बड़ी बहन के साथ मजे की बात

हैल्लो दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम अली है और में अपने अम्मी, अब्बू और बड़ी बहन लाबा के साथ रहता हूँ। में इस वक़्त 20 साल का हूँ और ये बात आज से 2 साल पहले की है, जब में 18 साल का था और मेट्रिक कर चुका था। मेरी बहन मुझसे 3 साल बड़ी है और उस वक़्त वो 21 साल की थी और वो बायोलॉजी में पढाई कर रही थी। मेरी बहन बिल्कुल हिरोइन जैसी है। मैंने अपनी बहन को कभी सेक्स की नजर से नहीं देखा था और ना ही मेरी दिल में उसके साथ सेक्स की कोई इच्छा थी। उन दिनों एक फिल्म आई और इस तरह की फिल्म हमारी फेमिली में नहीं देखी जाती थी। फिर एक रात केबल वाले ने वो फिल्म लगा दी, तो मैंने टी.वी बंद कर दिया और सब अपने-अपने रूम में चले गये। मेरा और मेरी बहन का रूम एक ही है मगर बेड अलग-अलग है। भला हो उस मच्छर का, जिसके काटने की वजह से मेरी आँख खुल गई। उस वक़्त रात के 2 बज रहे थे तो तभी मैंने देखा कि मेरी बहन अपने बेड पर नहीं थी, तो में रूम से बाहर निकला तो मैंने देखा कि वो टी.वी चालू करके वो फिल्म देख रही थी। उस वक़्त फिल्म का आखरी चल रहा था। अब में हैरान रह गया था कि मेरी बहन ऐसी है।

फिर में अपने बेड पर आकर लेट गया, लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी और यही सोच रहा था कि मेरी बहन भी कितनी ख़राब है? तो तभी इतने में वो अपने बेड पर आकर लेट गई। अभी में हैरानी से बाहर भी नहीं निकला था कि एक और हैरतअंगेज सीन ने मेरे होश उड़ा दिए। अब मेरी बहन अपने बेड पर उल्टी लेटकर हिल रही थी, तो पहले तो मैंने नोटीस नहीं किया और फिर थोड़ी देर के बाद ध्यान से देखा तो पता चला कि वो तो मज़े ले रही है। अब वो अपने हिप्स हिला रही थी और फिर अपनी सलवार में अपना एक हाथ डाल दिया और फिर अपने हिप्स आगे पीछे हिलाने लगी। अब मेरी आँखें फटी की फटी रह गई थी। खैर में काफ़ी थका हुआ था इसलिए में पूरा सीन नहीं देख सका और ना जाने कब मुझे नींद आ गई? मुझे पता भी नहीं चला। फिर उस दिन के बाद से मैंने अपनी सेक्सी बहन को नोटिस करना चालू कर दिया, उसका फिगर वग़ैराह जब वो झाड़ू लगाने के लिए झुकती थी तो इतनी प्यारी क्लीवेज नजर आती थी कि वो किसी हिरोइन से कम होगी। फिर मैंने उससे फ्री होना शुरू किया, मतलब ये कि फ्री तो हम पहले भी थे, लेकिन में उसके और पास हो गया और उससे हर बात शेयर करने लगा।

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अब हम दोनों रात को अपनी-अपनी बातें एक दूसरे से शेयर करते थे और हँसी मज़ाक में धक्का मारना, सिर पर थप्पड़ लगाना, गुदगुदी करना वग़ैराह, तो कई बार गुदगुदी करते-करते मेरा हाथ उसके बूब्स से टच हुआ और में भी बगैर अंडरवेयर के उसके साथ उसको गुदगुदी करता। फिर वो भी मुझे गुदगुदी करती और उसका हाथ मेरे लंड से कई बार टकरा चुका था। बस यही चीज तो में चाहता था कि मेरी बहन ये जान जाए कि में सिर्फ़ उसका भाई नहीं बल्कि एक आम लड़का हूँ और मेरे पास भी वो औजार है जो लड़कियों को शांत कर देता है।

फिर एक रात हम दोनों बातें करते-करते सो गये। फिर थोड़ी देर के बाद मुझे बेड हिलने की आवाज़ आई तो मैंने देखा कि मेरी बहन पहले की तरह अपनी चूत सहलाकर मज़े ले रही थी। फिर मैंने दूसरी तरफ अपना मुँह किया और उल्टा लेट गया और मैंने भी बेड के ऊपर ज़ोर-ज़ोर से हिलना और धक्के देना शुरू कर दिया, तो बेड हिलने की आवाज़ से वो रुक गई और शायद मेरी तरफ पलटकर देखने लगी। अब मेरा मुँह उसकी दूसरी साईड में था इसलिए मैंने उसे नहीं देखा था कि वो अब क्या कर रही है। फिर में अपना लंड पकड़कर सहलाने लगा और बेड पर झटके देने लगा। अब मुझे उसे सिर्फ़ ये दिखाना था कि में भी उसकी तरह गर्म हूँ।

फिर अगले दिन में जानबूझकर उसके करीब-करीब रहने लगा ताकि मुझे मौका मिले तो में उसकी क्लीवेज देख सकूँ और उसे टच कर सकूँ। अब में यह सब उसे ये जताने के लिए कर रहा था कि उसे ये अहसास हो की मेरी उसमें दिलचस्पी है। अब पहले तो वो दुप्पटा गिर जाने पर फिर से उसे सही कर रही थी, लेकिन फिर उसने अपना दुप्पटा भी हटा दिया, जिससे मुझे उसकी क्लीवेज देखने का और मौका मिल गया। अब मुझे भी ये अहसास होने लगा था कि ये भी मुझे अपनी बॉडी और फिगर दिखना चाहती है। अब उस रात भी वो फिंगरिंग कर रही थी और अपने हिप्स हिला-हिलाकर मज़े ले रही थी, उसकी पीठ मेरी तरफ रहती थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

अब में आपको यहाँ बताता चाहता हूँ कि मेरे बेड और उसके बेड में थोड़ा सा ही फासला है और अगर में अपने बेड के आखरी पर आकर उसे टच करने की कोशिश करूँ तो मुश्किल से सही, लेकिन टच हो जाएगा। अब उस वक़्त मुझसे सब्र ही नहीं हो रहा था और फिर मैंने अपना एक पैर उसके हिप्स से लगा दिया, तो वो तुरंत रुक गई और मेरी तरफ देखने लगी, तो में सोने का नाटक करने लगा। फिर उसने थोड़ी देर के बाद मेरा पैर अपने हिप्स से हटा दिया और फिर हम सो गये। अब अगली सुबह वो मुझे बहुत ही अजीब सी निगाहों से देख रही थी। फिर में उसके पास गया और उसे गुदगुदी करने लगा तो वो भी पलटकर मुझे गुदगुदी करने लगी। फिर मैंने उसका एक हाथ पकड़कर अपने लंड से टच करवाया तो उसने अपना हाथ हटा दिया और ऐसा बर्ताव किया कि जैसे में उसे सिर्फ़ गुदगुदी करने से रोकना चाह रहा था। फिर अगली रात में नींद में था कि अचानक से मेरी आँख खुली तो मुझे महसूस हुआ कि कोई भारी चीज मेरे लंड के ऊपर रखी हुई है तो मैंने देखा तो पता चला कि वो मेरी बहन का पैर था।

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अब में हैरान रह गया था कि ये भी मेरे लंड में दिलचस्पी ले रही है। अब मेरा लंड खड़ा हो चुका था और में बहुत गर्म हो रहा था। फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके पैर को अपने लंड पर रगड़ना शुरू कर दिया। फिर मैंने सोचा कि अगर मेरा पानी निकल गया, तो उसका पैर गंदा हो ज़ाएगा, इसलिए मैंने बाथरूम में जाकर मुठ मार ली। अब इससे मुझे ये तो पता चल गया था कि आग दोनों तरफ लगी हुई है। अब दोपहर के वक़्त अब्बू ऑफिस में होते है और हमारी अम्मी स्कूल में टीचर है, तो वो स्कूल में होती है। मेरी बहन यूनिवर्सिटी से 2 बजे तक वापस आ जाती है और उन दिनों मेरी मेट्रिक के बाद छुट्टियाँ थी तो दोपहर के वक़्त में और मेरी बहन घर में अकेले होते है। अब उस दिन मैंने सोच लिया था कि बेटा आज तो कुछ ना कुछ करके ही रहना है। फिर मैंने एक कंडोम का पैकेट खरीद लिया और उसका घर आने का इंतज़ार करने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद वो घर आ गई और फिर उसके बाद वो नहाई और फिर खाना खाकर पढ़ने लगी। तो में उसको छेड़ने लगा, तो वो मुझे मज़ाक में मारने के लिए मेरे पीछे रूम तक आई। अब मैंने पहले से ही रूम के खिड़की और पर्दे बंद किए हुए थे। फिर मैंने उसे गुदगुदी करना शुरू कर दिया तो वो हँसते-हँसते बेड पर गिर गई, तो में उसके ऊपर चढ़कर बैठ गया। अब इस तरह की हरकतों में मेरा लंड उसकी चूत से टकराने से खड़ा हो चुका था। फिर में उसे गुदगुदी करने लगा और उसका एक बूब्स दबा दिया। फिर मैंने उसका चेहरा अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया तो उसने कहा कि तुम ये क्या कर रहे हो? फिर मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया तो उसने मुझे हटा दिया। फिर पहले तो में डर गया कि वो नाराज हो ज़ाएगी, लेकिन फिर उसके चेहरे पर स्माइल देखकर में समझ गया कि वो अब बोतल में उतर चुकी है।

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फिर उसने कहा कि ये सही नहीं है, तुम ये क्या कर रहे हो? हम दोनों भाई बहन है। फिर मैंने उससे कहा कि देखो तुम एक लड़की हो और में एक लड़का हूँ, हमारी कुछ सेक्स कि इच्छा होती है, क्या तुमने कल मेरे लंड पर अपना पैर नहीं रखा था? और फिर मैंने मुस्कुराते हुए उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उसके होंठो को चूसने लगा और अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा। फिर उसने कहा कि अपना लंड पकड़वाओ। फिर मैंने तुरंत अपनी पेंट उतारी और अपना लंड उसके हाथ में दे दिया तो वो मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, उफफफ्फ कितना मज़ा आ रहा था? फिर मैंने उससे कहा कि 1 मिनट रूको अपनी कमीज उतारो। फिर उसने अपनी कमीज और ब्रा उतार दी और फिर से मेरा लंड चूसने लगी। अब में उसके बूब्स दबा रहा था। फिर मैंने अपनी शर्ट उतार दी और उससे उसकी सलवार उतारने को कहा तो उसने झट से अपनी सलवार उतार दी। अब में ज़िंदगी में पहली बार किसी लड़की को नंगा देख रहा था।

फिर उसने अपनी पेंटी उतारी और फिर से मेरा लंड पकड़कर अपने मुँह में अंदर बाहर करने लगी। अब मेरी इच्छा बढ़ रही थी तो मैंने सोचा कि अगर इतनी जल्दी पानी निकल गया तो मज़ा नहीं आएगा। फिर मैंने उसका मुँह अपने लंड से हटाया और अलमारी से कंडोम का पैकेट निकाला और एक कंडोम अपने लंड पर चढ़ा लिया। अब वो समझ गई थी की में क्या करना चाह रहा था? फिर जब में कंडोम पहनकर उसकी तरफ पलटा तो वो बेड पर लेटी हुई अपनी चूत में उँगलियाँ कर रही थी। फिर में उसके ऊपर आया और फिर अपनी पोज़िशन ली और फिर आहिस्ता-आहिस्ता अपना लंड उसकी चूत में अंदर करने लगा तो उसके मुँह से दर्द की वजह से हल्की-हल्की आह, आह की आवाजे निकलने लगी। फिर जब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में अंदर अंदर चला गया तो मैंने अपना लंड बाहर निकालकर फिर से अंदर किया और फिर बाहर निकाला, फिर अंदर किया और इस तरह से झटके देने लगा और फिर अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा और उसे किस करने लगा।

फिर थोड़ी देर के बाद मुझे अचानक से ऐसा लगा कि उसकी चूत सिकुड़ रही है और फिर मेरा पानी निकल गया और उसका भी पानी निकला और हम दोनों शांत हो गये और ऐसे ही एक दूसरे से चिपककर सो गये। फिर इस तरह से मेरा पहला सेक्स अनुभव मेरी अपनी बड़ी बहन के साथ हुआ ।।