए मेरा लंड रीना की गांड का ज़्यादा अहसास कर रहा था। अब में उसकी जाँघ पर अपना एक हथ फैर रहा था और उसकी स्कर्ट को ऊपर उठा रहा था। फिर रीना ने कहा कि कौशल देख लेगा, तो तभी मैंने कौशल की तरफ देखा, तो वो किताब सामने रखकर मूठ मार रहा था। फिर मैंने रीना की बात मान ली और में बंद हो गया। फिर दूसरे दिन मैंने कौशल को समझा दिया। फिर जब में उसके घर गया तो कौशल बाहर चला गया। अब रीना मेरी गोदी में आकर बैठ गयी थी। अब तो खुला मैदान था। फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को ऊँचा उठाया और उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को दबाने लगा था। अब रीना भी इसी वक़्त का इंतज़ार कर रही थी, अब वो कुछ भी नहीं बोल रही थी।

फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को निकाल दिया और उसकी ब्रा को भी निकाल दिया, क्या बूब्स थे? नर्म-नर्म, गोरे-गोरे, बहुत मोटे। अब में तो उसे ज़ोर-जोर से मसलने लगा था। फिर तभी वो बोली कि धीरे से मेरे राजा। तो मैंने अपना हाथ थोड़ा ढीला कर दिया, क्या निप्पल थी? लाल रंग की और अंगूर के दाने जैसी एकदम कड़क हो गयी थी। फिर मैंने उसकी स्कर्ट को भी निकाल दिया, उसने आज वाईट कलर की पेंटी पहन रखी थी। अब उसकी मांसल जाँघ देखकर में तो पागल हो गया था और उसे मसलने लगा था। अब वो भी पूरी तरह तैयार हो गयी थी। अब उसने मेरी टी-शर्ट और पेंट भी निकाल दी थी। अब वो मेरे नेकर के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी थी। अब मेरा तो लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था और अब मेरे लंड का टोपा मेरी नेकर से बाहर निकल आया था। फिर मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी, वाह क्या चूत थी? बिल्कुल शेव की हुई थी। अब वो नंगी होकर मेरी गोदी में बैठ गयी थी और अब उसके दोनों कूल्हों के बीच में मेरा 8 इंच का लंड फनफना रहा था।

अब में पीछे से अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल रहा था और अपने एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था। अब वो पूरी तरह से कामुक हो गयी थी और अपने मुँह से आवाजे निकाल रही थी आहह, उईई माँ, अब उसकी साँसे बहुत तेज चल रही थी। फिर मैंने उसको खड़ा कर दिया और उसके गुलाबी मुलायम गुलाब की पंखुड़ी जैसे होंठो को अपने मुँह में डाल दिया था और चूसने लगा था। फिर उसने अपनी जीभ मेरे मुँह के अंदर डाल दी। अब में उसकी जीभ को और होंठो को चूस रहा था। फिर करीब 15 मिनट तक मैंने उसके होंठो को खूब चूसा। फिर में उसको अपने हाथों में उठाकर बेडरूम में ले गया और बेड पर बैठा दिया। फिर उसने मेरा लंड पकड़कर अपने मुँह में डाल दिया और चूसने लगी। अब मेरे मुँह से आवाज निकल गयी थी आहह, उहह, चूसो मेरी रानी, पूरा चूस डालो। फिर इतने में हमारे प्लान के मुताबिक कौशल भी आ गया। अब कौशल को देखकर रीना घबरा गयी थी और मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाल दिया था। फिर मैंने कहा कि घबराओं मत कौशल भी तुमको चाहता है। तो इतने में कौशल भी उसकी माँ के बूब्स दबाने लगा।

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अब तो आंटी और नशे में आ गयी थी, अब आंटी को दो-दो लंड का मज़ा जो मिलने वाला था। अब कौशल ने भी अपने कपड़े उतार दिए थे। अब में रीना की चूत को चाट रहा था और कौशल उसके बूब्स को चूस रहा था और उसके निप्पल को अपने मुँह में ले रहा था। अब रीना तो पूरी तरह से नशे में थी। कौशल का लंड मुझसे काफ़ी छोटा था। अब रीना मेरा और कौशल दोनों के लंड को बारी-बारी चूसने लगी थी, तो तभी इतने में कौशल ने मेरा लंड पकड़कर अपने मुँह में डाल दिया। अब उसको भी मेरा लंड पसंद आ गया था। अब हम तीनों त्रिभुज में हो गये थे। अब में रीना की चूत चाट रहा था। अब रीना कौशल का लंड चाट रही थी और कौशल मेरा लंड चाट रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने मेरा लंड रीना की चूत में डाल दिया, तो पहले तो मेरा सुपाड़ा गया, तो रीना के मुँह से आवाज निकल गयी उईईईईईई माँ, आहह।

अब रीना ने मेरा लंड पकड़कर पूरा अपनी चूत में डाल दिया था। अब में अपने लंड को आगे पीछे करने लगा था और कौशल का लंड अभी भी रीना के मुँह में ही था। अब में खड़ा होकर मेरा लंड रीना की गांड में डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसकी गांड का छेद छोटा था। फिर रीना ने कहा कि थोड़ा तेल लगाओ। तो मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा तेल लगाया और रीना की गांड पर भी तेल लगाया और ज़ोर से धक्का दिया, तो रीना चिल्लाई कि फाड़ डाल मेरी गांड, ओह। अब में बेड पर सीधा सो गया था, अब मेरे ऊपर रीना भी उसी तरह अपनी गांड में मेरा लंड डालकर सो गयी थी। अब में धीरे-धीरे धक्का लगा रहा था। फिर तभी कौशल आया और उसने अपना लंड रीना की चूत में डाल दिया। अब रीना तो मज़े में आ गयी थी। अब एक लंड उसकी गांड में था और एक लंड चूत में था। फिर तभी इतने में कौशल ने अपना सफेद पानी निकाल दिया और रीना ने कहा कि तुम तो बहुत ढीले हो, 10 मिनट भी नहीं झेल पाए। अब कौशल बाहर चला गया था और फिर मैंने अपना पूरा 8 इंच का लंड पूरा रीना की चूत में डाल दिया। अब वो अजीब सी आवाजे निकाल रही थी और में उसकी जमकर चुदाई कर रहा था। अब वो बोल रही थी चोद मुझे मेरे राजा, आज पूरा लंड मेरी चूत में डाल दे, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, मेरा पूरा बदन मसल डाल। फिर करीब आधे घंटे तक मैंने उसकी चुदाई की, तो तभी वो झड़ गयी। अब उसकी चूत में से सफेद पानी निकल गया था, लेकिन फिर भी में तो उसकी चुदाई करता ही जा रहा था। फिर मैंने पूरे 1 घंटे तक उसकी चुदाई की तो थोड़ी देर के बाद मेरे लंड से भी सफेद पानी निकल गया। अब मैंने अपना पूरा वीर्य उसके मुँह में डाल दिया था और वो मेरा पूरा वीर्य पी गयी थी। फिर रीना ने कहा कि इतना मज़ा तो मुझे कौशल के पापा से कभी नहीं आया, तुमने तो मुझे स्वर्ग की सैर करा दी। अब हमें जब भी वक़्त मिलता है तो कौशल, में और उसकी माँ खूब चुदाई करते है ।।

धन्यवाद …