रात की अधूरी कहानी हमारी ज़ुबानी

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम ऋषि है और मेरी उम्र 24 साल है। में रायपुर का रहने वाला हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है। मेरे लंड का साईज 9 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है। डियर फ्रेंड्स आज में आपको जो स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, वो कुछ दिन पहले की बात है और मेरी एक गर्लफ्रेंड के साथ की है जिसका नाम मारिया है, वो मेरे घर के पास ही रहती है और चुदाई से कुछ दिन पहले ही मैंने फ्रेंडशिप का ऑफर किया था। वो सिर्फ़ 19 साल की है और बिल्कुल ही वर्जिन थी, वाईट कलर, स्मार्ट, लंबा क़द, पतले होंठ, बड़े-बड़े बूब्स 32, छोटी सी गांड 30, टाईट चूत, बस क़यामत का हुस्न है उसका, उसका बदन हर तरफ से बहुत ही मस्त है। फिर एक दिन वो मेरे घर आई थी। फिर जब मैंने उसको पहली बार देखा तो देखते ही उस पर मर मिटा और देर रात तक उसको चोदने की सोचता रहता था।

फिर कुछ दिनों तक ऐसा ही चलता रहा और काफ़ी दिनों के बाद वो दुबारा से मेरे घर आई। तो इस बार मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उससे कह दिया कि आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो, मुझे आपसे प्यार हो गया है। तो तभी वो बोली कि अच्छा, तो कैसे प्यार हो गया? और कब हुआ? वैसे सब लड़के एक जैसे होते है, जब कोई और मिल जाए तो प्यार कुछ दिनों के बाद ख़त्म। फिर तभी में बोला कि नहीं डियर ऐसी बात नहीं है, रियली आई लव यू सो मच। फिर वो बोली कि अच्छा, में सोचकर बताऊंगी। फिर उसके बाद मेरी तड़प उसके लिए और भी बढ़ गई और फिर में रात को उसके सपने देखता रहा। फिर अचानक से एक दिन वो फिर से मेरे घर आई तो मौका मिलते ही में उसके पास गया और उससे जवाब माँगा तो उसने अपना सिर हिलाकर हाँ का इशारा कर दिया। दोस्तों मेरी खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं रहा। अब मुझे यकिन ही नहीं हो रहा था कि उसने हाँ कर दी थी।

फिर थोड़ी देर के बाद मौका बना और में उसके करीब जाकर खड़ा हो गया और हाथ मिलाया तो उसने तुरंत मेरा हाथ पकड़ा और थोड़ी देर के बाद छुड़ा लिया। फिर उस दिन सिर्फ़ इतना ही हुआ और एक दो बार हाथ पकड़ा और उससे ज्यादा कुछ नहीं कर सके और ना ही मौका था। फिर कुछ ही दिन गुजरे और वो दुबारा से मेरे घर आई। उस दिन रविवार था और में रविवार को देर तक सोता हूँ और वो जल्दी आ गई थी और में सो रहा था। अब घर पर सिर्फ़ मेरी माँ थी और कोई नहीं था और में अपने रूम में सो रहा था। अब माँ टी.वी पर न्यूज़ सुन रही थी। अब में सो रहा था, तो तभी अचानक से एक बहुत ही प्यारी आवाज में मैंने अपना नाम सुना, तो मैंने अपनी आँखें खोली, तो सामने अनुषा खड़ी थी। फिर तभी में बोला कि अरे आप? और इतनी सुबह? और मेरे रूम में? आज सूरज कहाँ से निकला है, जनाब?

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तो तभी वो बोली कि मैंने सोचा कि आज आपकी छुट्टी है इसलिए मिल आऊँ और आप है कि अभी तक सो रहे है, हमारे लिए क्या हुकुम है? मतलब हम इंतजार करेंगे जनाब का या चली जाऊं, क्योंकि आंटी भी टी.वी देख रही है और में अकेली क्या करूँगी? तो में बोला कि यहाँ हम जो है आपको कंपनी देने के लिए, लेकिन सिर्फ़ थोड़ी देर इंतजार करो, में अभी तैयार हो जाता हूँ और इस दौरान मैंने उसके हाथ पर बहुत सारे किस कर लिए। फिर उसने कुछ भी नहीं कहा और न ही मना किया, बस मेरे सामने आराम से बैठी रही। फिर थोड़ी देर तक हम बातें करते रहे। फिर उसके बाद मैंने उससे कहा कि क्या में आपको किस कर सकता हूँ? तो उसने कहा कि इतने तो कर लिए बिना इजाजत के और अब इजाज़त माँग रहे है, वाह क्या बात है आपकी? तो में बोला कि जनाब इस बार हम आपके होंठ पर किस करना चाहते है अगर माइंड ना करो तो और इजाज़त हो तो। फिर वो बोली कि में क्या कह सकती हूँ? क्योंकि मुझे शर्म आती है, आपकी मर्ज़ी है। तो में बोला कि हैल्लो मेडम जब आप यहाँ आया करो तो उस वक़्त शर्म घर पर छोड़ आया करो, यहाँ हमारे साथ शर्म का कोई काम नहीं है समझे?

फिर वो बोली कि ओके, जो दिल चाहे करो, लेकिन सिर्फ़ ऊपर तक ही रहना है, अभी नीचे नहीं जाना। फिर में बोला कि अरे डरो नहीं हमारा हक सिर्फ़ आपके पेट के ऊपर तक है, नीचे हमारा क्या काम? वैसे क्या आपको मुझसे डर लगता है? तो वो बोली कि जी लगता तो है, लेकिन बहुत कम मतलब 20% डर लगता है और 80% नहीं लगता है। फिर उसके बाद में उठा और बाथरूम में गया और नहा धोकर तैयार होकर वापस आ गया। अब वो माँ के साथ बैठी थी। फिर जब में अच्छी तरह से तैयार हो गया, तो टी.वी वाले रूम में आया तो मैंने देखा कि माँ वहाँ नहीं थी, वो बाथरूम में थी। फिर मैंने मौका देखते ही फ़ायदा उठाया और अनुषा को इशारे से कहा कि ऊपर आ जाओ और फिर मैंने बाहर जाने का बहाना करके माँ से पूछा कि में बाहर जा रहा हूँ, कोई काम है क्या? तो माँ ने कहा कि नहीं कोई काम नहीं है। तो में खामोशी से ऊपर चढ़ गया और फिर थोड़ी देर के बाद अनुषा भी आ ऊपर गई। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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अब माँ को यही पता था कि में बाहर गया हुआ हूँ और अनुषा अपने घर चली गई है, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका बेटा ऊपर क्या गुल खिला रहा है? फिर ऊपर जाते ही मैंने अनुषा से कहा कि आओ और मुझसे गले मिलो। तो उसने कहा कि नहीं मुझे शर्म आती है। फिर मैंने कहा कि देखो मैंने पहले कहा था ना कि जब मुझसे मिलने आया करो तो शर्म घर रखकर आया करो। फिर तभी वो उठी और मेरे नजदीक आ गई। अब उस वक़्त मेरा लंड बिल्कुल ही सख़्त हो गया था और फिर में थोड़ा आगे हुआ और उसको गले से लगाकर उसके पूरे चेहरे पर किसिंग करने लगा। अब इससे थोड़ी देर के बाद उसको भी मज़ा आने लगा था। फिर तभी मैंने उसके कान में कहा कि अनुषा क्या में आपके बूब्स पर अपना हाथ लगा सकता हूँ? क्योंकि मुझे आपके बूब्स बहुत अच्छे लगते है और में इनके साथ खेलना चाहता हूँ।

फिर तब उसने कहा कि जो दिल कहे वही करो, मुझसे कुछ मत पूछो, क्योंकि मुझे शर्म आती है और में कुछ नहीं कहूँगी, आपको जो करना है वही करो बस। फिर में बोला कि ओके जैसी आपकी मर्ज़ी, हम तो हुकुम के गुलाम है। फिर उसके बाद मैंने उसको थोड़ी देर तक खड़े-खड़े ही किस किया और उसे अपने गले से लगाए रखा और अपना एक हाथ उसकी कमर पर फैरता रहा और अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को आराम-आराम से मसलता रहा, ताकि उसको ज्यादा से ज्यादा मज़ा मिले और वो जल्दी गर्म हो जाए और आगे कुछ भी करने से मना ना करे। फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और उसके साथ लेट गया और अपना एक हाथ उसकी छाती पर रखा और बड़े प्यार से मसलने लगा और उसका जवाब देखने के लिए साथ-साथ बातें भी करता रहा। वो अभी तक नॉर्मल ही थी और कुछ नहीं बोली। फिर तभी मैंने ये देखा और अपना एक हाथ उसकी कमीज के अंदर डालने लगा।

फिर उसने तुरंत मेरा हाथ पकड़ा और मेरी तरफ देखकर कहा कि देखो राहुल मुझे तुम पर यक़ीन है, लेकिन थोड़ा डर भी लगता है कि कहीं हमसे कुछ गलत ना हो जाए, तुम जो चाहो करो में मना नहीं करूँगी, लेकिन ऐसा कुछ मत करना जिससे मेरी ज़िंदगी तबाह हो जाए और में किसी को अपना मुँह दिखाने के लायक ही ना रहूँ। फिर तभी में बोला कि अगर मुझ पर यक़ीन है तो सुनो, में तुम्हें बहुत चाहता हूँ और तुमसे शादी करने की कोशिश भी करूँगा, लेकिन तू किस्मत के फ़ैसले को तो मानती हो ना, अगर किस्मत में हुआ तो हमारी शादी जरूर होगी, वरना नहीं और में तुम्हारे साथ अभी इसी वक़्त सेक्स करना चाहता हूँ, क्योंकि अब मुझसे इंतजार नहीं होता है और रही ज़िंदगी तबाहा होने वाली बात तो आजकल हर दूसरी लड़की ये सब करती है, तुम कोई पहली लड़की नहीं हो और हम किसी को बता थोड़ी रहे है, जो तुम्हारी ज़िंदगी तबाह हो जाएगी। तो तभी वो बोली कि वो तो ठीक है, लेकिन अगर कुछ गड़बड़ हो गई तो, मतलब बच्चा हो गया तो कैसे छुपाऊँगी? इसलिए डरती हूँ और दर्द भी होता है उससे भी डर लगता है, क्योंकि कुछ दिन पहले में अपनी कज़िन की शादी में गई थी, तो उसने सब बातें बताई थी कि पहली रात को क्या हुआ था?

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फिर में बोला कि हाँ दर्द तो होता है, लेकिन तुम फ़िक्र मत करो, में आराम से करूँगा, कुछ भी नहीं होगा और बच्चा ऐसे नहीं होता है जब तक वीर्य अंदर ना जाए तब तक कुछ नहीं होता है और ना ही किसी को ऐसे पता चलेगा, विश्वास करो। फिर इसके बाद वो मुस्कुराकर अपनी आंखें बंद करके आराम से जैसे थी वैसे ही लेटी रही। तो मुझे इशारा मिल गया कि उसकी तरफ से हाँ है, अब में दिल में बहुत खुश था। फिर मैंने जल्दी से उसको किस करना शुरू कर दिया और उसकी कमीज ऊपर कर दी, उसने ब्लेक ब्रा पहनी हुई थी। फिर मैंने उससे पूछा कि ब्रा का क्या साईज है? तो वो बोली कि 32C। फिर मैंने उसको उठाया और उसकी कमीज उतार दी और उसकी ब्रा भी उतार दी। अब वो आधी नंगी थी, लेकिन में अभी तक कपड़ो में ही था।

फिर मैंने उसके बूब्स को बारी-बारी चूसना शुरू कर दिया और अपना एक हाथ उसकी कमर पर फैरने लगा था और अपना दूसरा हाथ उसकी चूत पर ले गया और आराम से उसकी चूत पर अपना एक हाथ फैरने लगा था। फिर जब मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार में डालना चाहा, तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा कि हाथ अंदर मत डालो, प्लीज मुझे रियली बहुत शर्म आ रही है, क्योंकि आज ही मैंने शेव की है और कभी किसी को दिखाई भी नहीं है इसलिए प्लीज मेरी सलवार मत उतारो। दोस्तों इसके बाद अचानक से कुछ आवाज आई और हम अलग हो गए और वो चुपचाप अपने घर चली गई। दोस्तों उस दिन के बाद से हमें कभी चुदाई का मौका ही नहीं मिला ।।

धन्यवाद …