मौसमी मान गई -[भाग 2]

antarvasna antarvassna Indian Sex Kamukta अन्तर्वासना, Antarvasna, Hindi Chudai Stories Antarvasna,

मौसमी मान गई -[भाग 2]

मुझे ऐसे अपने सेक्सी बदन को देखते हुए देख के मौसमी गुस्सेवाली शक्ल बना के बोली, “जीजू आप लोग ऐसे क्यूँ कर रहे हो…?” मेरी नजर अभी भी उसके बड़े दूध और सेक्सी होंठो पे ही थी. तभी पीछे से अनु आती दिखी. अनु ने पास आके मौसमी के कंधे पे हाथ रख दिया और बोली,

“तुझे तेरे जीजू से ज्यादा कौन प्यार देंगा. वैसे भी तुझे 2 साल में शादी करनी हैं अनुभव ले ले, तू एक बार कह रही थी ना की मुझे यह सब में कुछ समझ में नहीं आता हैं.”

मौसमी ने मेरी और देखा, उसके बड़े बड़े दूध में खिंचाव सा आ रहा था क्यूंकि वो बड़े दूध में मुझे कसाव दूर से भी दिख रहा था. अनु ने अपना हाथ मौसमी की गांड पे रखा और उसे मेरी और धक्का दिया. मौसमी मेरे करीब थी मैं उसकी साँसों की तेज आवाज सुन सकता था. मेरी नजर वो बड़े दूध और उसके बिच की गली में ही थी. मौसमी ने नाईट गाउन पहना था और अंदर शायद कोई ब्रा नहीं थी इसलिए वो बूब्स और भी सेक्सी लग रहे थे.
मौसमी के बड़े दूध

मौसमी ने मेरी और देखा और फिर पीछे मूड के अनु की और देखा. अनु जैसे की उसे पुचकार रही थी. अनु के पुचकारते ही मौसमी मेरे और भी करीब आ गई. मुझे बड़ा अजीब लग रहा था क्यूंकि मेरी बीवी मुझे किसी और के पास चुदाई करने के लिए भेज रही थी. मौसमी का हाथ पकड के मैंने उसे अपनी और खिंचा. पीछे से अनु भी आ गई और हम तीनो एक दुसरे को लिपट गए. अनु ने हम दोनों का हाथ पकड़ा और बेडरूम की और खींचने लगी. बेदरूम में घुसते ही अनु ने सक्कल लगा दी और मौसमी की और मुड़ के उसके नाईट गाउन को पकड के उठाने लगे. मौसमी का गाउन उठते ही उसने शर्म से अपने बड़े बड़े दूध को हाथो के पीछे छिपा दिया. मेरा अंदाजा बिलकुल सही था; उसने अंदर कोई ब्रा नहीं पहनी थी. उसके बड़े दूध बड़े ही सेक्सी लग रहे थे और मुशकिल से उसके हाथ उसे ढांक सकते थे. अनु ने पीछे से आके उसके हाथ को हटा दिये और मासूम मौसमी ने वो हाथ अब अपने मुहं पे ढँक दियें.

Antarvasna Hindi Sex Story  दो चूतों का दोगुना मजा

मैं वो सेक्सी दूध देख के और भी उत्तेजित हो गया. मैं मौसमी के पास गया और उसके बूब्स को हाथ में ले के मसलने लगा. बूब्स को छूते ही मौसमी के मुहं से आह निकल पड़ी और उसके हाथ मुहं के ऊपर से अपनेआप हट गएँ. अनु पीछे खड़ी हुई मौसमी को ही देख रही थी. अनु की चुन्चियों के अंदर भी जान आ चुकी थी जो मैं अच्छे से देख सकता था. लेकिन वो अभी चुद नहीं सकती थी क्यूंकि उसे डॉक्टर ने मना किया था. लेकिन डॉक्टर ने चूसन से तो मना हरगिज़ नहीं किया था और शायद यही सोच के अनु ने भी अपने गाउन को ऊपर किया. उसके बड़े दूध आज फुले हुए पेट के आगे काफी छोटे लग रहे थे. अनु मेरी और आई और मैंने अपने होंठो को उसके बूब्स पे लगा दिया. प्रेग्नन्सी की वजह से उसके बूब्स बड़े हो चुके थे और उसकी निपल्स भी भारी और चौड़ी हो चुकी थी. मैंने उसकी काली निपल को मुहं में डाल के चुसना चालु किया. अनु ने तब मौसमी के बूब्स को अपने हाथ में ले के उन्हें दबाया. मौसमी के मुहं से आह निकल रही थी और उसकी जबान बहार आके होंठो के ऊपर घूम रही थी. अब मैं दो होर्नी बहनों के साथ खड़ा था.

Antarvasna Hindi Sex Story  अपने पति को ब्रूटल सेक्स से खुश किया

अनु ने अब अपने एक हाथ को मौसमी के बड़े दूध पे रखा और उसका दूसरा यानी की लेफ्ट वाला हाथ मेरे लंड पे आ पहुंचा. उसने ज़िप खोले बिना ही लौड़े को हाथ से दबाया और मैं आह निकाल बैठा. उसने लंड को और भी जोर से दबाया और उसे मरोड़ने लगी. मैंने उसे आराम से लंड पकड़ने देने के लिए ज़िप खोल के अपनी पेंट को घुटनों तक निकाल दी. अंदर की चड्डी को अनु ने ही खिंच के रास्ते से हटा दिया. वो अब मेरे लंड को पकड के ऐसे सहला रही थी जैसे की मुठ मार रही हो. उधर मौसमी की साँसे भी अब और बढ़ चुकी थी. अनु उसके बूब्स को और भी जोर से दबा रही थी और उसे मजे दे रही थी.
मैं, बीवी और साली

अब अनु धीरे से निचे बैठी. उसने बैठते हुए अपने फुले पेट का बिलकुल ध्यान रखा. अब मेरा तना हुआ लौड़ा उसके बिलकुल सामने था. बिना किसी संकोच के अनु ने उस चोकोबर कैंडी को अपने मुहं में ले ली और उसे चूसने लगी. मेरा लंड सीधा उसके मुहं में घुस गया और मुझे एक अलग ही आनंद आया, बहुत दिनों के बाद मेरे हाथ के अलावा कुछ आनंद आया था. अनु ने लंड को मुहं में आधा ले लिया और वो उसके ऊपर अपनी जबान को घुमा के मुझे असीम सुख प्रदान करने लगी. मौसमी के बड़े दूध अब खाली थे जिनके उपर मैंने धावा बोल दिया. मैं उन बूब्स को जोर जोर से चूसने लगा. मौसमी के दूध अनु जितने ही बड़े थे. सिर्फ दो फर्क थे और वो यह की अनु के निपल्स बड़े थे और उसके बूब्स लचीले थे. जबकि मौसमी के दूध टाईट और छोटी निपल वाले थे. मौसमी उछल रही थी जैसे जैसे मैं अपने होंठो को उसके बड़े दूध पे कस रहा था. अब मैंने अपने दोनों हाथो को उसकी कमर पे लपेट दिया और उसे अपनी और भी करीब खिंचा. मौसमी की छाती पे ही सर रख के मैं उसे और भी जोर जोर से चूसने लगा.

Antarvasna Hindi Sex Story  मेरी माँ बनी मेरे बच्चे की माँ

मैं उसके बड़े दूध को छोड़ के कभी कभी उसके गाल और कंधे के ऊपर भी चुम्मे दे रहा था. उधर अनु ने लंड को कब से भी मुहं में पूरा भर लिया था और वो मुझे मुखमैथुन का एक अलग ही मजा प्रदान कर रही थी. अनु ने आजतक इतने सेक्सी तरीके से मेरा लंड नहीं चूसा था….! मौसमी भी काफी गरम हो चुकी थी, चुदने के लिए बिलकुल तैयार….!