चूत के चक्कर में गांड मरवाई

हैल्लो दोस्तों, ये Antarvasna मेरी पहली स्टोरी है। मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ने का बहुत शौक है। में दिल्ली के पास का रहने वाला हूँ। अब में आपका समय ज्यादा ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। यह बात तब की है, जब में 18 साल का था। अब मेरी उम्र 23 साल है और उन दिनों में 11 वीं क्लास की पढाई कर रहा था। मेरे साथ एक लड़की पढ़ती थी जिसका नाम कविता था। अब हम दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के नजदीक आते जा रहे थे। मैंने अब तक किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था, मगर में चाहता था कि किसी के साथ सेक्स करूँ। फिर उस लड़की के चक्कर में में उसके घर के चक्कर लगाता था, तो कभी वो दिखाई देती, तो कभी नहीं। फिर एक बार जब में उसकी गली के चक्कर काट रहा था तो एक आदमी मुझे देख रहा था कि में बार-बार उस गली में आ जा रहा हूँ। अब मुझे इस बात की खबर नहीं थी।

फिर थोड़ी देर तक वो मुझे देखता रहा और फिर उसने अपने कमरे से निकलकर मुझे बुलाया और बोला कि थोड़ा काम है, तुम्हारी मदद चाहिए। तब में उसके पास गया, तो तब उसने मुझे अंदर आने के लिए कहा। तब मैंने सोचा कि शायद कोई छोटा मोटा काम होगा, इसकी मदद कर देनी चाहिए, तो में अंदर चला गया। फिर उसने मुझे सोफे पर बैठा लिया, उसके घर में कोई नहीं था। फिर वो मेरा नाम पूछने लगा और फिर बोला कि तुम यहाँ क्यों घूम रहे थे? तब मैंने कहा कि बस ऐसे ही, किसी से मिलने आया था। फिर वो मेरे पास आ गया और बोला कि सच बता क्यों आया था? तब मैंने कहा कि सच बोल रहा हूँ। तब उसने कहा कि में तेरे बाप की उम्र का हूँ, तू गलती करेगा तो मार सकता हूँ। तब मैंने कहा कि हाँ अगर में गलती करूँ तो मारना। तब उसने कहा कि बिना गलती के भी तो मार सकता हूँ।

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तब मैंने कहा कि आपकी उम्र बड़ी है, में आपका आदर करता हूँ, आप पिटाई करेंगे तो में पिटाई खा लूँगा। तब वो बोला कि पिटूंगा नहीं मारूँगा, बोल मारूं क्या? तो तब में उसकी बात समझ नहीं पाया ककी वो क्या कह रहा है? तो वो फिर से बोला कि मारुँ क्या? तो तब मैंने सोचा कि मारेगा थोड़ी बस ऐसे ही कह रहा है, तो तब मैंने कह दिया मार लो। तभी उसने कहा कि चल उल्टा हो। तो उसकी बात सुनते ही मेरा दिल धड़क उठा। अब में समझ गया था कि वो क्या मारने की बात कर रहा था? अब में वहाँ से जाना चाहता था, लेकिन उसने मुझे पकड़ लिया और बोला कि कहाँ जाता है? तूने ही तो कहा था मार ले, अब तो मारूँगा। सच में दोस्तों अब मेरी तो हवा खराब हो गई थी। फिर मैंने सोचा कि आज तो गये काम से।

फिर उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे सहलाने लगा और बोला कि घबरा मत कुछ नहीं करूँगा, थोड़ी देर में चले जाना। तब में फिर भी नहीं माना और उससे कहा कि मुझे छोड़ दो, मगर उसने मुझे बहुत टाईट पकड़ रखा था और मेरे लंड को सहला रहा था। अब मेरा लंड भी खड़ा होने लगा था। फिर थोड़ी देर में मेरा विरोध शांत हो गया। अब मुझे भी मज़ा आ रहा था, मगर में अब भी नखरे कर रहा था। फिर उसने मेरी पैंट उतार दी और मेरे लंड की तारीफ करते हुए उसे अपने होंठो से लगा लिया, बस अब मेरी तो हालत खराब हो गई थी। अब तो में भी उसका साथ देने लगा था। फिर उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया और मेरे होंठो पर लगा दिया। तब मैंने पहले तो मना किया, लेकिन बाद में उसे किस करने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद में उसने मुझे खड़ा करके झुक जाने के लिए कहा। अब में समझ गया था कि अब वो मेरी गांड मारेगा। अब मुझे डर तो लग रहा था, लेकिन मजा भी आ रहा था।

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फिर मेरे झुकते ही उसने अपना लंड जो कि 8 इंच लम्बा था मेरी गांड पर लगा दिया। तब मैंने सोचा कि ज्यादा दर्द तो होगा नहीं, सह लूँगा। फिर उसने मुझे थोड़ा और झुकाया और अपने लंड पर थूक लगाकर मेरी गांड पर रख दिया। अब उसके गर्म-गर्म लंड से मेरा रोम-रोम खिल उठा था। अब मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थी। फिर उसने मेरी कमर को कसकर पकड़ा और एक धक्का मारा। तो तब में चिल्लाया आह मर गया, निकालो बाहर, निकालो। अब में चिल्लाने लगा था और छूटने की कोशिश करने लगा था, मगर उसने मुझे बहुत टाईट पकड़ लिया था और एक और झटका मारा। तब में और जोर से चिल्लाया आह फट गई रे मेरी गांड, छोड़ मुझे, आआआहह। अब मेरी आँखों में से आसूं निकल पड़े थे। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब में इससे पहले कुछ सोचता कि तभी उसने अपना लंड बाहर निकाला। तब मुझे थोड़ी राहत महसूस हुई कि तभी उसने फिर से एक ही धक्के में अपना पूरा लंड अंदर कर दिया। तब में फिर से चीखा और फिर ये सिलसिला 5 मिनट तक चलता रहा, मगर उसके बाद मुझे थोड़ा अच्छा महसूस होने लगा था। फिर 2 मिनट के बाद तो नज़ारा उल्टा हो गया। अब में खुद उससे ज़ोर-जोर से धक्के लगाने के लिए कह रहा था आ आ आ और ज़ोर से, मज़ा आ गया, फाड़ दो मेरी गांड कुछ इस तरह से मेरे मुँह से आवाजें निकल रही थी। अब हर धक्के में मुझे जन्नत का नज़ारा मिल रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद वो शांत हो गया। अब उसका रस मेरी गांड में अंदर तक पहुँच गया था। फिर उसने मेरे लंड को पकड़कर अपने मुँह में ले लिया। अब मेरा भी रस निकल गया था। अब उस दिन के बाद से में उसके साथ 4-5 दिन में अपनी गांड मरवा लेता हूँ। अब वो मुझे कुछ पैसे भी देता है और कहता है कि रोज उससे गांड मरवाऊँ और उसे खूब मजे दूँ ।।

धन्यवाद …