श्रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 1

Indian Sex Stories श्रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 1

सभी स्टूडेंट्स क्लास में बैठे होते है…मा‚म प्डा री है….श्रुति जिसका सारा ध्यान ब्लॅक बोर्ड पड़ी होठा है….उसके पेछे बैठे नीलेश और रवि जानबूझकर उसे सुनने के लिए बोलते है….”य्र लगता है आज कबूतर पिंजरे से आज़ाद हो गये है…पड़ी उन्हे उसने नही दिया जा रा….”श्रुति और अनामिका ये ज़्ब सुन रहे होते है…ये सुनकर झा श्रुति को गुस्सा आ रा होठा है व्ह अनामिका उसकी तरफ देखकर स्माइल दे रही होती है…..और आपनी जाँघ उसकी जाँघ पड़ी टकराती है….ऐसे कॉमेंट्स सुनते-सुनते श्रुति उत्कर खड़ी होती है और मेडम से कहती है…”मा‚म मुझे आपनी सीट चेंज करणी है…मुझे य्चा से बोर्ड क्लियर नही दिख रा..” ..मा‚म…”श्रुति..नेक्स्ट पेरियड में कर लेना, अबी इंपॉर्टेंट टॉपिक चल रा है…बैठ जाओ”….फिर रवि बोलता है हल्के से…”अरे य्र कबूतर से बैठा नही जा रा उसना चटा है…हाहाहा”.. नीलेश बोलता है..” शी कह रा है य्र….मुझे नही टा था इतने बड़े-बड़े है…काश मेरे पालतू होते…” अनामिका मुस्कुरा देती है…पड़ी श्रुति की आँखो से आसू निकालने लगते है….ये देखकर अनामिका थोड़ी परेशन हो जाती है…आख़िर है भी तो उसकी बेस्ट फ़्रेंड….फिर पेछे मुदके उनसे बोलती है…”य्र त्म दोनो प्ल्ज़्ज़ ऐसे गंदे-गंदे कॉमेंट्स म्ट करो…वो रो रही है अब…चुप हो जाओ अब तुम..व्रना मा‚म को बीटीये दूँगी..”….त्बी नीलेश बोलता है..”य्र मज़ाक ही तो कर रहे थे…आज कुछ न्या देखने को मिला तो थोड़ी तारीफ ही तो कर दी…

इसमे रोने की क्या बात…”….तभी मा‚म कहती है. तुम लोग आपस में बात करना बेंड करो…”…कुछ देर बाद पेरियड ख़तम हो जाता है…और श्रुति अनामिका के साथ सीट चेंज कर लेती है… नेक्स्ट दो पेरियड ऐसे ही निकाल जाते है….उसके बाद लंच ब्रेक होठा है, सबी स्टूडेंट्स बेर खेलने चले जाते है…अब शुरति का भी मूड ठीक हो चुका होठा है…सभी बैठे बात कर रहे होते है…टीबी गेम्स टीचर सबकॉ बुलाते है…और बतते है की “नेक्स्ट वीक खो-खो कॉंपिटेशन होगा, जिसे पार्टिसिपेट करना है वो पेपर पे नेम्स की लिस्ट ब्ना के क्लास टीचर को सब्मिट कर दे…”..और बाकी स्टूडन्तस के साथ श्रुति बी आपना नाम दे देती है…और सोचती है खो खो में तो भैया नॅशनल चॅंपियन है, वो मेरी पड़ीॅक्टीस करवा देंगे …मन ही मन वो खुश होती है…और आपनी फ़्रेंडस के साथ बॅडमिंटन खेलने लगती है… उसे ध्यान नही रहता की ब्रा नही पहाँी है और गर्मी की वज से पसीने में भीग जाती है..जिससे शर्ट भीग कर बूब्स से चिपकना स्टार्ट कर देती है..जो उसके बूब्स को काफ़ी हद तक शो कर रहे होते है…वो फन के नीचे बैठकर सूखने बैठती ही है की नेक्स्ट पेरियड की बेल बजती है जो की केमिस्ट्री लब का होठा है..टीचर क्बी क्बी उन्हे समझने के लिए लब करवा देती थी,..सबी लब में जाते है..और टीचर श्रुति को बुलाती है क्यूंकी वो सब्से इंटेलिजेंट लड़की है क्लास की…पर ऐसी हालत में सब्के सामने जाने में उसे अजीब सा लगता है..और सोचती है “काश टाइट वाली ब्रा ही पह्न आती..मेरा बी दिमाग़ खराब है..”

..वो ग्रूप के सेंटर मे आती है और मा‚म बतती है आज हम सोडियम को देखेंगे की वॉटर में वो कैसे रिक्ट करटा है ..शुर्ती ये टेस्ट ट्यूब पाकड़ो और आपने फेस से नीचे और थोडा एज रखना..श्रुति..”ओक मा‚म”… स्टूडेंट्स अभी ध्यान से देखना…ये बहोट इंपॉर्टेंट है….तभी श्रुति की नज़र पास खड़े नीलेश और रवि पड़ी पड़ती है जो उसे बुरी त्राहघुर रहे होते है.. और नीलेश बोलता है..”जी मा‚म ध्यान से देखेंगे, आज तो वैसे भी बहोट इंपॉर्टेंट एक्सपरिमेंट है”…टीचर बोलती है…”तुम दोनो क्ब से ध्यान से पड़ने लगे आज ट्के तो क्बी तुम्हारे मूह से ऐसी बात सुनी नही आज क्या हो गया”….रवि…”जी मा‚म ब्स आज पड़ने का मन कर रा है और श्रुति जैसी इंटेलिजेंट लड़की ज़्ब कुछ दिखाएगी इसलिए….श्रुति मूह ब्ना लेती है…तभी टेचएर बोलती है अछा चोरो ये ज़्ब एक्स्प. पड़ी ध्यान दो..ऐसे ही उनकी क्लास चलती रहती आई…. वही दूसरी तरफ विकास और स्मृति जो एक ही क्लास में थे स्टोर रूम में एकेले होते है ….और विकास का हाथ स्मृति की स्कर्ट के नीचे उसकी जाँघ पड़ी होठा है जो हल्के हल्के सहला रा होठा है…स्मिरिटी बोलती है;..” य्र विकास कोई आ ना जाए प्ल्ज़्ज़ चलो अब काफ़ी देर हो गयी है…”विकास आपनी ही धुन में होठा है और आपनी उंगली स्मृति की पेंटी पड़ी ज़ोर से फेर देता है …..

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स्मृति उछाल जाती है…और उसे धक्का दे देती है…”क्या विकास तुम भी, य्र हम स्कूल में है”.. विकास थोडा गुस्से में..”क्या य्र स्मृति अभी तो मज़ा आना स्टार्ट हुआ था तू भी बहोट ठंडी है. पिछली बार जब तुझे चोदा था तो तो बहोट साथ दे रही थी..” स्मृति कुछ सोच कर..” य्र अभी न्ही स्कूल में कुछ न्ही, किसी को टा च्ला तो बदनामी हो जाएगी‚…विकास..”य्र स्मृति क्या करू तू है ही इतनी सेक्सी ओर गरम की बस ह्र त्यम तेरे साथ करने का मन करट है”…स्मृति शर्मा जाती है…”अछा चलो अब कोई आ गया तो बेकार में ड्रामा हो जाएगा”..विकास..”ओक चलो डार्लिंग..और लिप्स पड़ी एक किस कर देता है”…दोनो क्लास में पाहौचते है…अभी कोई टीचर न्ही होठा है और सभी बतो मियान लगे होते है…विकास आपने फ़्रेंडस के पास जाता है और पूछता है..”क्यू भाई क्या बातें हो रही है ..किसे चोदने का प्लान ब्ना रहे हो”…तभी अंकित ((अंकित,अनामिका की य्चा आपने परेंट्स के साथ किरे पड़ी रहता है)) बोलता है ..”अरे य्र कुछ नही ब्स ऐसे ही…टा न्ही तू कैसे टा लेता है…य्चा तो ब्स मूठ मार कर ही कम च्लना पड़ता है…तुझसे खो कोई चुद्वया दे तो साफ म्ना कर देता है”..विकास..”साले मैं क्या रंडिया चोदता हू, जो सबसे चुद़वता फिरू..”..”अछा ये तो ब्ताओ किसकी बातें हो रही थी”..

((विकास के फ़्रेंडस को न्ही टा श्रुति उसकी बेहाँ है, क्यूंकी उसने कभी किसी को ब्टाया न्ही था)) संजय बोलता है..” अरे य्र एक लड़की है टा न्ही कौन सी क्लास की है…साली के बूब्स इतने बड़े है जैसे टा न्ही कितनो से डबवाए हो..और आज तो शयड ब्रा भी न्ही पहाँी थी…जब बॅडमिंटन खेल रही थी टीबी उसके दूध के टांक ऐसे उछाल रहे थे की बस य्र क्या ब्टौ…मन कर रा था सारा दूध अभी चूस लू…”..अंकित” हा यार देखने से तो शयड छोटी ही लग रही थी पड़ी उसके बूब्स ब्स य्र ..अभी ब्स उसकी याद माइयन हाथ च्लना ही पड़ा”..विकास हैरानी से…” आबे गंडुव तुमने कौन देख ली आज..कोई नही आई है क्या स्कूल में”… संजय..”न्ही यार नही तो न्ही है, देखा तो पहले भी है..पड़ी आज तो बस कहर ढा रही थी…” विकास..”अरे य्र मुझे भी तो दिखाओ कौन है वो जिसकी इतनी तारीफ कर रहे हो”…अंकित..” क्यू बे साले उसकी भी चुत मरेगा क्या..कल दिखा दूँगा मार लिए फिर उसकी भी चुत..अब तो त्यम ही न्ही मिलेगा”..तभी टीचर आ जाता है..और क्लास शुरू हो जाती है…और बाकी का त्यम ऐसे ही निकाल जाता है और छुट्टी हो जाती है…सभी आपने घर चले जाते है..

विकास और श्रुति घर पाहौचते है, श्रुति जल्दी एज बदकर कहती है भैया मैं ब्ज़ौंगी डोरबेल….विकास कहता है ठीक है तू ही ब्जा…डोर बेल थोडा उपर होती है जिससे उसका हाथ न्ही पाहौचता, वो उछालती है जिससे उसके खुले लटकते हुए बूब्स भी साथ उछलते है…विकास ये सब देख रा होठा है…वो फिर मन में सोचने लगता है य्र ये के इतने मस्त है मैने कभी ध्यान ही न्ही दिया…टा न्ही आज इससने ब्रा क्यू न्ही पहाँी…तभी उसके कानो में आवाज़ आती है…” आ गये बाकचो…चलो अंडर आओ”..श्रुति बोलती है हा मम्मी…विकास और श्रुति अंडर आ जाते है..श्रुति जल्दी जल्दी जाके सोफे पड़ी बैठ जाती है…और विकास भी बैठते वक़्त श्रुति की जाँघो को देखता है जो स्कर्ट उपर होने की वजह से दिख रहे होती है…ये ज़्ब देखते और सोचते सोचते उसका लंड टाइट होने लगता है…विकास उठके आपने रूम में च्ला जाता है…व्ह सीमा श्रुति के पास पानी लेके आती है…श्रुति पानी पेके कहती है…मम्मी आज शाम को न्यी ब्रा जरूर लानी है….सीमा..”हा बेटा ले आएँगे अभी तो तू आई है स्कूल से..ब्रा के लिए क्यू टेन्षन ले रही है”….श्रुति बोलती है..”मम्मी बस मुझे चाहिए जल्दी से”…सीमा..अछा ठीक है ,कपड़े चेंज करके फ्रेश हो जा, और आपने भाई को बी बोल आके खाना खा ले”

…श्रुति..”ठीक है मम्मी”…और श्रुति आपने रूम मे जाके कपड़े उतरती है और फ्रेश होकर रूम से बेर जाने को होती है अचानक कुछ सोच कर रुक जाती है …और मिरर के सामने जकर हल्के हल्के आपनी त-शर्ट उपर करती है और आपने मोटे-मोटे बूब्स को देखर मन ही मन कुछ सोच कर मुस्कुराती है,,,,फिर आपने भाई को बुलाने के लिए उसके डोर नॉक करती है “भैया जल्दी आओ कहाँ नही खाना की आज…विकास आपने फोन में म्स्ग टाइप करटा हुआ डोर खोलता है और बोलता है…हा चल जल्दी मुझे भी बहोट भुख लग रही है…”…दोनो डाइनहींग टेबल पड़ी आ जाते है…विकास अभी भी मोबाइल में ही लगा रहता है..तो श्रुति बोलती है..”क्या भैया, खाना तो खा लो गर्ल फ्रेंड से बाद में बात कर लेना…आज स्कूल में बात न्ही हुई क्या स्मृति से..”..विकास थोडा मूह ब्ना के ..”क्या बोलती रहती है तू भी….मेरी कोई गर्ल फ्रेंड न्ही, मैं तो अंकित से कुछ बात कर रा हू,,और स्मृति मेरी ब्स क्लासमेट है ((मन मे..जिसे 2 बार चोद चुका हू..))…और कुछ नही..”..तभी सीमा आती है…क्या बातें हो रही है भाई बेहाँ में,,,ये लो अब खाना स्टार्ट करो..”विकास..”कुछ नही मम्मी ब्स..ये तो बस ऐसे ही बकवास करती रहती है…”…श्रुति..”हा आप तो जैसे बहोट कम की बात करते हो..”

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तभी सीमा बोलती है..”अरे अब लाडो म्ट …खाने के वक़्त तो आराम से बैठा करो..”फिर दोनो शांति से आपना खाना कहताम करते है..और आपने रूम मे जकर रेस्ट करते है…श्रुति सो रही होती है…तभी डोर पड़ी ज़ोर-ज़ोर से नॉक करती हुई सीमा बोलती है…श्रुति बेटा ड्रवाज़ा खोलो लॉक क्यू कर रखा है…उठो जल्दी 5 बाज गये है…मार्केट नही चलना क्या”…श्रुत मार्केट सुनके जल्दी जल्दी उठती है और डरवाज़ा खोल कर कहती है…हा मम्मी ब्स 5 मीं. में रेडी होकर आती हू…सीमा..”ठीक है जल्दी करो बेटा”…और उधर विकास आपने कंप्यूटर पड़ी मूवी देख रा होठा है…सीमा रूम में एंटर होती है…विकास मूवी बेंड कररर देता है….और बोलता है क्या हुआ मम्मी..कही जा रही हो क्या…सीमा..” हा बेटा वो कुछ कपड़े दिलवाने है श्रुति को…बस इसलिए जा रही हू…विकास..” ठीक है…कब ट्के आओगी आप दोनो”…सीमा.”बेटा 1 घंटा तो लग ही जाएगा..”..तभी श्रुति आ जाती है..चलो मम्मी मैं रेडी हू..सीमा..”ओक..चलो बेटा” ————-मार्केट में लेडी गारमेंट्स शॉप पड़ी…ये सीन आपको श्रुति आपने शब्दो में ब्टाएगी———–

हेलो फ़्रेंडस..मैं और मम्मी जब शॉप में एंटर हुए तो मैने अंडर लगे प्लास्टिक स्टॅच्यूस को देखा वो ब्रा और पेंटी के शो के लिए लगा रखे थे..फिर मैने देखा उनमे से किसी के भी बूब्स मेरे जीतने बड़े न्ही थे…मैने सोचा काश जैसी ब्रा मैं छाती हू वैसी मिल जाए हम काउंटर पड़ी पाहौचते है…काउंटर पड़ी खड़ी एक लड़की आती है..और कहती है..एस मा‚म ब्ताइए क्या लेना है आपको…मम्मी बोलती है ” ब्रा चाहिए, बाड़िया क्वालिटी की ब्रॅंडेड..” वो लड़की उसका नाम रीता था बोलती है…”ओक मा‚म ह्मारे पास बहोट अछी क्वालिटी की ब्रास अवालेबल है..इंपरओटेड क्वालिटी की बी..किस साइज़ की दिखाए आपको…”..मम्मी उसे साइज़ बतती है…रीता उस साइज़ की कई ब्रास दिखाने लगती है..एक से अछी एक..मेरा तो मन सारी लेने का कर रा था…मम्मी मुजसे पूछती है…कौनसी ठीक लग रही ह Chudai Ki Kahani मैं एक पिंक कलर की ब्रा पड़ी हाथ रखती हू.. वैसे काउंटर थोडा उपर होठा है इसलिए रीता को मेरे बूब्स न्ही दिखते….टीबी रीता कहती है..ओक मा‚म आप व्हा जाके ट्राइ कर स्क्ति है.. मम्मी थोडा मुस्कुरा के कहती है…ये मेरी बेटी के लिए है..मेरे लिए न्ही..रीता थोड़ी हैरान हो जाती है..शयड ये सोच कर की इस साइज़ की ब्रा मेरे लिए …जब मैं काउंटर से थोडा पेछे होती हू चेंजिंग रूम में जाने के लिए..रीता मेरे बड़े बड़े बूब्स को घुरती ही रहती है…मैं चेंजिंग रूम में जाके आपना टॉप उतरती हू..और मेरे बूब्स हिलते हुए मेरे सामने आ जाते है..में मिरर में कुछ सेकेंड्स उन्हे देखती हू फिर ब्रा उठाके पहाँती हू..ब्रा पहाँके जब मैं आपने आप को मिरर में देखती हू…मैं खुद ये नज़ारा देख कर हैरान रह जाती हू.. Chudai Ki Kahani

उस पिंक और हल्की ट्रॅन्स्परेंट ब्रा में मेरे बूब्स ऐसे लग रहे थे की कोई मुझे वैसे देख लेता तो बस अभी उनपर टूट पड़ता…मुझे भी आपने आप को ऐसा देख कर टा न्ही क्या हो जाता है मैं धीरे धीरे आपने बूब्स ड़बने लगती हू..और कजिनकिया लेने लगती हू..शयड मुझे आपने आप पड़ी ही प्यार आ गया था…और मुझे नीलेश और रवि की बातें याद आने लगती है..ऐसे करते करते मेरा एक हाथ पेंटी में आधा गया ही होठा है…की मम्मी की आवाज़ आती है…बेटा देख ली ट्राइ करके….मम्मी की आवाज़ सुनते ही मुझे होश आता है और कहती हू..जी मम्मी और जल्दी से आपने कपड़े पह्न कर बेर आती हू..मम्मी पूछती है..Chudai Ki Kahani..इतनी देर कैसे लगा दी….मेने हड़बड़ाहट में बोला.. कुछ नही मम्मी ब्स वो सेट कर रही थी शी से.मम्मी..‚अछा चल पसन्द तो है ना…तभी मम्मी काउंटर पड़ी जाके कहती है…”ऐसे ही 4 ब्रा दे दीजिए…डिफरेंट कलर्स में..”.,रीता और 3 कलर्स में ब्रा पॅक कर देती है…तभी रीता कहती है..मा‚म हमारे पास एक क्शकलुसिवे ऑफर है नाइटी का..इंपोर्टेड नाइटी है…और मा‚म होल्सेल रते पे अवालेबल है…आपके हज़्बेंड को बहोट पसन्द आएगी…”..मम्मी कुछ सोचती है फिर कहती है अछा दिखाइए….रीता एक शॉर्ट रेड कलर की नाइटी लेके आती है मम्मी वो ऐसे ही आपने बॉडी पड़ी चेक करती है…वो मम्मी की जाँघो ट्के भी न्ही आ रही होती …अगर वो उस त्यम चेक करती तो उनकी पेंटी भी उसमे शो होती…

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फिर भी टा न्ही क्या सोचकर मम्मी ने वो नाइटी ले ली…और फिर बाकी की शॉपिंग करके हम घर वापिस आ गये….

श्रुति और सीमा घर पाहौचते है….श्रुति बहोट खुश होती है की वो आपने मन पसंद ब्रा और कुछ और कपड़े खरीद के लाती है…दोनो घर में अंडर जाती है…सोफे पड़ी बैठा विकास दोनो को देख कर खुश होठा है और आपनी आदत से मजबूर आपनी मा के हाथ से बाग लेकर उसमे रखे कपड़े देखने लगता है वो ब्स नाइटी देख ही पता है की…सीमा उससे डाट टेयै हुए कहती है विकास वापस रखो कपड़े..तुम्हरे मतलब का कुछ न्ही है…”..विकास थोडा घबुरा के उसे वापस रख देता है..और स्ररी बोलकर चुप छाप बैठ जाता है…सीमा श्रुति को कहती है..”जा बेटा आपने कपड़े आपनी आल्मिराह मे रख आ..मैं अभी आती हू..Chudai Ki Kahani..सीमा आपने रूम में जकर वो नाइटी निकालती है…और सोचती.”आज तो मुझे जब इस नाइटी में देखेंगे तो टा न्ही मुझे मुझे सुबह चलने लायक चोरेंगे या नही..”..इतना सोचते ही सीमा की चुत गीली लगती है और वो उसेस नाइटी को रख कर जल्दी से बाथरूम में जकर आपनी उंगलियो से आपनी चुत की आग शांत करने की कोशिश करने लगती है…किसको टा ना चले इसलिए हल्के हल्के कजिनकिया.. लेती है..थोड़ी देर बाद आपनी आग को शांत कर वो फ्रेश होकर बेर आती है..श्रुति सोफे पड़ी बैठी टीवी देख रही होती है…सीमा को देख कर श्रुति बोलती है…

“क्या हुआ मम्मी लगता है आप कुछ ज़्यादा ही तक गये हो..”.((उसे क्या टा था उसकी मम्मी कितनी मेहाँत करके आई है))..सीमा..”हा बेटा, वो मार्केट मे काफ़ी चलना प्डा इसलिए तक गयी हू..मैं आपने बेडरूम में आराम करने जा रही हू…तुम भी फ्रेश हो जाओ और आराम कर लो..फिर डिन्नर की तैयारी भी करणी है..” …श्रुति ..ठीक है मम्मी.. बोलकर चली जाती है……डिन्नर का त्यम होठा है..सभी डाइनहींग टेबल पड़ी होते है…श्रुति विकास से कहती है..भैया स्कूल में खो-खो कॉंपिटेशन है नेक्स्ट वीक से…प्ल्ज़्ज़ आप मेरी पड़ीॅक्टीस करवा देना…विकास कहता है….मेरा पास फालतू त्यम न्ही है टुजे पड़ीॅक्टीस कराने के लिए..श्रुति चिदते हुए..पापा देखो ना, ये मुझे सीखने से म्ना कर रा है..” तभी दिनेश बोलता है..अरे विकास करवा दे ना पड़ीॅक्टीस, इतना भी खा बिज़ी है तू जो उसे पड़ीॅक्टीस करवाने का भी त्यम न्ही..कल से करवा देना पड़ीॅक्टीस,,ठीक है?…विकास मूह बनाते हुए कहता है ठीक है, करवा दूँगा..और शुर्ती उसको देख कर हस्स देती है…Chudai Ki Kahani.खाना खकर श्रुति और विकास आपने दाद के साथ बेर थोड़ी देर घूमने चले जाते है..उधर सीमा किचन का बाकी कम नहीबटती है….ऐसे त्यम नहीकता रहता है और रात के 11 :30 हो जाते है…सभी आपने रूम में सोने के लिए चले जाते है…श्रुति का रूम सीमा उर दिनेश के रूम से अटॅच होठा है..और विकास का रूम थोडा अलग है विकास तो आपनी गर्ल फ्रेंड के साथ बिज़ी हो जाता है…