रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 2

रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 2

व्ह श्रुति आपने बेड पड़ी लेते -लेते ख्यालो में खोई रहती है..और मुस्कुराती रहती है..उदार दिनेश आपने रूम ,में बेड पड़ी लेता हुआ सीमा का वेट कर रा होठा है..कुछ देर बाद सीमा रूम में आती है..उसेनए व्ह रेड कलर की नाइटी पहाँी होती है… सीमा बेड के पास आकर खड़ी होती हो जाती है..जैसे ही दिनेश की नज़र उसपर पड़ती है उसका मूह खुला का खुला रह जाता है… सीमा उस रेड कलर की शॉर्ट नाइटी में..किसी सेक्स बॉम्ब से कम न्ही लग रही थी, उसकी गोरी गोरी मोटी जंघे किसी को भी पागल ब्ना स्कतॉ थी..और उस नाइटी में तो वो और भी ज़्यादा चमक रही थी. सीमा मुस्कुराते हुए बोलती है..क्या हुआ आपको..खा खो गये.,एम्म्म….

दिनेश मुस्कुराते हुए…आओ मेरी जानेमन आज तो त्म किसी स्वर्ग की आप्सरा से कम न्ही लग रही हो..बहोट ही सुंदर और सेक्स की देवी लग रही हो..सीमा शरमाते हुए..क्या जी आप भी..कैसी बातें कर रहे हो..दिनेश उसे बेड पड़ी खिचता है और..सीमा के होठो पड़ी किस करना स्टार्ट करटा है..आज दिनेश को कुछ ज़्यादा ही जोश चड़ा होठा है..वो सीमा को बुरी त्राह किस करने लगता है..सीमा भी अब गरम होने लगती है…दिनेश का एक हाथ उसकी गोरी मांसल जाँघो को सहला रा होठा है…

उधर श्रुति को नींद न्ही आ रही होती तो वो उठकर आल्मिराह से आपनी न्यी ब्रा निकालती है और व्ह पिंक वाली ब्रा निकाल कर पहाँती है और आपने आप को मिरर में देखने लगती है…और सोचती है.. हे भगवान काश में वो ना करती तो आज ये सब ना होठा..बेकार में बात मनी और आज ये इतने बड़े हो गये है…पड़ी फिर उनपर हाथ फेरती हुए मुस्कुराती है और सोचती है..चलो कोई नही सब लड़किया तो ऐसे पाने के लिए तरसती है अनामिका भी बोल रही थी…तभी उसे कुछ आवाज़ी आती है…वो ध्यान से सुनने की कोशिश करती है.. आआहह..एम्म…उउउहह..आअहह..श्रुति साँझ जाती है ये तो मम्मी की आवाज़ है..पड़ी ऐसे क्यू कर रही है..पड़ी उसे समझते हुए देर न्ही लगती क्यूंकी वो भी ज़्ब जानती थी..पड़ी आपनी फ़्रेंड अनामिका की त्राह वो ओपन न्ही थी…वैसे तो सीमा और दिनेश इस बात का ख्याल रक्ते थे की किसी को टा ना चले पड़ी आज उन्हे कुछ अलग ही नशा हो गया था..श्रुति अब वो आवाज़े सुनकर ना छाते हुए भी आपने मन में सीन सोचने लगती है…वो भी जानती थी उसकी मम्मी कितनी सेक्सी है..और लोगो की नज़र बाज़ार में उनपर घड़ी रहती है…आवाज़ो का सिलसिला लगतर जारी था…आआहा…….प्ल्ज़्ज़ ज़ोर से…म्‍म्म्ममम.श्रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 2..आहा//आ/आआहह…एम्म्म..ऊऊऊःाआ…श्रुति भी अब बैचाईन होने लगती है…और आपने बेड पड़ी लेती हुई..आपने बूब्स सहलाना शुरू कर देती है. उसे महसूस होठा है उसकी पेंटी में हल्का हल्का गीलापन हो रा होठा है..वो अब आपनी एक उंगली से पेंटी के उपर से उंगली फेरना शुरू करती है..और कजिनकिया लेने लगती है..म्‍म्म्मममम्म..आमम्म्ममाअहह…कुछ देर तक ऐसे ही करते करते उसका शरीर एकड़ने लगता है और फिर उसे आराम मिल जाता है…वो ऐसे ही लेते र्हती है और उसकी आख लग जाती है…उदहर् सीमा और दिनेश भी आपना कम पूरा करके सो जाते है…

विकास भी सोने ही जा रा होठा है..त्बी अंकित का म्स्ग आता है.. “क्या भाई..सो गया क्या”विकास रिप्लाइ करटा है..”आबे गन्दू जा ही रा था सोने.बोल क्या बात है”…अंकित..”य्र एक हेल्प चाहिए थी”…विकास..”हा बोल”..अंकित..”य्र वो मेरी मकान मलिक है..य्र उसकी वाइफ बड़ी हॉट है….उसकी चुत मरने का मन करटा है..कुछ आइडिया दे”विकास..”आबे छूतिए..इतनी रत को अब क्या उसके पति से गांड मराएगा..कल देखते है..”..अंकित..”चल ठीक है कल स्कूल में,मगर ब्ताना जरूर..ओक बाइ ग्न..”..विकास..”ओक ग्न”……

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नेक्स्ट मॉर्नहींग विकास और श्रुति रेडी होके स्कूल में पाहौचते है..पड़ीेयर से पहले क्लास में विकास आपने फ़्रेंडस से मिलता है, अंकित को देख कर विकास उससे कहता है,,,क्यू बे गन्दू टुजे एक रत में तेरी मकान मालकिन में क्या दिखा गया जो उसे चोदने की सोच रा है…अंकित ..आबे ये बोल क्या नही दिख गया…कल रत पहली बार उसे ऐसी हालत में देखा की बस य्र लंड उसकी चुत में जाने के तड़पने लगा….विकास…अछा चल य्र देखते है क्या हो सकता है, और वो लड़की बी दिखा आज जिसके बूब्स की कल इतनी तारीफ कर रहे
थे..अंकित..हा य्र बिल्कुल..साली पाट जाए तो बस मज़े ही मज़े…ये सुनकर विकास भी बहोट खुश हॉट है…उदहर् श्रुति आपनी न्यी ब्रा पहाँे अनामिका से बातें कर रही होती है…तभी रवि और नीलेश अटें है ..नीलेश श्रुति को देखकर बोलता है..क्या बात श्रुति आज तो फिट लग रही हो…कुछ लटक न्ही रा आज…हाहाहा…तभी अनामिका गुस्से में..ओये नीलेश अब तमीज़ में रह…मज़ाक मज़ाक की त्राह सही लगता है

और तुम कुछ ज़्यादा ही बोल रहे हो..नीलेश थोडा सीरीयस होकर…य्र मैं मज़ाक ही कर रा था..स्राइ य्र अगर तुम्हे बुरा लगा तो..तभी श्रुति बोलती है..अछा ठीक है ..अनामिका चल य्र , इन बदतमीज़ो के क्या मूह लगना..श्रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 2…दोनो वॉया से चले जाते है..पड़ीेयर की बेल बजती है..सभी ग्राउंड में चले जाने लगते है…स्मृति भी जा ही रही होती है..की विकास उसे स्टोर रूम की तरफ आने को कहता है ..स्मृति मना करि है..तो विकास उसका हाथ पकड़ कर अंडर ले जाता है…और बोलता है..य्र अब नही रुका जा रा प्ल्ज़्ज़ य्र एक बार ब्स…स्मिर्ती..य्र तुममे कितनी हवस भारी है.. अबी मॉर्नहींग में है..और अभी हम स्कूल मैं है…विकास उसकी एक नही सुनता और ज़बुरदस्ती उसे किस करना स्टार्ट कर देता है..स्मृति भी ज़्यादा रोकती न्ही और वो भी उसका साथ देने लगती है..विकास उसके होठो को बुरी त्राह चूम रा होठा है..

.व्ह उसका एक हाथ स्मृति की स्कर्ट के अंडर अहिता आहिस्ता उसकी जाँघो को सहला रा होठा है…कुछ देर ऐसा करते करते स्मृति और विकास बहोट गरम हो जाते है…विकास को आपने हाथ मे कुछ गीला गीला महसूस होठा है..वो साँझ जाता है यही सही वक़्त है इसे चोदने का..अबी ये मना भी न्ही करेगी…विकास धीरे धीर स्मिरिट की पेंटी के उपर से ही उसकी मखमली चुत को सहलाना शुरू कर देता है..स्मृति से न्ही रुका जाता और वो ज़ोर ज़ोर से कजिनकिया लेने लगती है…आआहहा….एम्म..विकास अब न्ही रुका जा रा प्ल्ज़्ज़ डालो आपना अंडर डालो..म्‍म्म्माआहह..विकास झट से स्मृति की पेंटी उतार देता है..और फिर आपनी पेंट और अंडरवेर भी..और आपना लंड निकाल कर जल्दी से स्मृति की चुत मे डलकर झटके मारना शुरू कर देता है…वी स्मृति तड़पति हुई आआहह..की आवाज़े निकाल रही होती है…आहह विकास ई लव ुआ…म्‍म्म्महा…एयाया…विकास झटके और तेज़ कर देता है..कुछ देर बाद दोनो का ऑर्गॅज़म हो जाता है…थोड़ी देर बाद दोनो बेर जा रहे होते है

तभी विकास कहता है..य्र मैं कॉंडम लगाना तो भूल ही गया था, बहोट ज़्यादा जोश चड़ गया था मुझे…स्मिर्ती थोडा सीरीयस होकर..य्र ये क्या किया तुमने कॉंडम क्यू नही उसे करा..अब क्या होगा…विकास …चलो कोई नही, मैं पिल्स दिला दूँगा तुम्हे..ओक..स्मृति.. ठीक है पड़ी उससे कोई पड़ीॉबलर्म तो नही होगी ना.. विकास..न्ही य्र कोई पड़ीाब्लम न्ही..मेरा एक डॉक्टर जान पहचान का है, उससे पूछ के ले लेंगे..डरो मत..स्मृति..ठीक है..दोनो क्लासरूम में पह्ोचते है..

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पड़ीेयर भी ख़तम हो चुकी होती है..शी क्लासस में आ रहे होते है..श्रुति और अनामिका जब गल्लारी से आ रहे होते है तो भीड़ में रवि आपना लंड के उपर से ही अनामिका के पेछे टकरा देता है…वैसे तो ये रोज़ का कम था और अनामिका भी इसका रिप्लाइ स्माइल देकर ही करती थी पड़ी आज आपनी फ़्रेंड की वज से उनसे नाराज़ थी,,,तो कुछ नही खा ….क्लास में आकर् उन्हे टीचर बतते है की आज से आप लोगो का एक वीक तक हाफ दे रहेगा..जो स्टूडेंट्स गेम्स में पार्टिसिपेशन कर रहे है..उन्हे नेक्स्ट हाफ में गेम्स की पड़ीेपरेशन करवाई जाएगी..ऐसे ही फ्डाई में हाफ दे हो जाता है…तभी लंच ब्रेक हो जाता है.और नेक्स्ट पेरियड से पड़ीेपरेशन होनी थी,, सभी खुश थे एक वीक तक ज़्यादा पड़ाई नही होगी..विकास और उसके फ़्रेंडस कॅंटीन के पास कहदे बातें कर रहे होते है…विकास…आबे य्र अब तो दिखाओ कौन लड़की है वो..बड़े बूब्स वाली..

अंकित…साले तेरा लंड बहोट फंफना रा है..उसकी छ्होट मरने को.. दिखा दूँगा…खुच खिला पेला तो दे अभी …पेट में से आवाज़े आ रही है..विकास..चल साले तू है वैसे बहोट कमीना..मौका नही चोर्ता फयडा उठाने का..अंकित..य्र अब फयडे की क्या बात,,मत खिला मैं तो दोस्ती के व्जह से कह रा था…विकास..चल अब ड्रामा म्ट कर..अंकित…चल य्र…थोड़ी देर बाद अंकित विकास के साथ बॅडमिंटन कोर्ट पड़ी पह्ोचते है…पड़ी व्हा कोई गर्ल्स न्ही होती..दोनो देख कर दुखी होते है..क्यूंकी सभी गर्ल्स स्पोर्ट्स टीचर के पास इन्स्ट्रक्षन्स के लिए गयी होती है…विकास कहता है..चल य्र बाद में शी…अछा वो तो बीटीये मकान मालकिन का क्या चक्कर है…अंकित..य्र चक्कर कुछ न्ही बस उसे चोदना है कोई तरीका बीटीये…विकास..आबे पड़ी ऐसा क्या हुआ जो उसे चोदने की पड़ी है तुझे…अंकित…य्र कल रात जब सभी सोने जा रहे थे तो मैं टाय्लेट के लिए नीचे आ रा था सीडियो से ..थी य्र बस मैने देखा वो एक सेक्सी सी नाइटी में सीडियो पड़ी बैठी आपनी चप्पल ठीक कर रही थी…य्र उसमे उसके बूब्स क्या मस्त लग रहे थे पुर ओपन..मेरा तो मन कर रा था खा जौ अभी..और थोड़ी से उसकी जंघे भी दिख रही थी..मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया था और पाजामे पड़ी से सॉफ दिख रा था..श्यद उसने भी देख लिया हो

…विकास..आबे साले उससी अछा मौका क्या होठा चोदने का..पकड़ के पेल देता व्ह..उसका पति कह था..अंकित..आबे उसका पति व्ह था रूम में..पड़ी मुझे अचानक से देख इक उसने स्माइल दी थी..और कुछ छुपाने की भी कोशिश न्ही की…विकास..बेटा तेरा काम तो बन सकता है,बस उसे शो कर की टुजे उसमे इंटेरस्ट है..जब वो भी कुछ ज़्यादा नेगेटिव रिक्ट नही करती मतलब बात बन सकती है…बस उससे थोडा ओपन्ली बातें करा कर..और टाइम टाइम पड़ी
आपने लंड महाराज के भी डर्शन करा उसे…जब लागे ग्रीन सिग्नल मिल रा है..तो बिना देरी के पेल दे…अंकित…हा य्र ठीक कह रा है..कोशिश करटा हू न्ही तो तो है ही..तू ही टा लियो..ह्यूम तो मिल ही जाएगी फिर..हाहाहा…दोनो हस्ते है..और थोड़ी देर बाद इंटर्वल ख़तम हो जाता है…विकास…चल य्र आब देखते है छलके क्या टा आ गयी हो लड़किया…अंकित …हा चल यर…

विकास और अंकित थोड़ी देर बाद वापस बॅडमिंटन कोर्ट जाते है, व्हा पाहौच कर विकास कहता है …य्र कौन है वो लड़की जल्दी बीटीये..लंड खड़ा होये जा रा है उसके बारे में सोचकर…..
अंकित: अरे य्र यही होगी अब तो काफ़ी लड़किया दिख री है
तभी अंकित को श्रुति दिखती है और विकास को अचानक से कहता है
अंकित: आबे य्र वो देख उधर जो पोले के पास 3 लड़किया खड़ी है,उनमे से वो लेफ्ट वाली है, लगता है आज ब्रा पह्न कर आई है, ज़्यादा दिख नही रहे आज….
विकास की नज़र उधर जाती है….और 1 सेकेंड में ही उसका चहेयरा गुस्से से लाल हो जाता है और अंकित की तरफ मुड़कर एक ज़ोरदार पुंछ उसके मूह पड़ी जड़ देता है…अंकित कुछ समझ न्ही पता और नीचे गिर जाता है..
अंकित: आबे छूतिए मारा क्यू,, साले इतने तेज मारा ,
विकास: आबे भोसड़ी के टा भी है टुजे वो लड़की मेरी छोटी बेहाँ है,,,,साले तेरी तो हड्डिया तोड़ दूँगा आज
अंकित चौुक्ते हुए….
अंकित: आबे क्या कह रा है, तेरी बेहाँ!! …..मुझे क्या टा था तेरी बेहाँ है…..तूने क्बी ब्टाया ही न्ही की तेरी बेहाँ भी य्चा पड़ती है….
विकास: अब तो टा चल गया…एज से कुछ भी बोला तो तेरी मा चोद चुँगा …समझा..
अंकित गुस्से में…
अंकित:भोसड़ी के गली मत दे…टा होठा तो नही कहता कुछ उसके बारे में
थोड़ी देर खामोशी छा जाती है दोनो के बीच,,,थोड़ी देर बाद विकास बोलता है
विकास: चल ठीक है, वो जैसी भी है उसे उसके हाल पड़ी चोर , एज से कजिन को लेकर कोई बात न्ही होगी, और स्ररी य्र ग़लती मेरी ही है मैने ही क्बी न्ही ब्टाया था
अंकित: चल ठीक है, पड़ी साले मारा बहोट तेज तूने , बहोट दर्द हो रा है…
विकास: आबे चल इतनी भी तेज़ नही मारा था..चल कॅंटीन पड़ी छलके बुर्फ लगा ले…
दोनो चले जाते है…
उधर श्रुति और अनामिका बैठी बातें कर रही होती है…
अनामिका: अरे य्र आज तूने क्या न्यी ब्रा पहाँी है…
श्रुति: हा य्र कल शाम ही लाई थी…इसमे काफ़ी अछा लग रा है
अनामिका: अछा जी, क्या अछा लग रा है.. मुझे भी तो बीटीये जरा
श्रुति: तू नही सुधरेगी, कुछ नही है..
अनामिका: आए हाए…दिखा तो ज़रा कैसी है…
और अनामिका श्रुति की शर्ट थोड़ी खीच कर ब्रा देखने लगती है,,,
श्रुति: ओये कितनी बदतमीज़ हो गयी है तू,,,य्चा ग्राउंड में ऐसे कर रही है…
अनामिका: अरे य्र स्ररी…पड़ी ब्रा बड़ी मस्त ली है तूने….मुझे भी दिलवा दे….अगर ऐसी ब्रा मुझे मिल जाती तो बस य्र ..
श्रुति: क्या ? पूरी बात बीटीये
अनामिका: आए हाए..मेरी रानी…पूरी बात सुन्नी है,,,,अछा चल ठीक है तो सुन…..य्र मेरे घर पड़ीी क फॅमिली रेंट पड़ी रहती है….
श्रुति: हा तो
अनामिका: य्र उनका एक लड़का है अंकित, य्र ब्स मुझे तो वो बहोट अछा लगता है, उसे देख कर कुछ-कुछ होने लगता है…
श्रुति: क्या होने लगता है(मुस्कुराते हुए)
अनामिका: य्र ब्स समझ जा,,,तुझे नही होठा क्बी रात में…..क्बी कुछ गीला गीला….
श्रुति: (मन में) मेने तो उस गीलेपन को छुआ भी है, मम्मी पापा की व्जह से
अनामिका: क्या हुआ?….क्या सोचने लगी…तू इतना ज़ोर मत दल दिमाग़ पड़ी…तुझ जैसे किताबी कीड़े को कुछ समझ न्ही आएगा..
श्रुति: टा नही क्या कह रही है…..चल अब पड़ीॅक्टीस का टाइम हो रा है….
अनामिका: हा चल…
श्रुति की ब्रा- Chudai Ki Kahani – 2