क्या कातिल अदा थी चाची का

एक बार मै, अपने गाँव पहली बार गया Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai मुझे पता था कि, वहाँ हमारा एक घर है, और हमारे रिश्तेदार उस घर में रहते है! उन्होंने भी मुझे इससे पहले कभी नहीं देखा था! और और मैं भी आज उनसे पहली बार मिलता।

मैं गाँव शाम 4 बजे पंहुचा, पहुचते ही मेरा स्वागत बड़े ही धूम-धाम से हुआ, क्यूंकि एक तो मेरी शक्ल मेरे पिताजी से, बहुत मिलती है और, मेरे पिताजी को गुजरे हुए करीब ३२ साल हो गए थे! शायद वहाँ के बुजुर्गो को, मुझे देखकर (जिन्होने मेरे पिताजी को पहले देखा हुआ था) ऐसा लगा, जैसे आज वही लड़का, गाँव वापस फिर से आ गया है! उन्होंने मुझे देख्कर, गले लगा लिया, और कई बुजुर्ग महिलाओ की तो आँखों मे, आंसू भी आ गये थे, जिससे मेरा मन गदगद हो गया।

शाम हुई, खाना लगाया गया, और बड़े ही आदर से, सभी के साथ मैंने खाना खाया और रात करीब 10 बजे सभी सोने चले गये! मैं भी थका हुआ था तो, मुझे भी जल्दी नींद आ गयी।

Antarvasna Hindi Sex Story  Indian Sex मोनिका की गांड मारी

अगले दिन मैं, जल्दी उठ गया, और अपना फ्रेश होकर, अपने कज़िन के साथ, घूमने चल दिया! सभी लोग, मेरे कज़िन को वहाँ जानते थे! मुझे देखते ही सभी गाँव वाले मेरे बारे में उससे पूछ रहे थे, और मेरा कज़िन सभी को मेरे बारे में बता रहा था! मैं भी उन्हे, एक रिश्ते से जैसे दादा, दादी, ताउजी, ताईजी, दीदी, बुआजी, चाचाजी, चाचीजी इत्यादि, कह कर, नमस्कार करके उन्हें आदर दे रहा था।

तभी मेरी नज़र एक औरत पर पढ़ी जो तकरीबन 35 साल की, खूबसूरत युवती, गोरी, जिसके उठे हुए स्तन, गठा हुआ चिकना बदन और जिसके शरीर की बनावट एक आकर्षण पैदा कर रही थी, पर पढ़ी! अब मैंने अपने कज़िन से मज़ाक में उस औरत के बारे में पुछा कि, वो कौन है? तो उसका कहना था कि, वो चाची लगती है।

Antarvasna Hindi Sex Story  चुदक्कड़ रांड को सुहागन बनाया

अब चाची के चिकने उठे स्तन, चाची की बड़ी-बड़ी मतवाली आँखें, चाची का गोरा चिकना बदन, चाची की जुल्फ़े और चाची की मदहोश करने वाली अदा से मैं बचके कैसे जा सकता था! अब वो मेरा परिचय चाची से करवा रहा था! चाचा शायद काम पर जा चुके थे, और चाची घर में अकेली थाई! चाची ने हमें पानी पिलाया, और अब वो, चाय बनाने रसोई में चली गयी! तभी मेरे कज़िन के पास एक फ़ोन आया, और उसे किसी ज़रूरी काम से, जाना पडा! मैंने कहा कि, मैं चाय पी कर वापस आता हूँ।

अब घर में, मैं और चाची दोनों अकेले थे! चाची मेरे पास बैठ गयी, और मैं चाची की आँखों में देखता रहा और, उनसे बात करता रहा! शायद मेरे शहरी होने के कारण चाची को मेरा साथ, अच्छा लग रहा था! चाची और मैं बहुत देर तक बातें करते रहे फिर, चाची जैसे ही रसोई में चाय लेने के लिये मुड़ी, तो, चाची को पीछे से देखकर मेरे मुह में पानी आ गया!

Antarvasna Hindi Sex Story  मेरी प्यारी बहनिया

चाय लेकर जब चाची, वापस कमरे में आयी, और चाय नीचे टेबल पर रखी, तो चाची की साडी का पल्लू नीचे गिर गया, और चाची के मोटे-मोटे, उठे हुए स्तन देखकर, मैं दंग रह गया! चाची ने मेरी और देखा, और मुस्कुरा दी! उसने झटके से साडी का पल्लू उठाया, और अपने कंधे पर डाल दिया, फिर अपनी जुल्फों को पीछे झटका दिया।

वो, चाची की चाल, चाची की अदा, मेरे मन को भा गयी! दिन का करीब 1 बजा था! और चाचाजी आ गये! अब मैं चाचा के साथ गपशप करने लगा! लेकिन चाची की, वो कातिल अदा, आज तक नहीं भूल पाया!