मेरी गर्लफ्रेंड – Hindi love story

मेरी गर्लफ्रेंड – Hindi love story

मे ऑर्डिनरी सा लड़का हू वित ओवर ऑल ऑर्डिनरी थिंग्स थोडा गुड लुकिंग भी हू जैसा सब कहते है इसलिए मेरी गर्ल फ्रेंड तो भोथ बनी पर जयदा टाइम किसी के साथ चल नही पाया. आफ्टर कंप्लीटिंग मी ग्रॅजुयेशन ई स्टार्टेड वर्किंग इन आ पवत् कंपनी विच वाज़ डीलिंग वित गवर्नमेंट पड़ीॉजेक्ट्स अंडर विच ह्यूम डेली भोथ से लोगों से मिलना पड़ता था तो सॉल्व तेरे पड़ीॉब्लम्स ऑफ विच थे वर फेसिंग वही मेरी मुलाकात संजना से हुई संजना एक भोथ ह खूबसूरत लड़की थी गोरा रंग, लंबे बाल खूबसूरत चेहरा उस दिन जब मैने उसे पहली बार देखा तो देखता रहा था थोड़ी देर. वो प्याजमे न टॉप मे थी उसमे उसका शरीर अलग ह नज़र आ रहा था देखते हुए मे यही सोच रहा था की भगवान ने फ़ुर्सत से बाँया है इसे. फिर काम के चक्कर मे हमारी बातें आयेज बढ़ी मैने उसकी हेल्प की उसकी पड़ीाब्लम से बाहर आने मे. मुझे वो पसंद पहले दिन से ह थी तो मैने सोचा क्यो ना बात आयेज बढ़ने का ट्राइ करा जाए, अब तक हमारी बातें फोन पर ह हुई थी सिर्फ़ काम को लेकर, फिर एक दिन मैने उसे एक म्स्ग करा उसकी तरफ से म्स्ग आया “कों ? ”

मैने बतया मे राहुल हू आस वो मुझे जानती ह थी तो कोई जयदा पड़ीाब्लम नही हुई बात स्टार्ट होने मे.ढेरे धीरे बातें बढ़ती गयी ओर एक दिन मैने उसे म्स्ग मे ह पर्पस कर दिया, बुत संजना ना तो हाँ करा ना ना करा. आप तो जानते ह हो लड़कियो की आदत.

इसी तरफ बात चलती रही, चलती रही मैं हर बार पर्पस करता वो हर बार बात घुमा देती काफ़ी बार गुस्सा होना एक दूसरे को मनना फोन पर बात करना यही सब होठा.
लकिन हम अभी तक मिले नही थे, फिर एक दिन संजना ने मुझसे मिलने के लिए कहा मेट्रो स्टेशन पर, 4 महीने बाद वो मुझसे मिलने के लिए रेडी हुई थी हम दोनो ह काफ़ी एग्ज़ाइटेड थे मिलने के लिए.

फिर हम नेक्स्ट दे मिले तब मैने उसे दूर देखा, संजना एक भोथ ह प्यारी लड़की थी 20 साल की एज 5‚4 हाइट, खुले हुए लंबे बाल…खूबसूरत चेरा….प्यारी सी स्माइल. उस दिन उसने एक टाइट जीन्स न टॉप पहाँा हुआ था उसमे उसका फिगर भोथ ह कमाल लग रहा था, तब तक मैने उसे ग़लत नज़र से नही देखा था वैसे. बाद मे उसने मुझे बतया था की उसका फिगर 33-28-35 है. दोस्तो मे बता दु एक लड़की के अंडर मुझे सबसे ज़यादा अट्रॅक्टिव उसकी आस (गांड) ह लगती है. जीन्स के अंडर उसकी गांड भोथ ह सेक्सी लग रही थी, खेर उस दिन उसने मुझे देखा ओर वो मुझे ना नही कर पाई न हम दोनो की छो सी लव स्टोरी स्टार्ट हो गयी. स्लोली स्लोली हम मिलने लगे प्यारी प्यारी बातें करना भोथ अच्छा लगता था. संजना मेरी लाइफ की पहली लड़की थी जिस के साथ मैने इतना टाइम स्पेंड करा क्योकि लड़कियो के बारे मे थोडा अनलकी रहा हू किस्मत जयदा टाइम साथ नही रहाँे देती थी मुझे.

हम जब भी मिलते खूब एंजाय करते, पर अब तक हमने कभी एक दूसरे को टच तक नही करा था.

फिर एक दिन हम मूवी देखने गये, हॉल खाली था न हमारी रो न उसके आप्पर नीचे की दोनो रो भी खाली थी आस मूवी काफ़ी ओल्ड थी न बेकार भी थी. आस उ ऑल नो कपल्स मूवी देखने नही टाइम स्पेंड करने हटे है इसीलिए हमने वो मूवी चूज़ की थी. उस दिन पहली बार संजना ने मेरा हाथ आपने हाथ मे लिया, वो उसका हाथ भोथ ह सॉफ्ट था, हम एक दूसरे का हाथ पकड़ कर बातें कर रहे थे, हम दोनो का ये पहला एक्सपेरियेन्स था इतना पास आने के जिस ने हमारी बॉडी को काफ़ी गरम कर दिया था न फिर हाथ से हुमारी बाहें एक दूसरे से लिपट गयी थी ओर एक दूसरे की बाँहो मे हम समा गये.

Antarvasna Hindi Sex Story  दोस्त की बीवी के साथ सम्भोग

दिल की धड़कन भोथ ज़ोर से धड़क रही थी, शरीर गरम होकर ताप रहा था, मूह से शब्द नही निकाल रहे थे लाइफ के पहले बाँहो मे खो जाने के एहश्ास को हम एंजाय कर रहे थे. कुछ देर बाद हमने बाँहो मे ह एक दूसरे को देखा संजना का क्यूट सा चेहरा उसके गुलाबी हूठ काली आँकेह देखते देखते ह मैने उसे कहा “संजू….मी बेबी….ई लव योउ” न उसके रिप्लाइ मे संजना ने आपने गरम गुलाबी हूठ मेरे हूठो पर रख दिए ओर मुझे ओर कस लिया ओर हम अब एक दूसरे की बाँहो मे एक दम चिपक चुके थे. पास आते ह संजना के सॉफ्ट बूब्स का एहसास मुझे मेरे सीने पर हुआ…आपने आप ह हम दोनो एक दूसरे से के आगोश मे खोते जा रहे थे न हूठ जैसे सारा जूस पे जाना चाहते हो. वो किस आज भी मुझे याद है जिसे मे कभी नही भूल पौँगा, वो मीठा मीठा टेस्ट, वो बूब्स का सीने पर रग़ाद खाना ओर कोमल का सॉफ्ट गोरा बदन. धीरे धीरे हम दोनो के हूठ कब खुले पता ह नही चला ढयन आया तो मेरी जीभ संजना के हूठो के बीच मे थी न वो उसे भोथ ह प्यार से धहेयरे धीरे चूस रही थी. हाथ संजना की कमर पर घूम रहे थे उस दिन उसने जीन्स न टॉप पहाँा था, टॉप ढीला था कुछ न कपड़ा हल्का था उसका, जिसकी वजह से उसकी ब्रा की स्ट्रीप मे फील कर पा रहा था जो मुझे ओर एग्ज़ाइटेड कर रही थी. हम दोनो की साँसे भोथ तेज चल रही थी न किस करते करते मैने धीरे से आपने हाथ कमर से संजना के पेट पर लाया न वाहा उसे सहलाने लगा, संजना के हाथ मेरे सर पर, चेस्ट पर, न कमर पर घूम रहे थे, फिर मैने हाथ को थोडा ओर आयेज बढ़ाया तो वो संजना के बूब्स से टकराए, टकराते ह मे साँझ गया न आपने दोनो हाथो से एक एक बूब्स को आपने हाथो मे पकड़ लिया, बूब्स काफ़ी गरम हो रखे थे हार्ड भी. बूब्स पकड़ते ह संजना ओर पॅशनेट्ली किस करने लगी न मे धीरे धीरे उसके बूब्स को टॉप्स के आप्पर से दबाता रहा. पहली बार बूब्स हाथ मे लिए थे न वो पूरे हाथ मे आ भी नही पा रहे थे. कुछ देर आइसे ह दबाने के बाद एक हाथ को टॉप के अंडर डालना स्टार्ट करा तो संजना ने एक मेरा हाथ पकड़ लिया.

पर मैने दूसरे हाथ से उसके हाथ को हटाया ओर संजना ने आपना हाथ हटा लिया. हाथ टॉप के अंडर डालते ह संजना के कोमल पेट का एहसास मुझे मेरे हाथो पर हुआ, हाथ आप्पर बढ़ा कर मैने संजना के बूब्स को ब्रा के आप्पर से पकड़ लिया ओर दूसरे हाथ को भी टॉप के अंडर डालना शुरू कर दिया. अब दोनो हाथो से मे संजना के बूब्स दबा रहा था न संजना मुझे कस के आपनी बाँहो मे भींच रही थी. तन ई स्लोली एंटर्ड मी हॅंड्ज़ इनसाइड हेयर ब्रा न नंगे बूब्स को पकड़ते ह उन्हे प्यार से दबाने लगा. आसानी के लिए मैने संजना के बूब्स पर से ब्रा आप्पर कर दी न उन्हे दबा रहा था न हम दोनो उसको भोथ एंजाय कर रहे थे. कुछ देर दबाने के बाद मैने एक हाथ से संजू के टॉप को उठना स्टार्ट किया जिसे देख संजना सीट से पेछे सात गयी ओर आँकेह बेंड कर ली, उसका गोरा गोरा पेट ढेरे ढेरे पूरा नंगा हो गया न उसके नंगे बूब्स मेरी आँखो के सामने आ गये. आपने आप ह मेरे हूठ उसके बूब्स पर जाम गये न उसके नहीपल्स को मूह मे लेकर चूसना स्टार्ट कर दिया. वो एक भोथ ह सॉफ्ट एहसास था, संजू के बदन की माहेक आज भी मुझे यड है. तभी मूवी ओवर हो गयी न हम ने आपने कपड़े ठीक किए ओर बाहर आ गये. संजू मुझसे शर्मा रही थी, पर फिर थोड़ी देर बाद मुझे चिड़ते हुए बोलो की क्या घर मे दूध नही मिलता जो आज मूवी देखते देखते दूध याद आ गया ओर हम हंस पड़े. ओर फिर हम घर की तरफ चलने लगे सी, आज हम दोनो काफ़ी खुश थे याद कर करके उस पल को एक लेहायर से पूरी बॉडी मे दौड़ रही थी. हम जाने के लिए मेट्रो स्टेशन पौचे तो पता चला की जिस रूट से ह्यूम जाना है वाहा मेट्रो मे कुछ खरबी आ गयी है न सब लोग उतार कर टनेल मे से बाहर आ रहे है. इसलिए हमने फ़ैसला करा की बस से ह चलते है ओर हम बस मे चढ़ गये. स्टार्टिंग मे जयदा भीड़ नही थी न हम एक सीट के पास आ गये संजू को सीट मिल गयी न मे वाहा उसके साथ खड़ा हू था न हम एक दूसरे से बातें करते हुए मूवी हॉल मे हुए रोमॅन्स को याद कर करके एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा भी देते.

Antarvasna Hindi Sex Story  बहन को लंड से खेलना सिखाया

वो शाम का टाइम था जिस टाइम ऑफीस की चुतही होती है. देखते ह देखते पूरी बस भर गयी न सब लोग आपस मे चिपक गये. तभी दो ओल्ड लॅडीस हमारी सीट के पास आई जिन्हे देख कर संजू ने आपनी सीट उनमे से एक को ऑफर की दूसरी सीट पर ऑलरेडी एक ओल्ड अंकल बेठे थे. एक आंटी मेरे साइड म खड़ी हो गयी जिस से जगह ओर टाइट हो गयी. अब संजू खड़ी तो हुई पर उसे खड़े होने को जगह नही बना पा रःइ थी तो मे हल्का सा साइड हुआ न टेढ़ा होकर खड़ा हो गया जिस से संजना को हल्की जगह मिल गयी अब संजना के एक साइड मे न एक साइड मे वो ओल्ड लेडी थी. संजू का फेस मेरी तरफ था न हम दोनो एक दूसरे से बिल्कुल चिपके हुए थे. थोड़ी देर पहले हुए मूवी हॉल मे हुए हमारा रोमॅन्स की वजह से हम दोनो अभी तक गरम थे चिपकते ह मैने संजू को एक आँख मारी वो ओर मुझे देख कर मुस्कुरा उठी. उस बस स्टॉप से हमारा स्टॉप काफ़ी आयेज थे आप्पर से ऑफीस टाइम न्ड मेट्रो का ब्रेक डाउन भीड़ बढ़ती ह गयी ओर हम दोनो चिपके हुए खड़े थे अंधेरा हो रखा था मैने आपने दोनो हाथ संजू की कमर पर रख लिए न संजू ने भी आपने हाथ आइसे ह मेरी कमर पर रख लिए. संजू के बूब्स मेरी चेस्ट मे डब रहे थे जिस वजह से मेरा लंड खड़ा हो चुका था जो की संजू को भी साँझ आ चुका था क्योकि वो भी उसकी पेट ने नीचे न चुत के आप्पर वाले पार्ट पर लग रहा था जिसका उसने मुझे इशारे मे बतया स्माइल करके.

उस दिन आपने ऑफीस से सीधा संजना से मिलने गया था तो उस दिन मैने ट्राउज़र पहें न्यू एअर थी जो कुछ ढीली थी सो मैने नीचे हाथ लेजकर आपने लंड को आप्पर की तरफ़ हाथ करके अड्जस्ट कर दिया जिस से वो आप्पर की तरफ़ हो गया. संजू के बूब्स दबाने का मन मेरा फिर करने लगा था पर बूब्स जिस हाइट पर होते है वाहा ओपन्ली उन्हे टच करना बिना किसी की नज़र मे आए इंपॉसिबल होठा है. बस मे अंधेरा ह सही पर इतना अंधेरा भी नही होठा. तभी मेरे दिमाग़ मे संजू की गांड आई जो मेरी फेव थी पर जिसे कभी मैने चुया तक नही था. तो मैने स्लोली संजू की कमर से हाथ हटा कर पेछे की तरफ ले गया न उसकी गांड के ठीक आप्पर वाले हिस्से पर हाथ रोक लिए न संजू की तरफ देखा संजू साँझ गयी मे क्या चाहता हू उसने हेस्ट हू आपनी आँखो से मुझे हाँ मे इशारा किया ओर आपनी आँकेह बेंड कर ली, मैने धीरे से आपने हाथ नीचे की तरफ ले जाने शुरू करे ओर पूरा हाथ अब संजू की 35 की गांड पर थे जो की भोथ ह जयदा सॉफ्ट थी उसके गोल गोल मुलायम श्यूटर भोथ ह सेक्सी लगते थे मुझे जो आज मेरे हाथो मे थे. संजू आपनी आँकेह बेंड करके खड़ी थी न मे उसकी गांड का मुलायम एहसास ले रहा था. उसकी गांड एक भोथ ह अच्छी शेप मे थी जो किसी का भी ईमन दाग मगा सकती थी. फिर मैने धीरे से संजू की गांड की डरार पर आपने हाथो को घुमाया ओर उसे फील करने लगा, तभी मैने ओर आयेज बढ़ने की सोची न जीन्स के अंडर हाथ डालने लगा पर जीन्स काफ़ी टाइट थी न हाथ अंडर नही जा पा रहा था जिसका पता संजू को भी था न जिसे देख वो मुस्कुरा रही थी जिसे देख मैने कहा जान प्ल्स कुछ करो ना तो संजू ने मना किया ओर कहा की पेछे आंटी है उन्हे पता चल जाएगा जयदा हुआ तो जिसे मे भी साँझ गया न जेनस के आप्पर से ह संजू की गांड को सहलाने लगा.

Antarvasna Hindi Sex Story  माँ की जवानी की रसीली मिठास

आगले स्टॅंड जो आंटी सीट पर बेठी थी उन्हे उतरना था तो उन्होने आपने साथ वाली आंटी को जो संजू के पेछे थी उनसे कहा की वो बेठ जाए, एक आंटी के उठने से न दूसरी के बेठ्ने से संजू को घूमना पड़ा क्योकि संजू उन दोनो के बीच ह थी, अब संजू की गांड मेरी तरफ़ थी न घूमते ह संजू की गांड मेरे खड़े लंड पर टच हुई न उस एहसास ने मुझे पागल कर दिया जो संजना को भी फील हो गया था न वो घूमने लगी मेरी तरफ तो मैने संजू को आइसे ह रहाँे को कहा. अब तो मे मनो जन्नत मे पौच् चुका था मेरी ड्रीम गांड जिसके बारे मे सोच कर मे मूठ भी मार चुका था उसके बेच मे मैने आपना लंड लगया हुआ था. संजू भी आपनी गांड पेछे की तरफ करके मुझे ओर सता रही थी. मेरे पूरे लंड पर संजू की गांड चिपकी हुई थी. ओर मे हल्के हल्के झटके लगा रहा था न बस के झटके आपना काम अलग कर रहे थे. मेरा बस चलता तो उधर ह संजू की गांड मे आपना लंड डाल देता पर जगह ह आईसी थी फिर भी जितना हो सकता था मे संजू की गांड मे आपना लंड घुसाए जा रहा था. तभी मैने फील करा की मेरे लंड को ट्राउज़र के आप्पर से ह एक हाथ ने उसे पकड़ लिया ध्यान दिया तो वो संजू का हाथ था जो इस सब से काफ़ी एग्ज़ाइटेड हो चुकी थी. मैने भी आपना हाथ आयेज की तरफ ले जाकर संजू की गरम चुत पर जीन्स के आप्पर से ह हाथ रख दिया न उसे दबा दिया इस हर्क्ट से संजू पेछे की तरफ हुई न मेरा लंड उसने दबा दिया जिस से मेरा पानी चूत गया सारा कम पेंट पर न कुछ संजू के हाथ पर लग गया. उधर संजू भी कंट्रोल नही कर पाई न वो भी आपना पानी चोर बेठी. जब होश आया तो भर देखा तो हल्की हल्की बारिश हो रही थी. न स्टॉप आने ह वाला था हम आपने स्टॅंड पर उतार गये हम दोनो के पानी से हमारी ट्राउज़र न्ड जीन्स गीली हो चुकी थी जिसे बारिश के बूँदो ने छुपा लिया. वाहा से हम दोनो आपने आपने घर आ गये.

रास्ते भर मे उस दिन हुई सारी बातों के बारे मे सोचता रहा. घर पौच्ा तो संजू का म्स्ग आया हुआ था “एक्की…मी बेबी ई लव योउ सो मच”. उस रात मुझे 3 बार मूठ मारनी पड़ी तब जाकर मुझे नींद आई. आयेज हमारा रीलेशन कैसे आयेज बढ़ा ंक्षत् स्टोरी मे बताता हू. पहली बार लिख रहा हू पता नही आपको अच्छा लगा या नही पर आगली बार से ओर बेहतर करने की कोशिश करूँगा ओर बटुंगा मेरी ओर मेरी संजू की आयेज की प्यार की दास्तान.

मेरी गर्लफ्रेंड – Hindi love story