बहन की चुदाई के साथ फैशन शो

हैल्लो दोस्तों, आप सभी की सेक्सी कहानियाँ Antarvasna पढ़ने के बाद मैंने भी अपने जीवन का एक अनुभव आप सभी के साथ शेयर करने का मन बनाया है और अब में आप सभी को अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। यह बात आज से 1 साल पहले की है, मेरे घर में मेरे अलावा, मम्मी, पापा और एक बड़ी बहन रहती है, जिसकी उम्र तब 20 साल होगी और में कोई 18 साल का था। मेरी मम्मी और बहन जितनी मॉडर्न और बोल्ड थी, में उतना ही सीधा और शांत था। मेरे पड़ोस के कई लोग तो मुझे पहचानते भी नहीं थे, क्योंकि में आमतौर पर घर में रहना ही पसंद करता था, जबकि मेरी बड़ी बहन और मम्मी रोज़ाना मार्केटिंग पर जाती थी। उन दोनों माँ- बेटी का बदन गदराया हुआ था और वो दोनों छोटी बड़ी बहन लगती थी। मेरे पापा सरकारी ऑडिटर होने के कारण अधिकतर टूर पर ही रहते थे। मेरी मम्मी और बहन बड़े खुले विचारो वाली थी और वो दोनों ही घर में बड़े बिंदास अंदाज़ में रहती थी। मेरी मम्मी को थोड़ी ब्लडप्रेशर की शिकायत थी तो इस कारण उनसे ज़्यादा गर्मी सहन नहीं होती थी इस कारण वह घर में बड़े और चौड़े गले का ब्लाउज और पेटीकोट पहने रहती या फिर नाइटी में घूमती। फिर वही मेरी बहन भी अपने बदन का भूगोल दिखाती रहती थी। उन दोनों के बदन के नज़ारे देखकर मुझे कहीं और मुँह मारने की कोई ज़रूरत ही नहीं पड़ती थी।

अब जब भी मम्मी घर का काम करती तो उनके सफेद मांसल स्तन उनका ब्लाउज फाड़कर बाहर आने को होते, तो वहीं मम्मी अपना पेटीकोट भी घुटनों के ऊपर तक उठा लेती, जिस वजह से मुझे मम्मी की सफेद केले के तने के समान गोरी जांघे भी दिखाई पड़ती रहती थी, लेकिन में जब भी उन्हें चोरी छुपे देखता, तो मेरी बहन मुझे घुरते हुए ही मिलती, तो इस कारण में अपनी निगाहें झुका लेता, तो कई बार वो हल्के से मुस्कुरा भी देती, लेकिन में उसके मन की बात भाप नहीं पाता था। मेरी बहन ने गर्मियों में कॉलेज के समर कोर्स में ड्रेस डिज़ाइनिंग का कोर्स शुरू किया था और क्लास के आखरी में उसके कॉलेज में फैशन शो था, जिसमें मेरी बहन ने भी भाग लिया था। अब उसे अपनी खुद की डिज़ाइन की हुई ड्रेस पहनकर रेम्प पर शो देना था। अब नियम यह था कि जो भी ड्रेस बने वो महँगी ना हो और लेटेस्ट डिज़ाइन की मॉडर्न ड्रेस हो, तो मेरी बहन पूरा दिन सोचती रही कि क्या ड्रेस डिज़ाइन करे? लेकिन अब उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था और इसके अलावा उसे फैशन शो में रेम्प पर चलने की प्रेक्टीस भी करनी थी। अब मम्मी होती तो ज़रूर कुछ अच्छा आइडिया देती, लेकिन मम्मी और पापा तो घूमने के लिए 10-12 दिनों के लिए बाहर गये थे। फिर तब उसने मेरी मदद माँगी, तो मैंने दिमाग़ पर ज़ोर देकर उसे अपने पुराने कपड़ो से कुछ नया करने का आइडिया दिया।

फिर वो कुछ सोचकर बहुत खुश हुई और मुझे घर के ऊपर बने स्टोर रूम में ले गयी। फिर वहाँ हमने पुराने कपड़ो के पोटले को खोला, जिसमें से उसके कोई 8-10 साल पुराने कपड़े मिल गये। मम्मी ने उन्हें शायद इसलिए संभाल रखा था, क्योंकि मेरी बहन का बदन बड़ी तेज़ी से विकसित हुआ था और उसके कई कपड़े उसे तब छोटे पड़ने लगे थे, तो किसी ज़रूरतमंद को देने के विचार से उन्हें मम्मी ने रोक लिया था और शायद उन्हें देना भूल गयी थी। ख़ैर फिर हम कुछ ड्रेस लेकर नीचे आए और उन्हें साफ करके प्रेस करके उनसे कोई नयी ड्रेस बनाने का विचार शुरू कर दिया। अब एक स्कर्ट जो कि डेनिम का था, उसे हमने ढीला करके मेरी बहन की कमर के नाप का कर दिया, लेकिन उसकी लम्बाई बहन के कूल्हों पर चढ़ने के बाद वो मिनी स्कर्ट की ही रह गयी थी। अब में तो उसे इतनी छोटी मिनी स्कर्ट नहीं पहनने देना चाहता था, लेकिन उसने कहा कि वहाँ ड्रेस मॉडर्न होनी चाहिए और फिर वह लेडीस कॉलेज है, जहाँ केवल लेडीस ही होगी।

फिर इसके बाद उसने एक स्मोकिंग वर्क किया हुआ टॉप निकाला, अब उसको सभी साईड से ढीला करने के बाद भी वो उसकी बॉडी पर टाईट था तो तब वो बोली कि चल मेरी मदद कर और मेरा सही से नाप ले। फिर पहले तो में कुछ समझा नहीं, लेकिन जब वो अपने हाथ में इंच टेप लेकर मेरे सामने खड़ी हो गयी तो मैंने कहा कि मुझे नहीं आता। फिर वो बोली कि यदि मेरी सहेलियाँ उस फैशन शो में भाग नहीं ले रही होती, तो वो मुझे तकलीफ़ नहीं देती, क्योंकि यदि उसकी सहेलियों को उसका यह आइडिया पता चल गया तो वो भी ऐसा ही कुछ ड्रेस तैयार करके प्रतियोगिता जीत जाएगी और यदि फिर भी मुझे कुछ तकलीफ़ है तो कोई बात नहीं, में अपना बॉडी का नाप गली के कोने वाले जेंट्‍स टेलर से करवा लूँगी या फिर शो से अपना नाम वापस ले लूँगी। फिर उसकी यह बातों को सुनकर मैंने अपने हाथ में इंच टेप ले लिया और कहा कि बताओ नाप कैसे लेना है? तो वह खुश हो गयी और बोली कि मुझे बिल्कुल फिक्स नाप चाहिए क्योंकि में ऐसी ड्रेस डिज़ाइन करूँगी, जो कि मेरे बदन को छुपाए कम और दिखाए ज़्यादा।

अब उसकी बातों को सुनकर में चुप सा हो गया था। फिर उसने तत्काल अपनी टी-शर्ट मेरे सामने ही खोल दी, जिसमें उसने एक लेडीस शमीज़ पहन रखी थी और उसमें से उसकी ब्लेक ब्रा की स्ट्रिप्स बाहर आ रही थी। फिर उसने बिना शर्म संकोच के मुझे नाप लेने का बोला, तो पहले तो में अपने हाथों को उसके बदन से बड़ी दूरी से ही कोशिश कर रहा था, लेकिन जब वो गुस्सा करके बोली कि तुम मेरे सगे भाई हो कोई गैर मर्द नहीं हो, तो में कुछ नॉर्मल हुआ। फिर मैंने उसके फिगर का सही से नाप लिया और उसने उसी मिनी स्कर्ट और शमीज में अपनी ड्रेस तैयार की, लेकिन जब उसने उसे ट्राई किया तो शायद वो सही से फिट नहीं रही, तो उसने मुझे फिर एक बार अपने सीने का नाप लेने को बोला और इस बार उसने अपनी शमीज भी उतार फेंकी, क्योंकि उसके अनुसार इसके कारण उसका सही नाप नहीं आ पा रहा था।

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अब उसे केवल ब्लेक ब्रा में देखकर मेरे होश उड़ गये थे, उसके सफेद मांसल स्तन ऐसे लग रहे थे मानों उन्हें जबरदस्ती ब्रा में ठूस रखा हो। फिर मुझे इस तरह फटी-फटी आँखो से घुरते हुए देखकर वो बोली कि क्या पहले कभी किसी लेडी के सीने को नहीं देखा क्या? तो मेरे मुँह से बोल नहीं फूटे। फिर वो बोली कि मम्मी के सीने को तो बड़ी आँख फाड़-फाड़कर देखता है, क्यों है ना? नहीं देखता है क्या? अब में क्या जवाब देता? तो में चुपचाप अपनी निगाहें नीची किए देखता रहा। फिर वो बोली कि छोड़ में तो मज़ाक कर रही थी, चल फटाफट से मेरा सही नाप ले और इस बार के नाप में सही में कुछ अंतर आया है। फिर इसके बाद तो उसने नये नाप से जो ड्रेस तैयार की और उसे पहनकर जब वो मेरे सामने आई, तो में चौंक सा पड़ा। अब उसका पुराना सा स्मोकिंग ड्रेस काट छांटकर एक ऐसी डिज़ाइनर ब्रा का रूप ले चुका था, जिसमें मेरी बहन की छाती मुश्किल से समा रही थी।

अब ऐसा लग रहा था कि मानों अब फटा अब फटा और नीचे पहना मिनी स्कर्ट इतना छोटा था कि जरा सा झुकने पर उसकी सफ़ेद पेंटी दिखाई पड़ती थी और ऊपर नाभि से भी इतना नीचे बँधा था की 1 इंच और नीचे शायद उसके गुप्तांग ही दिखाई पड़ जाते। फिर इस प्रकार की उसने लगभग 4-5 ड्रेस तैयार की और अब इन सभी ड्रेस में उसके शरीर का पूरा मुआयना हो रहा था और ऊपर से वो थोड़ी मांसल देह की थी, लेकिन में खुद भी उसके बदन के भूगोल को निहारते हुए उसको अपने विचारो में लाकर दो बार मुठ मार चुका था। फिर अगले दिन वो मुझे मार्केट लेकर गयी और दो जोड़ी ऊँची हील की सैंडल खरीदी और इसके बाद वो मुझे एक लेडीस स्टोर में ले गयी, जहाँ के सभी सेल्समैन जेंट्‍स थे, तो वहाँ मेरी बहन ने चाइनीस पेटर्न की ब्रा और पेंटी खरीदी। अब वो बिल्कुल बिंदास होकर अपना साईज़ और डिज़ाइन बता रही थी। फिर उसने बिना स्ट्रिप वाली इतनी छोटी ब्रा खरीदी, जो शायद ही उसकी निपल्स को भी ढँके और इसके अलावा उसने ब्रा में पहनने वाली कप और हेयर रिमूवर लोशन आदि भी खरीदा था।

अब शाम को जब हम बाज़ार में ही भरपेट नाश्ता आदि खा पीकर घर आ रहे थे, तो वो बाइक पर मुझसे ऐसे चिपककर बैठी थी मानों मेरी बहन ना होकर मेरी कोई गर्लफ्रेंड हो। अब वो बाइक पर सलवार सूट पहने दोनों तरफ अपने पैर डालकर बैठी थी और मेरे ब्रेक लगाने पर उसके मोटे-मोटे बूब्स मेरी पीठ पर आ टकराते थे। अब जीन्स में मेरा उत्तेजित लंड भी बड़ा परेशान कर रहा था। अब जब हम आधे रास्ते में होंगे तो तभी जोरो की बारिश होने लगी और फिर मैंने गाड़ी रोकी, तो उसने मना कर दिया कि नहीं चलते रहो। फिर जब हम पूरी तरह से भीगकर घर आए तो मैंने देखा कि मेरी बहन के गीले कपड़े पूरी तरह से भीगकर उसके बदन से चिपक चुके थे और उसकी सफेद ब्रा उसमें से साफ दिखाई पड़ रही थी। फिर घर में घुसने के बाद में टावल लेकर जब बाथरूम से बाहर आया तो मैंने देखा कि मेरी बहन दरवाजा बंद करने के बाद अपनी कुर्ती उतार रही थी। फिर उसने मेरे सामने ही मेरे हाथ से एक टावल लिया और उसे अपने सीने पर लपेटते हुए अपनी ब्रा, पेंटी और सलवार भी खोल दी।

अब उसने केवल एक टावल अपने सीने पर बाँध रखा था, जिसमें से उसके सीने का उभार साफ-साफ दिखाई पड़ रहा था और नीचे उसकी नंगी जांघे साफ-साफ दिखाई पड़ रही थी। अब इससे पहले वो मुझे कभी इतनी ज़्यादा बिंदास नज़र नहीं आई थी और उसकी आँखों में तैरती शरारत मुझे किसी अलग चीज़ का अहसास करा रही थी। फिर उसके बाल सूखने के बाद उसने मुझसे कहा कि चलो रेम्प पर चलने की अभ्यास कर लेते है और उसने अभी-अभी लाई हुई न्यू सैंडल को पहनकर 2-3 मोटी-मोटी बुक्स को अपने सिर पर रखा और बड़े ही सेक्सी कदमों से वो हॉल के बीचों बीच चलने लगी। फिर कुछ देर की कोशिश के बाद तो उसकी चाल ही बदल गयी। अब उसके हिलते हुए चूतड़ों को देखकर तो मेरा लंड तना जा रहा था और मेरी आँखे उसके बदन का भूगोल नापे जा रही थी। फिर तभी अचानक से उसका संतुलन बिगाड़ गया और उसकी हाई हिल्स सैंडल एक और मुड़ गयी तो जिस वजह से उसके पैर में मोच आ गयी और वो तेज दर्द से चीख पड़ी। फिर मैंने दौड़कर उसे थामा और आहिस्ता से उसे बेडरूम में ले जाकर बेड पर बैठा दिया।

अब उसके पैरो के पंजो में हल्की सी सूजन सी आ गयी थी, लेकिन उसकी चोट ज़्यादा गहरी नहीं थी। फिर में जल्दी से मूव ले आया और उसे देने लगा, तो वो बोली कि मुझसे नहीं लगेगा, तू ही लगा देना। फिर में ज़मीन पर बैठ गया और वो बेड पर अपने पैर लटकाकर बैठी थी। अब उसकी गोरी-गोरी सफेद टांगो पर अपना एक हाथ लगते ही मेरे बदन में करंट सा लगने लगा था और वह कराहती जा रही थी और अपने पैरों को बार-बार मोड़कर अपने दर्द को दबा रही थी। अब जब वो अपना पैर ऊपर उठाती, तो में उसकी जांघो के जोड़ो तक अपनी निगाहें मारने की कोशिश करता, लेकिन कहीं पकड़ा ना जाऊं इसलिए बहुत होशियारी बरत रहा था।

तब मुझे लगा कि मेरी बहन जानबूझ कर मुझे अपने बदन की नुमाइश करा रही थी, क्योंकि इस समय उसने अपने बदन पर केवल एक टावल लपेट रखा था और यदि वो चाहती तो पहले ही अपने कपड़े चेंज कर लेती। फिर मैंने भी मौके का फायदा उठाने में ही अपनी समझदारी समझी और में अपने हाथों को उसकी जांघो तक फैरने लगा, जिस वजह से शायद वो भी उत्तेजित होने लगी थी, तो तब वो मुझसे बोली कि मुझे बाथरूम जाना है, प्लीज मेरी मदद करोंगे। फिर में उसे अपने कंधो का सहारा देकर बाथरूम में ले गया, लेकिन वहाँ वो बोली कि में अपने इस पैर पर वजन नहीं दे पा रही हूँ, अब में नीचे कैसे बैठूं? तो तब मैंने उसे सहारा देकर सीट पर बैठा दिया और बाहर जाने लगा, तो वो बोली कि यहीं रुक जा, बस 2 मिनट की बात ही तो है। अब यह तो मेरे मन का काम हो गया था तो में वहीं रुक गया और मैंने अपना मुँह दूसरी तरफ फैर लिया। फिर कुछ देर के बाद मुझे पेशाब करने की सिटी के समान आवाज़ सुनाई पड़ने लगी तो जिसे सुनकर में पलटकर देखने के लिए तड़प सा गया।

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फिर तभी वो बोल पड़ी कि तू भी बाथरूम कर ले, तो मैंने कहा कि हाँ बाद में कर लूँगा, तो वो हंसकर बोली कि क्यों शरमाता है? में लड़की होकर तेरे सामने पेशाब कर रही हूँ और एक तू है कि बस। फिर तब मैंने कहा कि में कहाँ सामने हूँ? तो वो बोली कि मैंने तो नहीं कहा मुँह फैरने के लिए। फिर तब में चौंक सा गया और फिर मैंने उसकी तरफ अपना मुँह किया और फिर में भी अपने तने हुए लंड को बाहर निकालकर उसके सामने ही पेशाब करने लगा। फिर मेरे लंड के आकार को देखकर उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी और वो मानों भूत की तरह मेरे लंड को एकटक देखने लगी। फिर तब में बोल पड़ा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि कुछ नहीं। अब में जानबूझ कर अपने लंड को अपने हाथों में हिलाते हुए बिल्कुल उसके पास पहुँच गया था। अब वो हैरानी से बोल पड़ी कि यह क्या है? तो मैंने बड़ी बेशर्मी से उससे कहा कि खुद ही अपने हाथ में लेकर देख लो। फिर उसने सीट पर बैठे-बैठे ही मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और उसे सहलाने लगी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब उसके हाथों का नर्म स्पर्श होते ही मेरा लंड फिर से तन गया था और अपने पूरे आकार में आ गया था। अब उसके चेहरे पर भय मिश्रित मुस्कान थी और अब वो धीरे-धीरे से खड़ी होने लगी थी। फिर में उसे सहारा देकर बाथरूम से बाहर ले आया और फिर से उसे बेड पर छोड़ दिया। फिर अचानक से वो बोली कि जो अंडरगार्मेंट में लाई हूँ, वो मुझे दे दो तो में उन्हें ट्राई कर लूँ, यदि कोई साईज़ का प्रोब्लम हुआ तो बाद में वो चेंज नहीं करेगा। फिर मैंने उसे अंडरगार्मेंट से भरा बैग ला दिया। फिर जब में पानी पीकर आया तो मैंने देखा कि वो ब्रा और पेंटी में बेड पर बैठी थी और मुझे देखकर बोली कि कहाँ चला गया था? बता में कैसी लग रही हूँ? अब इस ब्रा में उसके स्तन समा ही नहीं रहे थे। अब ऐसा लग रहा था कि मानों अभी कबूतर पिंजरा तोड़कर बाहर आ जाएंगे। अब केवल उसकी निप्पल ही ढकी हुई थी और नीचे पहनी पेंटी में से भी उसके पूरे मांसल कूल्हें बाहर थे, अब केवल उसकी चूत ही ढकी हुई थी।

फिर मैंने उससे कहा कि ऐसी ब्रा पेंटी क्यों खरीदी? तो वो बोली कि जो ड्रेस में फैशन शो के दौरान पहनूंगी यदि उसमें वही नॉर्मल ब्रा पहनती तो वो बाहर निकलती और इसमें तो कंधे के स्ट्रिप्स भी नहीं है इस कारण यह ज़्यादा सही रहेगी। फिर तभी मेरी निगाह उसकी लाई हुई एक और पेंटी पर पड़ी, जिसमें कहने के नाम पर केवल दो रस्सियाँ थी, एक तो कमर पर रहती है और दूसरी दोनों जांघो के बीच की, जो कि नाम की ही थी। फिर मैंने कहा कि यह क्या बला है? तो वो हंस पड़ी और बोली कि इसे जी-स्ट्रिंग कहते है और फिर उसने अपनी पेंटी मेरे सामने ही खोलकर उसे पहन लिया और फिर जब वो कुछ उठाने के लिए झुकी, तो में उसके नंगे कूल्हें देखता ही रह गया। अब मुझे उसकी गांड का छेद साफ-साफ दिखाई पड़ रहा था। फिर जब वो आगे मुड़ी, तो में बोला कि अब पैर का दर्द कैसा है? तो वो बोली कि अब बहुत आराम है और फिर वो अपने दोनों पैरों को हवा में उछालते हुए अपने दोनों पैरों को चौड़ा करके अपनी जांघो के जोड़ को दिखाने लगी।

अब इस समय वो पक्की रंडी की तरह हरकतें कर रही थी। फिर में भी उसके बेड पर जाकर बैठ गया और उसके पैरों को अपने हाथों में लेकर सहलाते हुए उसे कामुक नजरों से देखने लगा। अब उसकी जी-स्ट्रिंग की पट्टी उसकी कचोरी की तरह फूली हुई चूत में धसी हुई थी, जिस वजह से मुझे उसकी चूत की फांके साफ-साफ़ दिखाई पड़ रही थी और उसमें से उसकी चिकनी, बिना बालों वाली चूत का गुलाबी हिस्सा साफ-साफ झलक रहा था। अब तो मेरा 1-2 पल बिताना भारी होता जा रहा था, तो तभी उसने झटके से मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरे होंठो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और अपनी जीभ को मेरे मुँह में घुमाने लगी थी। अब में भी उसकी इस हरकत से जोश में आ गया और उसे पकड़कर उसकी ब्रा को निकाल फेंका। अब उसके मांसल स्तन उसकी ब्रा से बाहर आते ही उसके सीने पर ऐसे तने हुए थे मानों कि किसी सुंदर मीनार के ऊपर डोम बने हो और उन पर तीखी-तीखी गुलाबी निपल्स ग़ज़ब ढा रही थी।

फिर मैंने जैसे ही उसके स्तनों को अपने हाथों के पंजो में लेकर दबाया, तो वो अपनी आँखें बंद करके चीख पड़ी। फिर मैंने उसके कड़क निपल्स को जैसे ही अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू किया तो वो पलटकर मेरे लंड को टावल में से बाहर निकालकर अपने मुँह में लेकर चूसने लगी। फिर मैंने अपने एक हाथ की उंगलियाँ उसकी चूत में जैसे ही घुसाई, तो वो चीख पड़ी और मेरी उंगलियाँ उसके मादक रस से भीग गयी। फिर मैंने तत्काल उसकी पेंटी निकाल फेंकी और उसकी चूत को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब इस समय हम दोनों 69 की पोज़िशन में थे और अब मेरे द्वारा उसे लगातार चूसने से वो चीखते हुए झड़ गयी और में उसके मादक रस को पूरा पी गया। अब वो थक चुकी थी, लेकिन अब वो मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकालना नहीं चाहती थी।

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अब मेरे लंड को उसने पूरी तरह से अपने थूक से गीला कर रखा था और उसे अपने गले की गहराई तक ले-लेकर चूस रही थी। फिर तभी अचानक से में भी जोश में आ गया और मैंने उसे अपने लंड को मुँह से बाहर करने को बोला, तो वो नहीं मानी और उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ही झड़ने दिया। अब इतने जोश में होने के कारण बहुत सारा वीर्य उसके मुँह और छाती पर फैल गया था, जिसकी उसने अपने सीने पर मालिश कर ली थी। अब में भी थककर लेट गया था, लेकिन उसने मेरे लंड को सहलाना चालू रखा। फिर मैंने धीरे से उससे पूछा कि यह सब कहाँ से सीखा? तो वो बोली कि मेरी सभी सहेलियाँ किसी ना किसी मर्द से संबंध रखकर मज़े मारती है, वो सालियाँ कोई अपने भाई, बाप, रिश्तेदारो, बॉयफ्रेंड या फिर ड्राईवर, घरेलू नौकर किसी से भी मज़े लूटती है और एक में हूँ जो सालों से तड़प रही हूँ और यह सब तो मैंने अपनी सहेलियों के साथ ब्लू फिल्म देखकर ही सीखा है, साली वो विदेशी लड़कियाँ कैसे अपनी चूत और गांड में लंड लेकर तीसरा मुँह में लिए चूसती रहती है? और एक फिल्म में तो एक चूत में दो-दो लंड घुसते दिखाया गया था।

अब उसकी इस तरह बेबाक बातचीत से मेरा लंड फिर से गर्मा गया था और वो भी यह बात समझ गयी और उसने तत्काल मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। फिर जब मैंने कहा कि तू मुझ पर इतनी मेहरबान क्यों हुई? तो वो बोली कि इसके भी दो कारण है पहला तो यह कि बाहर मुँह मारकर काला मुँह करने से अच्छा तो अपने भाई से मज़े लेना ज़्यादा अच्छा है, ना बीमारी लगे ना किसी से मुँह छुपाना पड़े। फिर तभी मैंने पूछा कि दूसरा कारण क्या है? तो वो बोली कि वो और बड़ा कारण है, क्योंकि मम्मी भी तुझ पर अपनी निगाहें जमाए हुए है और में जब भी मम्मी के साथ किटी पार्टी में जाती हूँ, तो मम्मी की सभी सहेलियाँ बस एक यही चुदाई की बातें करती है, वो सभी रंडियां किसी ना किसी से मरवाती है इसलिए मम्मी की भी इच्छा बहुत होती है, लेकिन वो घर से बाहर किसी पराए मर्द के साथ संबंध रखने से बचना चाहती है और अब मुझे यह समझ आ चुका था कि वो तेरे ऊपर डोरे डालने लगी है, तभी तो आजकल वो तेरे सामने ज़्यादा से ज़्यादा खुद को दिखाती है। फिर मैंने भी मौके की नज़ाकत को भापकर तुझे पहले सेट कर लिया, क्योंकि यदि मम्मी मुझसे पहले तुझे सेट कर लेती, तो तू मेरी और इतनी जल्दी ध्यान नहीं देता।

फिर मैंने कहा कि मान गया बहना तेरी राजनीति को, लेकिन हमारे पास कोई कंडोम या बचाव का साधन तो है ही नहीं। फिर वो बोली कि तू चिंता मतकर मैंने पहले से ही गोली खाना शुरू कर दिया है। तब मैंने आश्चर्य से कहा कि मानों तेरी दाल नहीं ग़लती तो तू क्या करती? तो वो बोली कि साला ऐसा हुस्न देखकर तो 70 साल के बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए, फिर तू तो जवान मर्द है और ऊपर से जिस तरह तू मम्मी के ब्लाउज में अपनी आँखें गाढ़ता था, उससे ही में समझ गयी थी कि तुझे तो में पूरा ही निगल जाउंगी। फिर उसकी ऐसी बातें सुनकर मैंने तत्काल अपना लपलपाता हुआ लंड उसकी चूत में पेल दिया, तो पहले तो वो थोड़ी बिलबिलाई, तड़पी, लेकिन दूसरे झटके में तो पूरा लंड अंदर डलवाकर ज़ोर-जोर से मचलने लगी।

अब उसकी आवाज सुनकर मैंने अपने धक्को की स्पीड और तेज़ कर दी थी। फिर लगभग आधे घंटे के बाद हम दोनों साथ-साथ ही झड़ गये और वैसे ही नंगे सो गये। फिर सुबह लगभग 5 बजे मेरी बहन ने फिर से मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया, तो मैंने उसे पकड़कर फिर से एक जोरदार राउंड लगा दिया। उसके पैरो में आई मोच तो साधारण ही थी, जो कि अगले दिन ठीक हो चुकी थी। अब अगले दो दिनों के बाद उसके कॉलेज में फैशन शो था, तो वहाँ उसने मुझे अपना फोटोग्राफर बताकर एंट्री करवा दी। वो गर्ल्स कॉलेज होने के कारण वहाँ नाम मात्र के ही जेंट्‍स थे, फिर वहाँ उसके द्वारा डिज़ाइन किए हुए कपड़ो को सबसे ज़्यादा पसंद किया गया, क्योंकि वो लुक से हटकर मॉडर्न और कम बजट वाले थे। फिर जब वो उन्हें पहनकर रेम्प पर आई तो माहौल गर्मा गया, अब सभी लड़कियाँ ज़ोर-जोर से सिटी बजाने लगी थी और फास्ट म्यूज़िक कि आवाज पर सभी लड़कियाँ नाचने लगी थी।

अब यह सभी लड़कियाँ जब कॉलेज आई थी, तो तब वो अलग कपड़ो में थी, लेकिन शो शुरू होने तक सभी ने मॉडर्न ड्रेस पहन ली थी। फिर मैंने भी अपने नये डिजिटल कैमरे से उन सभी की खूब फोटो खींची। फिर इस प्रोग्राम में मेरी बहन को ड्रेस डिज़ाइनिंग और फैशन शो दोनों में ही फर्स्ट अवॉर्ड मिला और फिर जब मम्मी वापस आई तो तब वो यह सब सुनकर बहुत खुश हुई, लेकिन अभी वो हम दोनों भाई बहनों के बीच के संबंध के बारे में कुछ नहीं जानती है ।।

धन्यवाद …