रातें रंगीन करली बहन के साथ

मेरा नाम राज है, पंजाब का रहने वाला हूँ, मेरी उमर 23 साल है।
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai आज मैं जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो एक हादसा है जो मेरे और मेरी बहन के बीच हुआ।
मैं अपनी बहन के बारे में बता दूँ !
मेरी बहन का नाम शैली है और वो मुझसे तीन साल छोटी है, दिखने में बहुत सुंदर है, उसके मम्मे 32 इन्च के हैं और गांड के बारे में क्या बताऊँ ! कोई भी लौड़ा खड़ा हो जाये उसकी मारने के लिए। अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ !
पहले मेरे मन में एसा कोई विचार नहीं था अपनी बहन को चोदने का ! लेकिन वो दिन पर दिन निखरती जा रही थी।
एक दिन घर में कोई नहीं था, सब बाहर गये थे और मैं अपने कॉलेज गया था। मेरी छुट्टी जल्दी हो जाने के कारण मैं घर जल्दी आ गया।
जब मैं घर पहुंचा तो शैली नहा रही थी, उसने दरवाजे की चिटकनी नहीं लगाई थी क्योंकि घर में कोई नहीं था।
मुझे भी मौके की तलाश थी, मेरे दिमाग में एक तरकीब आई।
मैं जल्दी से उसके बाथरूम में घुस गया जैसे अनजाने में अंदर गया हूँ।
मेरी बहन एकदम नंगी खड़ी थी, मैं उसे देखता ही रह गया !
क्या माल थी मेरी बहन !
उसके शरीर पर पानी की बूँदें मोती सी लग रही थी।
मैंने उससे सॉरी बोला और बाहर आ गया। मेरे दिमाग में अभी भी उसका नंगा बदन घूम रहा था।
मेरी बहन मेरे साथ ही सोती है। घर में भी कोई नहीं था, खाना खाने के बाद हम दोनों टीवी देखने लगे। हम आपस में कोई बात नहीं कर रहे थे। जब हम सोने लगे तो थोड़ी देर में उसे नींद आ गई, मैं जाग रहा था।
मैं उसे सोया देख कर अपना काम शुरू करने लगा। सबसे पहले मैंने उसे आवाज लगाई, वो कुछ नहीं बोली तो मैं समझ गया कि मेरी बहन नींद में है।
मैंने अपना हाथ बढ़ाया और उसके मम्मे सहलाने लगा। फिर थोड़ा सरक कर उसके पास हो गया और अपना लौड़ा निकाल कर उसकी गांड पर लगाने लगा। ऐसा करते हुए मुझे डर भी लग रहा था कि शैली जाग न जाये। लेकिन मुझे ऐसा करने में बहुत मजा भी आ रहा था।
थोड़ी देर मम्मे सहलाने के बाद मैं उसकी टी-शर्ट उतारने लगा। मुझे बहुत मुश्किल हो रही थी पर थोड़ी देर बाद उसकी पीठ नंगी थी।मैं उसके साथ चिपक गया और मेरा लौड़ा उसके लोवर के ऊपर उसकी गांड को लगने लगा। मैं थोड़ी देर ऐसे ही रहा। फिर वो थोड़ा हिली और पीठ के बल लेट गई।
अब मुझे उसके मम्मे नंगे करने थे। मैंने आराम से उसकी टी शर्ट ऊपर की और उसकी गर्दन तक ले गया। उसके 32 इन्च के मम्मे मेरे सामने थे। उसके गुलाबी चुचूकों को मैं अपनी दो उंगलियों में लेकर मसलने लगा। फिर मैंने एक चुचूक को अपने मुँह में डाल लिया और अच्छी तरह से चूसने लगा।
क्या मजा आ रहा था !
अब मेरी बहन जाग चुकी थी और मेरे बालों में हाथ फेर रही थी। फिर मैंने अपनी बहन की पूरी टीशर्ट निकाल दी।
अब मैं उसके होंठ चूसने लगा और उसके मम्मों को अपने हाथों से दबाने लगा। मैं उसका एक हाथ पकड़ कर अपने लौड़े पर ले गया और उससे सहलाने के लिए बोला।
वो बड़े मजे से मेरे लौड़े को सहलाने लगी।
अब मेरी बहन के चुदने का वक्त हो गया था, मैंने उससे कहा- मेरी बहना, तैयार हो जा !
तो बोली- किस लिए ?
मैंने कहा- चुदने के लिए !
अब मैं उसका लोअर उतारने लगा तो उसने मुझे रोका।
मैंने कहा- साली, आज न रोक ! आज मैं जो करना चाहता हूँ, मुझे करने दे !
फिर उसने मुझे कुछ नहीं कहा और अब मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया।
क्या लग रही थी साली ! क्या चूत थी कुतिया की !
फिर मैं ऊपर हुआ और अपना लौड़ा जबरदस्ती उसके मुंह में दे दिया और उसकी हलक में उतार दिया और 5 सेकिंड तक लौड़ा उसके हलक में ही रखा।
और जब मैंने लौड़ा बाहर निकाला तो बोली- ऐसा क्यों कर रहे हो मेरे साथ ? मैं कौन सा मना कर रही हूँ ? पर आप आराम से कीजिये !
मैंने कहा- मैं तुझे एक रंडी की तरह चोदना चाहता हूँ, मेरी रांड बहन !
और मैंने फिर उसे अच्छी तरह से लौड़ा चुसवाया और फिर उसकी मुलायम चूत चाटी।
फिर मैंने अपना लौड़ा उसकी कोमल चूत पर लगाया और रगड़ने लगा।
क्या मजा आ रहा था !
मैंने एक झटका मारा और लंड का अग्र भाग उसकी चूत में घुसा दिया।
शैली बड़ी जोर से चिल्लाई !
मैंने कहा- कुतिया ! आज तू जितना मर्जी चिल्ला ले ! तेरी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है आज !
फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा और 5 इंच लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया। मेरी बहन बड़ी जोर से चिल्लाई जैसे अभी बेहोश हो जाएगी। उसकी आँखों में पानी आ गया।
जब मैंने उसकी चूत देखी तो वहाँ बहुत खून लगा था। पर मैं उसे बेरहमी से चोदता रहा। मैंने फिर एक जोरदार झटका मारा और अपना 7 इंच का लौड़ा अपनी प्यारी बहन की चूत में डाल दिया।
वो तड़फने लगी।
मैंने कहा- आज मेरी प्यारी बहना औरत बन गई है ! आज से तू मेरी रंडी है, मेरा जब दिल करेगा, मैं तुझे चोदूँगा मेरी रांड ! आःह्ह ! क्या मजा आ राहा है बहन को चोद कर !
मुझे नहीं पता कि मैं क्या-क्या बोल रहा था, पर मैंने झटकों की रफ्तार थोड़ी कम कर दी।
थोड़ी देर मेरी बहन रोती रही, फिर शांत हो गई।
मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?
तो बोली- भैया, अब दर्द कम है !
मैंने कहा- फिर मारूँ तेरी चूत तेजी से ?
तो बोली- पहले मुझ पर रहम नहीं किया ! अब पूछ रहे हो ?
तो मैंने कहा- अच्छा, अब तुझे कोई दर्द नहीं है गश्ती साली?
तो बोली- नहीं भैया ! और अब बातें मत करो और चोदो अपनी रांड बहन को ! ठोको आज अपनी बहन की चूत !
मैंने झटकों की रफ़्तार तेज कर दी और अपनी बहन की चूत बजाने लगा।
वो आःह ऊओह्ह्ह्ह आआह्ह ! भाई और तेज करो ! आह्ह्ह भैया मैं झड़ रही हूँ ! कुत्ते, तेजी से मार अपनी बहन की चूत ! आआह्ह्ह्ह मैं मर गई।
मैंने कहा- कुतिया साली ! ले अपने भाई को लौड़ा अपनी चूत में ! मैं भी झड़ने वाला हूँ रांड !
मैं उसकी आहें सुनते ही झड़ गया। मेरे लौड़े से वीर्य की धार मेरी बहन की चूत में निकली तो उसकी गर्मी पाकर मेरी बहन बड़ी जोर से झड़ी।
मैं उसके ऊपर ही गिर गया और उसके होंठ चूसने लगा।
मेरी रांड बहन बोली- कोई भाई ऐसा भी करता है?
तो मैंने उससे कहा- मेरी रांड ! चूत और लौड़े का कोई रिश्ता नहीं होता !
फिर मैंने उसे अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़वाई, जिन्हें पढ़ कर उसे अच्छा लगा कि और दुनिया में और भी भाई हैं जो अपनी बहन को रंडी बना कर चोदते हैं।
मैंने अपनी बहन को कहा- मैं तो तुझे एक ऐसी गश्ती बनाऊंगा कि तू साली तीन-तीन लौड़े एक साथ लेगी मेरी बहन ! जो तेरी चूत, गांड और मुँह में होंगे ! क्यों मेरी रांड बनेगी न गश्ती?
तो बोली- सच भाई? मैं भी यही चाहती हूँ ! और बाकी आपकी मर्जी ! आप जो मर्जी बनाओ मुझे ! मेरे दलाल भाई !
फिर तो मैं रोज चोदने लगा कुतिया को ! मेरे साथ ही जो सोती थी।
हम दोनों की रातें रंगीन हो गई थी।